Aitbaar Shayari

ऐतबार रखना तू | Aitbaar Shayari

ऐतबार रखना तू

( Aitbaar rakhna tu )

 

ज़रा दिल मेरी तरह बेक़रार रखना तू ?
वफ़ा मुहब्बत में ही इंतिज़ार रखना तू

कभी शक करना नहीं वफ़ा मुहब्बत पर
वफ़ाओ पर उम्रभर ऐतबार रखना तू

परायी करना नहीं तू मुझे दिल से अपने
बसाकर दिल में हमेशा यार रखना तू

बदल न जाना वफ़ा से मगर कभी अपनी
हमेशा मुझपे वफ़ा की बहार रखना तू

नहीं करनी कभी बेवफ़ा मुहब्बत को
मुहब्बत से दिल भरा ए यार रखना तू

लगेगा वरना बहुत ग़म यहाँ दिल को मेरे
गिले न शिकवे लबों पर हज़ार रखना तू

निगाहें करना नहीं तू ख़फ़ा गीता से ही
मुझे दिलबर उम्रभर बस प्यार रखना तू

 

गीता शर्मा 

( हिमाचल प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

ले गया सकूँ | Sukoon Shayari in Hindi

Similar Posts

  • ये दुखदाई है | Ghazal Ye Dukhdai Hai

    ये दुखदाई है ( Ye Dukhdai Hai )   आसमां छूती मेरे मुल्क़ में मँहगाई है मुफ़लिसों के लिए अब दौर ये दुखदाई है सींचते ख़ून पसीने से वो खेती अपनी उन किसानों के भले पाँव में बेवाई है साँस लेना हुआ दुश्वार तेरी दुनिया में अब तो पैसों में यहाँ बिक रही पुरवाई है…

  • जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए

    जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए हम क्या ह़रीमे-नाज़ से कुछ दूर हो गए।जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए। सब इ़ज्ज़ो-इन्किसार ही काफ़ूर हो गए।मसनंद नशीं वो क्या हुए मग़रूर हो गए। बेचैन उनके इ़श्क़ ने इतना किया के बस।हम उनसे बात करने को मजबूर हो गए। वो संग थे यूं…

  • सबको जाना है | Sabko Jana Hai

    सबको जाना है ( Sabko Jana Hai ) देर लगी हां लेकिन सबको जाना है ,रफ़्ता रफ़्ता चेहरों को पहचाना है। हर छोटी सी बात बुरी लगती उसको,गुस्सा इतना ठीक नहीं समझाना है। देख के कल वो मुसकाया था महफ़िल में ,बस इसका ही बन बैठा अफ़साना है। जब भी मिलता बात वफ़ा की करता…

  • मुसाफ़िराना है | Ghazal Musafirana Hai

    मुसाफ़िराना है ( Musafirana Hai ) हम ग़रीबों का यह फ़साना है हर क़दम ही मुसाफ़िराना है यह जो अपना ग़रीबख़ाना है हमको मिलकर इसे सजाना है कितना पुरकैफ़ यह ज़माना है रूठना और फिर मनाना है बीबी बच्चों की परवरिश के लिए जाके परदेश भी कमाना है सारे घर के ही ख़्वाब हैं इसमें…

  • रिवाज़ दुनिया के | Ghazal Rivaaz Duniya Ke

    रिवाज़ दुनिया के  ( Rivaaz Duniya Ke ) रिवाज़ दुनिया के इतने सुनों ख़राब नहीं शराब पीता है हर आदमी जनाब नहीं अभी तो दिल पे भी मेरे कोई अज़ाब नहीं । हुई क्या बात जो रुख पे रुका हिज़ाब नहीं । करूँ न ख़ार से मैं दोस्ती कभी यारो पिये मैं रहता हूँ हरदम…

  • देश में | Desh Mein

    देश में ( Desh Mein )    प्यार के हर घड़ी गुल खिले देश में बस अमन प्यार हर पल रहें देश में हो मुबारक आजादी सभी को सदा एकता की ताक़त बस बने देश में मुख पर जय हिंद जय हिंद जय हिंद हो ये ही आवाज़ यारों उठे देश में नाम रोशन हमेशा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *