Author: Admin

  • पत्नी के रूप | Patni ke Anek Roop

    पत्नी के रूप ( Patni ke anek roop )   शादी के बाद जब ससुराल आती है दुल्हन के रूप में पत्नी खूब भाती है। घड़ी घड़ी सब पूछते हैं उसका हाल पूरा परिवार रखता है खूब ख्याल। दो-चार बार जब ससुराल आती है बहू के रूप में अपना प्रभाव जमाती है । बहू की…

  • भूल गए सावन के झूले | Sawan ke Jhoole

    भूल गए सावन के झूले ( Bhool gaye sawan ke jhoole )    भूल गए सावन के झूले, भूल गए हर प्रीत यहां। भाईचारा प्रेम भूले, हम भूल गए हैं मीत यहां। भूल गए सावन के झूले मान सम्मान मर्यादा भूले, सभ्यता संस्कार को। रिश्ते नाते निभाना भूले, अतिथि सत्कार को। गांव की वो पगडंडी,…

  • प्रेम की कश्ती | Prem ki Kashti

    प्रेम की कश्ती ( Prem ki Kashti )    प्रेम की कश्ती हो और बाहों का सहारा हो, सफ़र इश्क़-ऐ-समन्दर का, दूर किनारा हो ! मुहब्बत की पनाहों में गुज़रते हो हसीं पल ज़िन्दगी का कैसा खूबसूरत वो नज़ारा हो ! कितने ज़्यादा खुशनसीब होते है वो लोग जिन्हें मिला हर कदम प्यार में सहारा…

  • विवशता | Kavita Vivashata

    विवशता ( Vivashata ) (2 )  मेरे भोले पन का सबने , किया खूब उपयोग । किस-किस का मैं नाम गिनाऊँ , सब अपने है लोग ।। मेरे भोले पन का अपने …. नहीं स्वार्थ की भाषा सीखी , कर दी हमने भूल । पल-पल हर पल चुभते हैं अब , हृदय हमारे शूल ।।…

  • श्री राम मंदिर | Shri Ram Mandir

    श्री राम मंदिर ( Shri Ram Mandir ) ( 2 ) श्री राम को मंदिर बन ही गया, भारत माता हरषाईं है । ये जीत सनातन धर्म की है , घर-घर में खुशियां छाई हैं।। श्री राम टेंट में रहते थे ऐसे बीते थे साल कई। लंबा संघर्ष किया है जब, किरणें आशा की जगी…

  • नई उमंगें सज रहीं | Nayi Umange

    नई उमंगें सज रहीं ( Nayi Umange saz rahi  )   नई उमंगें सज रहीं,बाईस जनवरी अभिनंदन में पुनीत पावन जन चितवन, सर्वत्र शुभता सरित प्रवाह । अयोध्या पूजित दिव्य अक्षत, रामलला निमंत्रण गवाह । विग्रह स्थापना अनूप दर्शन, घर द्वार उत्सविक वंदन में । नई उमंगें सज रहीं,बाईस जनवरी अभिनंदन में ।। अंतःकरण रचित…

  • डॉ. नानक दास जी महाराज | Dr. Nanak Das Ji Maharaj

    डॉ. नानक दास जी महाराज ( Dr. Nanak Das Ji Maharaj )   समाज सुधारक संत है डाॅ. नानक दास महाराज, कल्याणार्थ सेवाएं देकर यह जगा रहे है समाज। आधुनिक भारत निर्माण में ये कर रहे है सहयोग, विश्व शांतिदूत कहलाते ये राष्ट्रीय संत है आज।। सद्गुरु कबीर विचारों को यह फैला रहे है संसार,…

  • तुमने बात न मेरी मानी | Tumne

    तुमने बात न मेरी मानी ( Tumne baat na meri mani )    तुमने बात न मेरी मानी। पहुंच नहीं पाई क्या तुम तक, मेरी करुणापूर्ण कहानी? तुमने बात न मेरी मानी। मैंने प्रेम किया था तुमसे, एक आस अन्तर ले अपने। पर तुमने ठुकराया जी भर, सत्य हुये कब, मेरे सपने। नहीं तु़म्हें शीतल…

  • अयोध्या | Ayodhya

    अयोध्या (नज़्म )   हर किसी को देखो लुभाती है अयोध्या, तप-त्याग,संयम सिखाती है अयोध्या। पल में सिंहासन छोड़ राम वन चले गए, वचन का गुण-धर्म निभाती है अयोध्या। रो -रो के बुरा हाल था तब हरेक का वहाँ, उस राम के जिगर को समझती है अयोध्या। ब्रह्माण्ड का वो सार है चाहो तो देख…

  • तलाश | Talaash

    तलाश ( Talaash )   खड़े रहते हैं राह में, गम हरदम खुशी की तलाश में, उम्र गुजर जाती है बहुत मुश्किल है, यकीन कर पाना अपनों को ही समझने मे उम्र गुजर जाती है पसरा है फिजां मे, धुंआ भी कुछ इस कदर मंजिल की तलाश मे ही, उम्र गुजर जाती है खारों से…