औरों से कैसी बातें

औरों से कैसी बातें…?

औरों से कैसी बातें…?

अब आकर तुम्हीं बतादो,
हम गीत कहां तक गायें।
पाकर एकान्त बहे जो,
वे आंसू व्यर्थ न जायें।

इस भांति प्रतीक्षा में ही,
बीतेगीं कब तक घड़ियां।
बिखरेंगी बुझ जायेंगी,
आशाओं की फुलझड़ियां।
मरुथल में आ पहुंची है,
बहती जीवन की धारा।
तुम दयासिंधु हो स्वामी,
किसका है अन्य सहारा।

भौतिक सारे सुख साधन,
अंततः दु:ख बन जायें।
यदि असंतोष हो मन में,
तो प्राण, शान्ति ना पायें।

मैं पथ विभ्रान्त पथिक हूं,
अनजान दिशा को जाता।
है श्रेय प्रेय क्या मेरा,
स्मृति में नहीं है आता।
क्या शुभ है और अशुभ क्या,
है कहां विभेदक रेखा।
पथ दर्शक पद चिन्हों पर,
क्या लिखा, नहीं है देखा?

सत्पथ पर मुझे लगा दो,
क्या जानूं बिना बताये।
चिन्तन में सदा तुम्हारे,
जो जीवन शेष बितायें।

प्रतिपल अनुभव हो ऐसा,
तुम साथ सदा हो मेरे।
होगा प्रकाश निश्चय ही,
होंगे सब दूर अंधेरे।
अब तुम हो मेरे अपने,
औरों से कैसी बातें।
कहना सुनना अब तुमसे,
दिन हों अथवा हों रातें।

मेरे सारे कर्मों में,
तुम रहो सदा ही छाये।
क्या मेरा है इस जग में,
सब में हो तुम्हीं समाये।

sushil bajpai

सुशील चन्द्र बाजपेयी

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)

यह भी पढ़ें :-

ज़िन्दगी | Kavita Zindagi

Similar Posts

  • समय का कालखंड | Kavita Samay ka Kalkhand

    समय का कालखंड ( Samay ka kalkhand )   समय की महत्ता जो समझे वही  है  बलवान, समय के संग चलनेवाला होता  है  धनवान। सु अवसर  पाकर जो कर्म से मुकर जाता है, वह अभागा है धरती पर जीवन भर पछताता है। समय ही करावत लड़ाई-झगड़ा बनावत राजा रंक फकीर, समय ही बनाता-बिगाड़ता रिश्ता और…

  • साथ रहो जब तुम | Saath Raho Jab Tum

    साथ रहो जब तुम ( Saath raho jab tum )   तुम साथ रहते हो तो दुनिया हरी भरी सी लगती हैं। हां साथ रहो जब तुम यह वादी खिली खिली सी दिखती हैं। साथ रहो जब तुम हर पल खुशी बरसती हैं। हां साथ रहो जब तुम पेड़, पौधे ,पत्तियां, भी महकी महकी सी…

  • शिक्षण सेवा के २१ वर्ष

    शिक्षण सेवा के २१ वर्ष ****** ख़ुशी का है दिन आज- मना लो खुशी, आज ही के दिन हुई थी- तुम्हारी नियुक्ति। ली थी तुमने- पद , गोपनीयता , सेवा की शपथ, खायी थी कसम होगे न पथ भ्रष्ट। आज २१वीं बरसी पर दिल पर हाथ रख- पूछो अन्तर्मन से कुछ सवाल, इन वर्षों में,…

  • मनभावन कविता | Manbhavan kavita

    मनभावन कविता ( Manbhavan kavita )     साहित्य विधाएं मधुरम कवि की कविताएं मधुरम उर पटल आनंद भरती मनभावन रचनाएं मधुरम   शब्द सुरीले मीठे-मीठे बहती भाव सरितायें मधुरम छंद सोरठा गीत गजल में सजे नई उपमायें मधुरम   कल्पनायें साकार होती सृजन भरी रचनाएं मधुरम भाव सिंधु से मोती बहते काव्य की धाराएं…

  • Love kavita | Mohabbat |-मोहब्बत|

    मोहब्बत ( Mohabbat | Love kavita ) मोहब्बत कैसी होती हैं जुदाई कितनी रोती है ।। चैन आए नहीं रैन जाए नहीं रात बेबसी में नीद आए नहीं कटती नहीं है रात जल्दी सुबह नहीं होती है । मोहब्बत …… प्यार जलता रहे दिल पिघलता रहे हर घड़ी ख्वाब में फूल खिलता रहे जलती रहे…

  • अटल नियम | Atal Niyam

    अटल नियम ( Atal Niyam )    कौन देगा सम्मान आपको दिए नहीं जब आप किसी को समय रहा मूल्यवान आपको किया नहीं कदर और के वक्त को निभाया नहीं दिया वचन आपने रहे दिखाते उसे केवल सपने स्वप्न आपका भी पूरा होगा कैसे टूटते हैं सपने जब आपसे और के बदल देंगे क्या विधि…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *