Author: Admin

  • यूं ना मुस्कुराया करो | Yun na Muskuraya Karo

    यूं ना मुस्कुराया करो ( Yun na muskuraya karo )    हमसे मिलकर तुम यूं ना मुस्कुराया करो। मुस्कानों के मोती यूं हम पर लुटाया करो। हंसता हुआ चेहरा मन को मोहित कर जाता। हंसी की फुलझड़ियां सबको दिखाया करो। लबों की ये मुस्कान क्या गजब ढहाती है। दिल तक दस्तक देती झंकार सुनाया करो।…

  • धूमिल होता आकाश | Dhumil Hota Aakash

    धूमिल होता आकाश ( Dhumil hota aakash )    रेत के टीले पर बनाया था घर हमने दूर की आंधी ने नींव ही खोखली कर डाली उड़ते रहे छप्पर बांस खड़खड़ाते रहे गरीबी की दीवार चादर न बन सकी हवा के बहाव मे चल दिए वे भी जिनके लिए कभी हम बहुत कुछ थे…सब कुछ…

  • मतदान का महाकाज | Matdan ka Mahakaj

    मतदान का महाकाज ( Matdan ka mahakaj )    अंतःकरण स्वर से, मतदान का महाकाज हो शासनिक व्यवस्था लोकतंत्र, सदा शीर्ष नैतिक स्थान । अहम मतदाता सहभागिता, मौलिक अधिकार अनूप आह्वान। निष्पक्ष राष्ट्र प्रगति भाव सेतु, हर मत अंतर्निहित दिव्य राज हो । अंतः करण स्वर से, मतदान का महाकाज हो ।। जाति धर्म पंथ…

  • स्वर्ग में एक गांव | Ghaza par Kavita

    स्वर्ग में एक गांव ( Swarg me ek gaon )    मुझे विश्वास है स्वर्ग में भी एक गांव का नाम “गाज़ा” होगा योजनाएं बनेंगी उच्चतम सबसे अलग भगवान ही फ़िलिस्तीनी बच्चे कहाँ हैं? क्या फैसला किया है। इसका निर्माण कराया जायेगा हाँ स्वर्ग में भी, एक बस्ती का नाम “गाजा” होगा। अपने ही खून…

  • साहित्यकार | Sahityakar

    साहित्यकार ( Sahityakar )    जीता है जो औरों की खातिर साहित्यकार वही कहलाता है करता नही प्रहार गलत पर खंजर से लेखन से ही वह युगदृष्टा बन जाता है साहित्य नही केवल शब्दों का संचय यह तो विष और अमृत दोनो का समन्वय आवश्यकता होती है जब जैसे साहित्य का होता है सृजन तब…

  • मेरे हमसफर | Mere Humsafar

    मेरे हमसफर ( Mere humsafar )   पुष्पक्रम से भरी पगडंडी जो कि– रंगीन फुलवारी से सजी जिसकी भीनी-भीनी महक पूरे वातायन में हवा में तैरती है। वहीं उन पर अनगिनत तितलियाँ मंडराती हुई अहसास कराती तुम्हारे अपने होने का। जहाँ तक देखती हूँ उन्हें कैद कर लेना चाहती हूँ इन रंगीन खुशबू को भी…

  • मै फक्र से कहती हूं | Phakar se

    मै फक्र से कहती हूं ( Mai phakar se kahti hoon )   मेरे पास भी दोस्त है, अंधेरी रातो मे खड़ा मेरा प्यार है, मुझे रोशनी देता वह चाँद है ।। हाँ मै चाँदनी नहीं, मैं तो फूल हू जिसे पाने उसने काटो से रिश्ता जोड़ा है । मेरे पास दोस्तों की महफिल नही…

  • हे हृदय प्रिया | Hriday Priya

    हे हृदय प्रिया ( He hriday priya )    सुंदरता में भी सुंदरतम कृति हो तुम आई हुई स्वर्ग की अनुपम छवि हो तुम ऋतुओं मे सावन सी मन भावन हो तुम प्राकृतिक सौंदर्य मे भी सर्वोत्तम हो तुम गंगा सी निर्मल,चांदनी सी धवल हो तुम मानसरोवर में जैसे खिला कमल हो तुम सुंदरता की…

  • न रुकी जंग तो | Na Ruki Jang to

    न रुकी जंग तो…! ( Na ruki jang to ) ( नज़्म )   बुराई बढ़ेगी, तो अच्छाई भी बढ़ेगी, ये दुनिया आज है,तो कल भी रहेगी। सदियों से एक साथ रहते हम आए, मोहब्बत की तासीर न फीकी पड़ेगी। अम्न का रास्ता बनाओ दुनियावालों, जड़ से जुड़ी कायनात,जुड़ी ये रहेगी। ऐसे तो मुक्कमल कोई…

  • लौट आ अब तू कहाँ है | Laut aa Ab

    लौट आ अब तू कहाँ है ( Laut aa ab tu kahan hai )    तू दिखा यूं मत गुमाँ है और भी देखो मकाँ है फूल दूँ कैसे उसे अब वो नहीं अब दरमियाँ है दिल यहाँ लगता नहीं अब वो हुआ जब से निहाँ है उस हसीं से तू मिला दे ये ख़ुदा…