Author: Admin

  • शुद्धि से सिद्धि तक | Shuddhi se Siddhi Tak

    शुद्धि से सिद्धि तक ( Shuddhi se siddhi tak )    शुद्धि से सिद्धि तक, विमल जीवन पथ मानव जीवन अहम ध्येय, सुख आनंद प्रति क्षण । सद्गुण आदर्श सर्व व्याप्त, सात्विकता रमण अक्षण । ऊर्जस्वित कदम अग्रसर, अर्जन मनुज मनोरथ । शुद्धि से सिद्धि तक, विमल जीवन पथ ।। तन मन स्वस्थ स्वच्छ, उत्पन्न…

  • संवाद | Samvad

    संवाद ( Samvad )    संवाद सदैव दो के बीच ही होता है किंतु ,उपस्थित हर व्यक्ति,उसे अपनी समझ और प्रसंगानुरूप ही समझने का प्रयास करता है…. उपस्थिति की जरूरत आपकी नही उठे प्रश्न और समाधान की है आपका योगदान ही आपके मूल्य को परिभाषित करता है…. आपका पद या अहम नही व्यवहार और निष्पक्ष…

  • विश्व शिक्षक दिवस | Vishva Shikshak Diwas

    विश्व शिक्षक दिवस ( Vishva Shikshak Diwas )   शिक्षक चेतना का चिराग मृदुल मृदु विमल वाणी, श्री चरण कमल वरदान । कृत कृत्य श्रेष्ठ उपमा, हृदय पुनीत संधान । दर्शन दिव्य दीप्त आभा , सुषुप्त सौभाग्य जाग । शिक्षक चेतना का चिराग ।। उर तरंग पावन झंकार, अलस सदा अति दूर । शोभित मन…

  • मिंतर चौक | Minter Chowk

    मिंतर चौक ( Minter Chowk )   आओ थानै आज घुमाल्यू, चालो मित्र चौक। जगदंबा दरबार सज्यो देओ माई शीतला धोक। सब्जी मंडी सारै लागै, विघ्नहर्ता गणपति राज। गोपीनाथ जी मंदिर साजै, सुधारै सगळा काज। नैणसुखा मोदी पंसारी, चिराणियां सर्राफ व्यापारी। सटोरिया को अड्डो ठाडो, चालै राजनीति बड़ी भारी। मंच सजा भाषण बाजी हो फेर…

  • अब निद्रा से उठना चाहिए | Ab Nidra se Uthana Chahiye

    अब निद्रा से उठना चाहिए ( Ab nidra se uthana chahiye )   हमको अब गहरी निद्रा से उठ जाना ही चाहिए, बहुत सो लिए साथियों ये देर करनी न चाहिए। ख़ामोश रहकर मन ही मन में घुटना ना चाहिए, शिकायत चाहें किसी से हो छुपानी न चाहिए।। समय अनुसार साथियों सबको बदलना चाहिए, ये…

  • बेहिस सफर | Behis Safar

    बेहिस सफर ( Behis safar )    सफर में बीच ही कहीं ठहर के देखे चलो खुद के करीब कितने कहीं रुक के देखे चलो अदब के साये में कटी है जिन्दगी उनकी बदी के साये में हम भी खिलखिलायें चलो जो दिखे थे अपने वो अजनबी हैं सभी वो जो दम भरते हैं उन्हें…

  • भारत प्यारा | Bharat Pyara

    भारत प्यारा ( Bharat Pyara )    हाँ भारत प्यारा इतना है ? दुनिया में सबसे अच्छा है और न कोई इसके जैसा सुंदर भारत बस लगता है फूलों की होती है बारिश लहराता जब भी झंडा है तारीफ़ करूं कम है इसकी प्यार भरा भारत ऐसा है झंडे को दी सलामी सब ने गाया…

  • ख़ुशी | Laghu Katha Khushi

    एक गाँव में एक फ़ैक्टरी होती है,जिसमें 100 कर्मचारी काम करते हैं। सब खुश थें,पैसे सभी को थोड़े कम मिलते थे‌। फ़ैक्टरी दूर भी थी तब भी वो खुश थे। घर के पास भी फ़ैक्टरी थी वहाँ के मैनेजर बुलाते भी थे कि आपको ज्यादा सैलरी मिलेंगी यहाँ लेकिन वहाँ जाकर काम करने को कोई…

  • शिद्दत | Shiddat

    शिद्दत ( Shiddat )    मजबूरी में दिलों को श्मशान होते देखा है, शिद्दत की चाहतों को गुमनाम होते देखा है, देखा है बड़े गौर से तड़पती हुई निगाहों को, प्रेम में वफा को भी बदनाम होते देखा है। लगे प्रीत जिन नैनों से उन्हें भुलाया नहीं जाता, जिस दिल को हो इश्क उसे समझाया…

  • सफेदी का दर्द | Safedi ka Dard

    सफेदी का दर्द ( Safedi ka dard )    मैंने तो मांगी थी खुशियां मुफ्त की वह भी तेरी दौलत के तले दब गई दौड़ तो सकती थी जिंदगी अपनी भी पर, वह भी अपनों के बीच ही उलझ गई. लगाए थे फूल, सींचे थे बड़े चाव से खिलकर भी महके पर बिक गए भाव…