Author: Admin

  • प्रश्नों के घेरे में | Prashno ke Ghere Mein

    प्रश्नों के घेरे में ( Prashno ke Ghere Mein )   हम खड़े हैं प्रश्नों के घेरे में  उत्तर की प्रतीक्षा लिए कुछ के लापता है कुछ अस्पष्ट कुछ संदिग्ध हैं कुछ खामोश  कुछ गर्भ में हैं कुछ मर्म में  कुछ के उत्तर होकर भी वह उत्तर नहीं है  प्रश्न भी कुछ सार्थक हैं कुछ निरर्थक…

  • प्रेम में प्रदर्शन नहीं, दर्शन भाव निहित

    प्रेम में प्रदर्शन नहीं, दर्शन भाव निहित   एक सुंदर सा अहसास, हर पल कारक उजास । सब अच्छा लगने लगता, दूर हो या फिर पास। अंतर्मन अनूप श्रृंगार कर, दिव्यता करता समाहित । प्रेम में प्रदर्शन नहीं,दर्शन भाव निहित ।। दिव्य भव्य मोहक छवि, हृदय पटल वसित । निशि दिन प्रति पल, मधुर स्मृतियां…

  • मैं गीत नहीं गाता हूॅ | Main Geet Nahi Gata Hoon

    मैं गीत नहीं गाता हूॅ ( Main geet nahi gata hun )   शब्दों का खेल रचाकर, मन अपना बहलाता हूॅ। मैं गीत नहीं गाता हूॅ। कवि कर्म नहीं कुछ मानूॅ, रचनाधर्मिता न जानूॅ, भावों की धारा में बह सुख से समय बिताता हूॅ। मैं गीत नहीं गाता हूॅ। मन दूर जगत से जाता, आनन्द…

  • ईश्वर लीला | Ishwar Lila

    ईश्वर लीला ( Ishwar Lila )    मंदिर मस्जिद गिरजा गुरुद्वारे, प्रभु पिता के ही चौबारे, जहां भी जाओ उसे ही पाओ, रंग रूप से मत भरमाओ मन मंदिर में उसे बसाओ परम पिता की शरणागति में परमानन्द को पाओ। मानवमात्र सब संत्तति उसकी, रंग बिरंगी दुनिया जिसकी, दीन हीन पर उसकी छाया , जहां…

  • माने मनाये रिश्ते | Mane Manaye Rishtey

    माने मनाये रिश्ते ( Mane manaye rishtey )   आजकल के माने मनाये रिश्ते हैं सिर्फ कहने और सुनने के वास्ते लगाव में रहती नहीं रिश्तो की गरिमा चंद बातों में ही बदल जाते हैं रास्ते रहता हक नहीं कोई अधिकार नहीं मन के भाये तक का ही चलन है सब हर बात की हाँ…

  • मैं | Main

    मैं ( Main )    टूटे हुए दिल की दास्तान हूं मैं उजड़े हुए चमन का बागबान हूं मैं खिले तो फुल मगर , सब बिखर गए खड़ा पतझड़ सा ,नादान रह गया हूं मैं चले तो थे सांस मिलकर कई लोग रह गया तन्हा छूटा हुआ कारवां हूं मैं बट गई मंजिले भी उनकी…

  • शेखावाटी उत्सव | Shekhawati Utsav

    शेखावाटी उत्सव ( Shekhawati Utsav )   सांस्कृतिक अनुपमा,शेखावाटी उत्सव में वीर भूमि शेखावाटी उत्संग, अति शोभित नवलगढ़ नगरी । ठाकुर नवलसिंह संस्थापक, उपमा धन धान्य वैभव गगरी । मोहक रोहक पुरात्तन दीर्घा, आकर्षक हवेलियां घनत्व में । सांस्कृतिक अनुपमा,शेखावाटी उत्सव में ।। अद्भुत भित्ति चित्र स्वर्ण शहर, मारवाड़ी समुदाय अवतरण स्थली । छियालीस ग्राम…

  • हे मां सरस्वती | Hey Maa Saraswati

    हे मां सरस्वती ( Hey Maa Saraswati )   मां सरस्वती कहती स्वर से स्वर मिलता है, वाणी का सुर आज नहीं तो,कल मिलता है। मां सरस्वती कहती विचलित न होना सवाल से, काफी अड़चन आती है आगे उसका हल मिलता है। वाणी का सुर आज नहीं तो कल मिलता है। मां सरस्वती कहती दिल…

  • रीत दुनिया की | Reet Duniya ki

    रीत दुनिया की ( Reet Duniya ki )   बह्र का नाम: बहरे हज़ज मुसम्मन सालिम अरकान: मुफाईलुन मुफाईलुन मुफाईलुन मुफाईलुन मात्राएँ: 1222 1222 1222 1222   मिला जो इक दफा वो हर दफा मिलता नहीं यारों, टूटा जो फूल डाली से कभी खिलता नहीं यारों ! लगा चाहे ले जितना ज़ोर लेकिन सच यही…

  • लोग | Log

    लोग ( Log )    जिंदा रहने के नाम पर, केवल जी रहे हैं लोग मिलने के नाम पर, केवल मिल रहे हैं लोग बेवफाई का आलम यह, खुदे से ही खुद को छल रहे हैं लोग यकीन करें किस पर, मतलबी शहर के बीच अपना कहकर, अपनों का ही गला घोट रहे हैं लोग…