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बहुत मुश्किल है जिंदगी में | Geet Bahut Mushkil hai

बहुत मुश्किल है जिंदगी में

( Bahut Mushkil hai Zindagi Mein )

नैया लेकर चल रहे हैं,
धार में छोड़ कर जाएंगे
क्या भरोसा इनका है कि
डूबते को पार लगायेंगे ।

अपना दाना पानी इनका
किसी बहाने चलता है
कोई फटे वस्त्र में रोता
इनका वस्त्र बदलता है
मांझी से पूछेगा कौन
क्या घर,- बार डुबाएंगे।।

नागराज और सिंहराज में
जमकर दोस्ती चलती है
मत पूछो दोनों की कैसी
कैसी कैसी मस्ती चलती है
साध बैठे सभी हैं मौन।
कितनी दीवार गिराएंगे।।

तेज हवा आँधी है भाई
खाकर चक्कर गिर जाओगे
बहुत मुश्किल है जिंदगी में
कैसे बदल तस्वीर पाओगे
हरे भरे सूख रहे सागौन
कितने देवदार जलाएंगे।।

Vidyashankar vidyarthi

विद्या शंकर विद्यार्थी
रामगढ़, झारखण्ड

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