बोल नहीं जुटेंगे उनके
बड़ा झोल है मन में उनके
संरक्षण में पलने वाले
मौका खोजते कब भड़ास निकालें?
बारी जब विपक्ष की हो!
सत्ता पक्ष आते ही,
कैसे छिपा लें?
कैसे दबा दें?
नमक का कर्ज जल्द कैसे चुका दें?
भाव सदा रखें यही
चीख चीखकर कहें यही
ढ़ूंढ़ते बहाने हजार
चाहे चल जाए लाठी तलवार
नहीं रह गये अब निष्पक्ष-
जो कहलाते थे पत्रकार।
लोकतंत्र में मचेगा हाहाकार
जब चौथा खंभा ही करने लगेगा व्यापार
तो सोचों!
फिर बचेगा क्या यार?
साफ सुथरा शहर को बनाया करो ( Saaf suthra shahar ko banaya karo ) साफ सुथरा शहर को, बनाया करो। आज प्रॉमिस डे में हमसे, वादा करो।। छोड़िए न सड़क पर, आवारा इन्हें अपने पशुओं को घर में ही पाला करो।। पूजते हो जिसे मां के जैसा ही तुम , गंदगी कर नदी को…
बचपन का प्यार भूल नहीं जाना रे ( Bachpan ka pyar bhul nahi jana re ) मेरे अंश मेरे ख़ून तुम याद सदा ही रखना रे, तुम बचपन का प्यार मेरा भूल नही जाना रे। तेरे जन्म के खातिर कोई मन्दिर ना छोड़ा रे, मस्जिद चर्च गुरुद्वारों के भी चक्कर काटे रे।। तेरे लिए…
देव भूमि की सैर ( Dev bhoomi ki sair ) यूं ही नहीं बसती जिंदगानी यहां, यूं ही नहीं समाती बर्फ की आगोश में वादियां। यूं ही नहीं लुभाती सैलानियों को जन्नत की घाटियां। कुदरत भी सफेद चादर सी बिछा देता है उनके आगमन में, कुछ तो बात है मेरे उत्तराखंड में, कुछ तो…
मिल जाए जो साथ तुम्हारा ( Mil jaye jo sath tumhara ) मिल जाए जो साथ तुम्हारा गीत तराने गाता रहूं थोड़ा तुम भी मुस्का दो थोड़ा मैं भी मुस्काता रहूं मिल जाए जो साथ तुम्हारा गीतों का गजरा बनो कविता की मधुर फुहार सांसो की सरगम में आओ भावन बहती बयार खुशबू…
“कनक” ( Kanak ) ✨ –>कनक कनक पर कौन सा….. ✨ 1.एक कनक मे मादकता, एक मे होए अमीरी | एक कनक मे मद चढे, एक मे जाए गरीबी | नाम कनक के एक हैं, अर्थ द्वि-भाषी होता | एक कनक धतूरा होता, दूजा सोना होता | ✨ –>कनक कनक पर कौन सा….. ✨…
तेवर ( Tevar ) शिकायत होने लगी है उन्हें, मेरी हर बात पर हमने भी मान लिया, बेबात की बात में रखा क्या है गरज थी तब, मेरी हर बात थी उनके सर माथे पर, अब तो कह देते हैं बात में ऐसा रखा क्या है दौलत ही बन गया पत्थर पारस ,अब जमाने…