बोल नहीं जुटेंगे उनके
बड़ा झोल है मन में उनके
संरक्षण में पलने वाले
मौका खोजते कब भड़ास निकालें?
बारी जब विपक्ष की हो!
सत्ता पक्ष आते ही,
कैसे छिपा लें?
कैसे दबा दें?
नमक का कर्ज जल्द कैसे चुका दें?
भाव सदा रखें यही
चीख चीखकर कहें यही
ढ़ूंढ़ते बहाने हजार
चाहे चल जाए लाठी तलवार
नहीं रह गये अब निष्पक्ष-
जो कहलाते थे पत्रकार।
लोकतंत्र में मचेगा हाहाकार
जब चौथा खंभा ही करने लगेगा व्यापार
तो सोचों!
फिर बचेगा क्या यार?
राह-ए-इश्क ( Rah-E-Ishq ) उसकी पलकों के ओट से हया टपकती है, फिर भी देखो वो मौज-ए-बहार रखती है। दाना चुगने वाले उड़ते रहते हैं परिन्दे, क्या करे वो बेचारी तीर-कमान रखती है। शाही घरानों से नहीं हैं ताल्लुकात उसके, आसमां कीे छोड़, जमीं भी महकती है। दोष उसका नहीं, ये दोष है जवानी…
छठ पूजा ( Chhath puja ) ऐसे मनाएं छठ पूजा इस बार, हो जाए कोरोना की हार। सामूहिक अर्घ्य देने से बचें, कोरोना संक्रमण से सुरक्षित हम रहें। किसी के बहकावे में न आएं- अपने ही छत आंगन या पड़ोस के आहर तालाब में करें अर्घ्य दान सूर्योपासना का पर्व यह महान मिले मनोवांछित संतान…
आकांक्षा ये भी कर लूं वो भी कर लूं,आकांक्षाएं अनगिन पाली।उधर नियति का क्रूर चक्र है,कोई बजा रहा है ताली। कर्मकाल सब है निश्चित फिर,जो भी करना, लग, कर जाओ।फल तो ऊपर वाला जाने,बस अपना कर्तव्य निभाओ। फिर भी याद रहे बस इतना,दिल ना दुखे किसी का भाई।ऐसा कोई काम करो ना…दिख जाए प्रभु की…
स्वच्छता ( Swachchhata : Kavita ) १.स्वच्छ भारत अभियान का समर्थन करो | गंदगी को साफ करो,स्वच्छ भारत का निर्माण करो || २.किसी एक के बस की बात नहीं,सबको मिलकर चलना होगा | इतनी अटी गंदगी को साफ हमें ही करना होगा || ३.अवैतनिक काम है ये,अद्रस्य रुप से करना है |…
मैं आऊंगा दोबारा ( Main Aaunga Dobara ) ये गांव ये चौबारा मैं आऊंगा दुबारा चाहे सरहद पे रहुं या कहीं भी रहूं पहन के रंग बसन्ती केसरिया या तिरंगी पगड़ियां मैं आऊंगा दुबारा के देश मेरा है प्यारा सिर मेरे कफ़न दिल में है वतन लाज इसकी बचाने हो जाऊंगा हवन…
क्या तुम किसान बनोगे ? ( Kya Tum Kisan Banoge ? ) जब भी छोटे बच्चों से पूछा जाता है- कि तुम बड़े होकर क्या बनोगे ?… सब कहते हैं कि हम बड़े होकर- डॉक्टर, वकील, इंजीनियर , शिक्षक या व्यापारी बनेंगे । परंतु कोई ये नहीं कहता कि हम बड़े होकर किसान बनेंगे ;…