Aarzoo love shayari

आरजू तेरी बरकरार रहे | Aarzoo love shayari

आरजू तेरी बरकरार रहे

( Aarzoo teri barkarar rahe ) 

 

आरजू तेरी बरकरार रहे बरसता सदा तेरा प्यार रहे
खुशियों भरा संसार रहे यश कीर्ति वैभव अपार रहे
आरजू तेरी बरकरार रहे

 

उर उमंगे आ जाए होठों पर मुस्काने सजा जाए
बजने लगे तार दिलों के संगीत सुहाना छा जाये
पग पग विजय हर बार हो आनंद प्रेमरस प्यार रहे
कलम की पैनी धार रहे जीत सदा ही उपहार रहे
आरजू तेरी बरकरार रहे

 

जीवन सुखसागर बन जाए जग में अपनापन पाए
चाहे तलवारे तन जाए मौसम खुशी का बन जाए
प्यार लुटाता हर बार रहे खुशियां तेरे घर बार रहे
वीणा के बजते तार रहे सुंदर स्वर लय धार रहे
आरजू तेरी बरकरार रहे

 

फूलों की महकती पुरवाई बहारें उर आंगन में छाई
मालूम नहीं तुझको भी घड़ियां सुख की भरी आई
तेरे गीतों मे रसधार रहे झरते मोती सुख सार रहे
अपनों का नेह पा रहे प्रेम सुधा रस प्यार रहे
आरजू तेरी बरकरार रहे

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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