Author: Admin

  • तलाश | Talaash

    तलाश ( Talaash )   खड़े रहते हैं राह में, गम हरदम खुशी की तलाश में, उम्र गुजर जाती है बहुत मुश्किल है, यकीन कर पाना अपनों को ही समझने मे उम्र गुजर जाती है पसरा है फिजां मे, धुंआ भी कुछ इस कदर मंजिल की तलाश मे ही, उम्र गुजर जाती है खारों से…

  • नया साल मुबारक | Naya Saal Mubarak

    नया साल मुबारक ( Naya saal mubarak )   सबको ये नया साल मुबारक, गुजरा जो गया हाल मुबारक ! जात धरम के थप्पड़ पड़ते, इनसे बचते गाल मुबारक! नेताओं की गोरों वालीं, बँटवारे की चाल मुबारक ! हिन्दू मुस्लिम आपस लड़ लो, बहता लोहित लाल मुबारक !! भूखे प्यासे बालक रोते, उनको अमृत काल…

  • आवारा धूप | Awara Dhoop

    आवारा धूप ( Awara dhoop )   धूप तो धूप ही होती है इस कोहरे ठंड से ठिठुरते शहर में धूप का इंतजार रहता है सबको कहीं से थोड़ी सी धूप मिले, सूरज सो गया है कंबल में लिपटकर, धूप को सुला लेता है, आगोश में अपनी , धूप सो जाती है, सूरज की बाँहो…

  • राम अनुपमा | Ram Anupama

    राम अनुपमा ( Ram Anupama )   राम अनुपमा,उत्तम जीवन मर्यादा आह्वान जीवन आभा सहज सरल, शीर्ष वंश परिवार परंपरा । स्नेहिल दृष्टि उदार ह्रदय, वरित प्राणी जीव जंतु धरा । समता समानता भाव दर्शन, मुखमंडल नित सौम्य मुस्कान । राम अनुपमा,उत्तम जीवन मर्यादा आह्वान ।। तज राजसी ठाठ बाट, वनवास सहर्ष स्वीकार । निज…

  • जिंदगी बदल जाती है | Zindagi Badal Jaati Hai

    जिंदगी बदल जाती है ( Zindagi badal jaati hai )   अगर दिल में तेरे मुहब्बत बसी है जमी दुश्मनी भी पिघल जाती है। जलन है दिलो में अगर तेरे हरदम बिना आग के आग जल जाती है। अगर हौसला है दिलों में तुम्हारे पल भर में किस्मत बदल जाती है। खुद पर भरोसा रहेगा…

  • देख बेबसी | Dekh Bebasi

    देख बेबसी ( Dekh bebasi )   लगता है कुछ होने को , मान गए इस टोने को . मन करता है कभी -कभी , पाप पुराने धोने को . याद बची एक तुम्हारी , और नहीं कुछ खोने को . अभी -अभी रोकर सोया , बच्चा एक खिलौने को . बीत गई सो बात…

  • दोस्ती ( सखा ) प्रेम

    अक्सर जब दोस्ती की बात आती है तो हम जय वीरू,कृष्ण और सुदामा का नाम लेते हैं। दोनों के काल अलग हैं और दोस्ती के रिश्ते में अंतर भी है। परंतु दोस्ती क्या केवल एक लड़के & लड़के या लड़की & लड़की से ही हो सकती है। मेरा व्यक्तिगत विचार है ऐसा नहीं है। हालांकि…

  • वह प्यार कहां से लाऊं | Wah Pyar Kahan se Laoon

    वह प्यार कहां से लाऊं ( Wah pyar kahan se laoon )   जो प्यारा तुमको भी हो, वह प्यार कहाॅ से लाऊॅ? तुमको अपना कहने का अधिकार कहाॅ से लाऊॅ? तुम मुझसे रूठ गये हो, मैं कैसे तुम्हें मनाऊॅ? वह राह तुम्हीं बतला दो, मैं पास तुम्हारे आऊॅ। वह मंदिर कौन तुम्हारा, जिसमें निवास…

  • बदले की आग | Badle ki Aag

    बदले की आग ( Badle ki aag )   बदले की आग बना देती है अंधा और को जलाने की खातिर हृदय में धधकती ज्वाला स्वयं के अस्तित्व को भी बदल देती है राख में वक्त पर क्रोधित होना भी जरूरी है किंतु समाधान के रास्ते भी कभी बंद नहीं होते विकल्प ढूंढना जरूरी है…

  • हत्यारी ठण्ड | Hatyari Thand

    हत्यारी ठण्ड ( Hatyari thand )   दिसम्बर की वो सबसे अधिक, सर्द ओर कोहरे भरी रात थी हर चेहरे के मध्य , सन्नाटा था स्टेशन पर, कोहरे ओर सन्नाटे के मध्य, उस काली मोटी भिखारन ने, खाली चाय के खोखे में, चिथड़े को बिछाया, गठरी बने बच्चे को लिटाया, कुछ ही घण्टो में, शीतलहर…