Author: Admin

  • अपनों ने ही घाव गहरे दिए | Apno Ne Hi

    अपनों ने ही घाव गहरे दिए ( Apno ne hi ghav gehre diye )   सच्चाई का दिया साथ तो हम गैर हो लिए। अपनों ने ही घाव गहरे वो दर्द हमको दिए। माना था कि साथ देंगे हमें जिंदगी में सभी। निज स्वार्थ साध वो भी अपने रस्ते हो लिए। टूटने ना देंगे हम…

  • नये इस साल में | Naye is Saal Mein

    नये इस साल में ( Naye is saal mein )    प्यार के कुछ गुल खिलेंगे अब नये इस साल में दिल मिलेंगे मुस्कुरा के जब नये इस साल में। आज की तारीख़ खुशियां ला रहा अबके नई गा रहे दिलकश तराने लब नये इस साल में। रंजिशें रखके भला कैसे चलेगी जिंदगी बात सारी…

  • शीर्ष लोकतंत्र | Shirsh Loktantra

    शीर्ष लोकतंत्र ( Shirsh loktantra )    हिंद अनुपमा,दिव्य भव्य नव्य रोहक शीर्ष लोकतंत्र वैश्विक श्रृंगार, शासन प्रशासन नैतिक छवि । सुशोभित प्रथम स्थान संविधान, लिखित रूप अंतर ओज रवि । प्राण प्रियल राष्ट्र ध्वज तिरंगा, शौर्य शांति समृद्धि संबोधक । हिंद अनुपमा,दिव्य भव्य नव्य रोहक ।। बाघ उपमित राष्ट्रीय पशु, देश पक्षी शोभना मोर…

  • भारत के लाल | Bharat ke lal

    भारत के लाल ( Bharat ke lal )   मत लूटो कोई देश की दौलत, बल्कि नेता सुभाष बनों। राजगुरु, सुखदेव, भगत सिंह, लाला लाजपत राय बनों। मंगल पाण्डेय, झाँसी की रानी, ऊधम सिंह, आजाद बनों। अशफाकउल्लाह, अवध बिहारी, रोशन, बिस्मिल, राजेंद्र बनों। शौर्य, पराक्रम से भरी हुई हैं, देखो, अनंत कथाएँ। स्वतंत्रता के उस…

  • जानकी वल्लभ श्री राम | Janaki Vallabh Shri Ram

    जानकी वल्लभ श्री राम ( Janaki Vallabh Shri Ram )   अवध के राज्य सिंहासन पर होंगे फिर श्री राम विराजमान संग में लक्ष्मण जानकी और परम भक्त श्री हनुमान वह नगरी मर्यादा पुरुषोत्तम राम की बसी तट सरयू के जान कौशल्या सुत, दशरथ नंदन रहे सनातन के प्राण धीर , गंभीर , शील और…

  • राम की परम स्तुति में | Ram ki Param Stuti

    राम की परम स्तुति में ( Ram ki param stuti mein )   सुषमा श्री निधि,राम की परम स्तुति में हिंद रज रज हर्षल प्रवाह, निहार राम मंदिर निर्माण । कल्पना भव्य साकार रूप, जनमानस स्पर्श पथ निर्वाण । बाईस जनवरी अद्भुत अनुपम, सर्वत्र आनंद राम विग्रह भक्ति में । सुषमा श्री निधि,राम की परम…

  • मां बाप से मुंह मोड़ लिया | Maa Baap se

    मां बाप से मुंह मोड़ लिया ( Maa baap se munh mod liya )   लाठी के सहारो ने, बुढ़ी आंखों के नयनतारों ने। घर के राजकुमारों ने, बेघर बना कर छोड़ दिया। कैसा घोर कलयुग आया, स्वार्थ का यह दौर छाया। सबसे प्यारी हुई माया, मां बाप से मुंह मोड़ लिया। लूटपाट का चलन…

  • वजूद | Vajood

    वजूद ( Vajood )    आज में ही गुम न रहो इतना कि  कल तुमसे तुम्हारा रूठ जाए आज तो आएगा फिर आज के बाद ही संभव है कि कहीं कल तुमसे छूट न जाए समेट लो खुशियां बाहों में अपनी मगर बचाते भी रहो कल के खातिर आज ही कीमती नही तुम्हारे लिए बेहतर…

  • मै सीता की माता | Main Sita ki Mata

    मै सीता की माता  ( Main sita ki mata ) क्यों त्यागे हे राम सिया को, लोकलाज को ताका। क्या मर्यादा छली नही जब, वन वन भटकी वामा। गर्भधारिणी इक अबला के, त्याग में क्या मर्यादा, मुझे बताओ हे रघुनन्दन, दो मत मुझको झाँसा। प्राण जाए पर वचन ना जाए, रघुकुल की मर्यादा। मुझे बताओ…

  • अपमान | Apman

    अपमान ( Apman )   भर जाते हैं जख्म गहरे बदल जाती है वक्त की धारा हो जाते हैं धूमिल यादों के पन्ने किंतु अपमान की लकीरें मिट नहीं पातीं हार जीत, अमीरी गरीबी सभी जुड़े हैं साथ से जीवन के दया करुणा साथ सहयोग के भाव स्वाभिमान की मौत को जिला नहीं पाते एक…