Author: Admin

  • उदास हुआ | Udaas Hua

    उदास हुआ ( Udaas Hua )   जब तेरे प्यार से उदास हुआ लग के दीवार से उदास हुआ इससे पहले तो ठीक ठाक था मैं बार इतवार से उदास हुआ बेवफाओं का ख़ैर क्या शिकवा इक वफादार से उदास हुआ कोई उसको हंसा नहीं सकता शख्स जो यार से उदास हुआ किसको भाई नही…

  • राष्ट्रीय विज्ञान दिवस | Rashtriya Vigyan Diwas

    राष्ट्रीय विज्ञान दिवस ( Vigyan se Manavta ka Bhala )   विज्ञान की अठखेलियों से, मानवता का भला हो वर्तमान विज्ञान प्रौद्योगिकी , मनुज जीवन अभिन्न अंग । अनुप्रयोग संसाधन सानिध्य, रज रज व्याप्त भौतिक रंग । हर घर सुख समृद्ध मंगल, नवाचारी प्रयोग कला हो । विज्ञान की अठखेलियों से, मानवता का भला हो…

  • बसंत पंचमी उत्सव पर काव्य गोष्ठी संपन्न

    साली चौका बसंत पंचमी उत्सव बागेश्वरी साहित्य परिषद साली चौका द्वारा मनाया गया इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन दीपक गुप्ता दीप के निवास स्थान पर आयोजित की गई । काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता उमेश पाली एवं मुख्य अतिथि रामेश्वर वर्मा गोष्ठी में गोष्ठी में आसपास क्षेत्र के साहित्यकार कवि द्वारा अपनी अपनी रचना…

  • वक्त के साथ | Waqt ke Sath

    वक्त के साथ ( Waqt ke sath )   अजीब सा चला है दौर आज का लोग तो पहले गम भी बांट लेते थे अब तो खुशियों मे भी शरीक होने का वक्त रहा नहीं बदल गया आशीष भी शुभ कामना का बदल गया सुबह शाम का सम्मान भी आया दौर गुड मॉर्निंग, गुड नाईट…

  • राम वनवास | Ram Vanvas

    राम वनवास ( Ram Vanvas )   राम वनवास नेपथ्य में,उर्मिला उत्सर्गी श्रृंगार दांपत्य जीवन अभिलाष, हर पल हर कदम संग संग । आरोह अवरोह भाव पथ, आत्मसात परस्पर रंग कंग । मिलन उत्कंठा दिव्य ज्योत, उर उत्संग नेह सलिल धार । राम वनवास नेपथ्य में,उर्मिला उत्सर्गी श्रृंगार ।। जनक नंदनी नित वंदन, परिणय राम…

  • खीचो बात बड़ी होती है | Baat Badi

    खीचो बात बड़ी होती है ( Kheecho baat badi hoti hai ) बहरे मीर वज़्न=== २२ २२ २२ २२ २२ २२ २२ २   खींचो बात बड़ी होती है, छोडो तो ज़द टलती हैं I देख रवानी जीवन में बस दो बातो से चलती है II गिरती दीवारों का क़ायल शायद ही कोई होगा I…

  • यादें | Yaadein

    यादें ( Yaadein )   कीमती होती है ,पुरानी खूबसूरत यादें, खुशी से आँखें नम हो जाती है । आज के दर्द को, कुछ पल के लिए भूलने में, ये कल की अच्छी यादें ही तो साथ निभाती है । हमारा आज ही कल बन जाएगा, बीता लम्हा दोबारा नहीं आएगा ; गमों की चादर…

  • मदिरा में | Madira mein

    मदिरा में ( Madira mein )    गिरने के हद से भी नीचे गिर जाते हैं लोग संबंधों के बीच दीवार खड़ी कर देते हैं लोग बेचकर ईमान अपना धर्म भी गंवा देते हैं लोग करके हवन दान भी करम गँवा देते हैं लोग चंद मतलब के लोभ में एहसान भुला देते हैं लोग दिखाकर…

  • हे हंसवाहिनी,ऐसा वर दे | Hey Hans Vahini

    हे हंसवाहिनी,ऐसा वर दे ( Hey hans vahini aisa var do )   मृदुल मधुर ह्रदय तरंग, स्वर श्रृंगार अनुपम । विमल वाणी ओज गायन, ज्योतिर्मय अन्तरतम । गुंजित कर मधुमय गान , नव रस लहर मानस सर दे । हे हंसवाहिनी,ऐसा वर दे ।। दुर्बल छल बल मद माया, प्रसरित जग जन जन ।…

  • कहां तक | Kahan Tak

    कहां तक ( Kahan Tak )   सिमटते गए भाव मन के घुलती रहीं मिठास में कड़वाहटें बढ़ तो गए किताबी पन्नों में आगे पनपत्ति रही मन की सुगबुगाहटें जगमगाती रहीं चौखटे, मगर आंगन घर के सिसकते रहे बढ़ते गए घर ,घर के भीतर ही खामोश बच्चे भी सुबगते रहे खत्म हुए दालान, चौबारे सभी…