गुरूदेव नमन | Gurudev Naman

गुरूदेव नमन

( Gurudev Naman )

तेरे चरणों में मेरा, सब कुछ अर्पण।
गुरुदेव नमन, गुरुदेव नमन।।

तुमने सधाया मेरा बावरा मन।
देकर ब्रह्म का सूक्ष्म ज्ञान।
पल में खोल दिए, मेरे नयन।
रखना मुझको, नित अपनी शरण।
गुरुदेव नमन, गुरुदेव नमन।।

तुम हो मेरे मन की ज्योति।
तुमने ही किए कंकर मोती।
अंधकार में डूबा था मन।
तुमसे ही मिले, अनमोल वचन।
गुरुदेव नमन, गुरुदेव नमन।।

तुम ही मेरे परमेश्वर हो।
सेवा में रहूँ सदा, ऐसा वर दो।
राह दिखाओ, प्रभु से मिलाओ।
भटके न कभी मेरा ये मन।
गुरुदेव नमन, गुरुदेव नमन।।

जब जब जन्मू, साथ तेरा रहे।
सिर पर हरदम तेरा हाथ रहे।
व्यर्थ है काया, व्यर्थ है माया।
सबसे पावन तेरे चरण।
गुरुदेव नमन, गुरुदेव नमन। ।

चंद्रकला भरतिया
नागपुर महाराष्ट्र.

यह भी पढ़ें :-

संकटमोचन हनुमान | Kavita Sankatmochan Hanuman

Similar Posts

  • पाठशाला | Pathshala kavita

    पाठशाला ( Pathshala )   जीवन की है पाठशाला भरा पूरा परिवार सद्भावो की पावन गंगा बहती मधुर बयार   शिक्षा का मंदिर पावन गांव की वो पाठशाला सदा ज्ञान की ज्योत जलाते ले अंदाज निराला   पाठशाला में पढ़ाई कर कितने विधायक हो गए भाग दौड़ भरी दुनिया जाने कही भीड़ में खो गए…

  • तर बतर. | Tar Batar

    तर बतर. ( Tar batar )    घुल जाने दो सांसों मे सांसे अपनी यूं ही ये जिंदगी तर बतर हो जाए तेरी बाहों के आलिंगन मे रहूं सदा तेरे साए मे जिंदगी बसर हो जाए न खौफ जमाने का सताए मुझे न कभी दूर तू जाए मुझसे धड़कते रहें यूं ही दिल हरदम शिकवा…

  • आज भी बेटियाँ | Kavita Aaj Bhi Betiyan

    आज भी बेटियाँ ( Aaj Bhi Betiyan )   सिल बट्टा घिसती है, खुद उसमे पिसती है, बूँद बूँद सी रिसती है, मगर फिर भी हँसती, आज भी बेटियाँ गाँव शहर में….!! नाज़ो से पलती है, चूल्हे में जलती है, मनचाही ढलती है, फिर भी ये खलती है, आज भी बेटियाँ गाँव शहर में ….!!…

  • मैं अपना | Main Apna

    मैं अपना ( Main Apna )    मैं अपना सर्वस्व लुटा दूँ. फिर भी तुम्हारी नजर में नहीं आऊँगा क्योंकि तुम्हारी निरपेक्षता केवल जिहवा पर आती है. तुम बहुत ही माइनर हो, तुमने रचकर छद्म मकड़जाल इसीलिए लोगों को शिक्षा से वंचित किया, जिससे तुम मिटाकर सारी वास्तविकता इतिहास से बता सको दुनिया को नहीं…

  • प्रथम महिला प्रधानमंत्री | Poem in Hindi on Indira Gandhi

    प्रथम महिला प्रधानमंत्री ( Pratham mahila pradhanmantri )    बचपन में पुकारते इन्दु प्रियादर्शिनी के नाम, श्री मती कमला नेहरू इनकी माता का नाम। श्री जवाहरलाल नेहरू की एक मात्र सन्तान, अनेंक उपलब्धियाॅं आपने की है अपने नाम।। आज भी मुॅंह बोलते आपके किये हुऍं काम, प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गाॅंधी महान। असहयोग आन्दोलन में…

  • पगडंडी | Hindi kavita

    पगडंडी ( Pagdandi )   पगडंडी वो रस्ता है, जो मंजिल को ले जाती है। उबड़ खाबड़ हो भले, मन को सुकून दिलाती है।   शहरों की सड़कों से ज्यादा, प्यारी लगे पगडंडी। प्रदूषण का नाम नहीं है, बहती हवा ठंडी ठंडी।   पगडंडी पर प्रेम बरसता, सद्भावो की धारा भी। हरी भरी हरियाली से,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *