दिल-ए-नादान दिले नादान तुझे कहीं का रहने न दिया। ये कौन जाग जाग कर हमें सोने न दिया।। मुद्दतों बाद नज़र आयी थी बहार मुझे, बज्म में राज खुल जाने का डर रोने न दिया।। लोग नहला धुला के कब्र तक पहुंचा आये, मेरे घर में मुझे कुछ देर भी रहने…
कौन हूँ मैं? ( Kaun hoon main kavita ) सहमी सहमी कमजोर नहीं हूं भीगी भीगी ओस नहीं हूं आसमान पर उड़ने वाली चंचल चितवन चकोर नहीं हूँ कोमल कच्ची डोर नहीं हूं अनदेखी से उड़ने वाली शबनम सम छोटी बूँदों जैसी खुशबू भीनी हिलौर नहीं हूं कुछ जुमलों से डर जाउंगी…
है शान निराली भारत की ( Hai shaan nirali Bharat ki ) है शान निराली भारत की हर चीज है प्यारी भारत की बलिदान दिया हर सैनिक ने तकदीर सवारी भारत की हर कोई उल्फ़त से बोले मीठी है बोली भारत की अबला न समझ तू अब उसको सबला है नारी भारत की राशन…
व़क्त मिले तो आँखों से आँखें मिलाना तू कभी ( Waqt mile to aankhon se aankhen milana tu kabhi ) व़क्त मिले तो आँखों से आँखें मिलाना तू कभी ! खीर खाने प्यार की तू मेरे घर आना तू कभी प्यार के तू बांटना हर शख़्स को गुल देखले साथ नफ़रत का नहीं…
आओ चले योग की ओर ( Aao chale yoga ki ore ) आओ चले योग की ओर आओ चले योग की ओर तन मन अपना चंगा होगा सेहत रहेगी सिरमौर व्याधि बीमारी महामारी हाई-फाई हो रही भारी शुगर बीपी का मचे शोर आओ चले योग की ओर संतुलित सुखकर्ता जीवन में हर्ष…
मै मुजरिम हू ( Main Mujrim Hoon ) मै मुजरिम हू मुझे सजा दो मै बीमार हू मुझे दवा दो कुछ नही इल्जाम तुम लगा दो सजा कम लगे तो फांसी चडा दो मै दर्द ए मोहब्बत मै हू तुम कहो तो मै बता दू एक कतरा जो आंखो से नही रवा हुआ तुम कहो…