Shaam ke Baad

शाम के बाद | Shaam ke Baad

शाम के बाद

( Shaam ke Baad )

 

हर शाम के बाद
फकत अंधेरा ही नहीं होता
पूनम का उजाला और प्रभात का
भोर भी होता है
आप बस सफर तय करते रहिए

ठहर जाने पर दूरी तय नहीं होती
भटक कर भी राह मिल ही जाती है
लोग मिल ही जाते हैं
मुकाम तक पहुंच ही जाते हैं

आपकी अपनी मानसिकता ही
तय कर देती है हर बाधा
पूर्णता तो तभी मिलती है
जब आप और भरते हैं आधा

आप बिल्कुल खाली नहीं हैं
विश्वास की कमी ने ही रोक रखा है आपको
हर किसी ने पार की है यही दूरी
कैसे मान लिए की कुछ नहीं कर सकते

आप पहचानिए स्वयं को
समझिए खुद को
अकेले आप कभी रहे ही नहीं
साथ की पहचान से अनभिज्ञ रहे हो

उठो और बढ़ो, आप पूर्ण हो सकते हैं
क्योंकि शाम के बाद अंधेरा ही नहीं होता
पूनम का उजाला और भोर का प्रभात भी होता है

 

मोहन तिवारी

( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

समझदारी | Samajhdari

Similar Posts

  • बस्ता | Kavita Basta

    बस्ता ( Basta )   पीठ पर लादे गोवर्धन-सा बड़ा बस्ता दीखे गिरिधर आ रहे हैं श्यामसुंदर चढ़ रहे वे सोपान शिक्षा के डगमगाते पांव पतले कांपते-हांफते तीसरी में ही ग्ए बन गए हैं फायियान ढ़ो रहे – संसार भर का ज्ञान पूरी पढाई कर निकले जब स्कूल से बन गए हैं बोनसाई शेखर कुमार…

  • हे राम | Hey Ram

    हे राम! ** कर जोड़ करूं तेरा वंदन, हे रघुनंदन ! हे रघुनंदन। दशरथ-कौशल्या के नंदन, तीनों लोक करे तेरा वंदन; महादेव इन्द्र ब्रह्मा भी करें पूजन। अतातायियों के हो संहारक, सतपथ के हो सृजन कारक। दुष्ट पापियों के हो काल, दशानन के हमने देखें हैं हाल। लंका जलाकर खाक किए, विभीषण राज्य स्थापित किए।…

  • अमेरिका को मिला नया राष्ट्रपति!

    अमेरिका को मिला नया राष्ट्रपति! ****** धन्य अमेरिका, धन्य अमेरिकी जनता.. नफ़रत के ऊपर चुना सद्भावना! कुछ यही है कहता- बाइडेन का चुना जाना। देखिए क्या आगे है होता? 46 लें राष्ट्रपति के रूप में 77 वर्षीय बाइडेन चुने गए हैं, छह बार सिनेटर भी रह चुके हैं। जो डेमोक्रेटिक पार्टी के थे उम्मीदवार, जिनपर…

  • आना किसी दिन | Aana kisi din | love poetry in Hindi

    आना किसी दिन ( Aana kisi din )   किसी दिन आना और पास आकर दिल से पूछना… कि दोस्त……. क्या रंज है तुम्हें…..? नाराज़ हो क्या….? किस बात से ख़फ़ा हो…..? मुझसे रुसवा क्यूँ हो…….? अब तुम दूर से पूछोगे तो सब ख़रीयत ही बताएँगे न……. सब सकुशल ही कहेंगे न……… अब दूर से…

  • Kavita | जंग लगी हो गर लोहे में तो ताले नहीं बनाते

    जंग लगी हो गर लोहे में तो ताले नहीं बनाते ( Jang Lagi Ho Gar Lohe Mein To Tale Nahin Banate )   जंग लगी हो गर लोहे में तो ताले नहीं बनाते  गरीब गर गरीब है तो लोग रिश्ते नहीं बनाते   जर्जर हो गर बुनियाद तो मीनारें रूठ जाती हैं सुखे हो गर…

  • कर्म

    कर्म राहें चाहे जितनी कठिन हों,मैं चलना जानता हूँ,तेरे साथ की उम्मीद में,मैं हर मंजिल पाना जानता हूँ। कर्म ही मेरा साथी है,पर तेरी याद भी संजीवनी है,हर कदम पर तुझे पाने की आशा,मेरे सम्पूर्ण जीवन की कथनी है। मेरे सपनों में बस तू है,पर मेहनत से है मिलन का रास्ता,क्योंकि कर्म के बिना अधूरा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *