Anusaran

अनुसरण | Anusaran

अनुसरण

( Anusaran )

 

यह जरूरी नहीं कि

आप हर किसी के साथ हर काम में साथ-साथ रहे

किंतु यह जरूरी है कि मानसिक और

भावनाओं में सदैव अपनों के साथ रहें

 आर्थिक और व्यक्तिगत संबंध से अधिक

 व्यावहारिक सहयोग जरूरी है

 व्यस्तता और परेशानी सभी से जुड़ी है

फिर भी उम्मीदें अपनों से ही लगी रहती है

 समय पर एक के आत्मीयता भी

 दर्द के अपनेपन से अधिक हैं जो

 हिम्मत टूटने नहीं देती

और आदमी हर मुश्किल से लड़ लेता है

आज और कल में शेष

बची यादें ही रह जाती हैं जो

 वक्त के साथ भी भुलाई नहीं जाती

 और आपका स्थान हृदय में

 अच्छे बुरे दोनों में रह जाता है

 आप अपनी जगह खुद ही बनाते हैं

समय तो उसका अनुसरण ही करता है

 

मोहन तिवारी

( मुंबई )

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