Aisi Koi Sarkar

ऐसी कोई सरकार आ जाये | Aisi Koi Sarkar

ऐसी कोई सरकार आ जाये

हमारे मुल्क में ऐसी कोई सरकार आ जाये
सभी के हाथ में अच्छा सा कारोबार आ जाये

खुली सड़को पे पीते हैं शराबी बोतलें लेकर
इलाक़े का भला ऐसे में थानेदार आ जाये

वबा की मार से हर रोज़ ही इंसान मरते हैं
करोना की दवा इस बार तो दमदार आ जाये

वगर्ना ग़म के सागर में किसी दिन डूब जायेंगे
कहानी में ज़रूरी है नया किरदार आ जाये

दुआएं माँ की उस लम्हा भी मेरे साथ रहती हैं
भले तूफान में कश्ती मेरी मझधार आ जाये

बहारें मस्त हैं चारों तरफ़ हैं वादियाँ महकी
मज़ा हो तब अगर ऐसे में अपना यार आ जाये

वो अक्सर रूठ जाता है ख़मोशी ओढ़ लेता है
मनाने को उसे करना मुझे मनुहार आ जाये

चुनावी डियुटियों में हम लगा दें मंत्री सारे
वबा के दौर में गर हाथ में सरकार आ जाये

हमेशा भूख से लड़ते ही देखा काश अब साग़र
रईसों की सफ़ों में देश का फ़नकार आ जाये

Vinay

कवि व शायर: विनय साग़र जायसवाल बरेली
846, शाहबाद, गोंदनी चौक
बरेली 243003

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