Bharat Pyara

भारत प्यारा | Bharat Pyara

भारत प्यारा

( Bharat Pyara ) 

 

हाँ भारत प्यारा इतना है ?
दुनिया में सबसे अच्छा है

और न कोई इसके जैसा
सुंदर भारत बस लगता है

फूलों की होती है बारिश
लहराता जब भी झंडा है

तारीफ़ करूं कम है इसकी
प्यार भरा भारत ऐसा है

झंडे को दी सलामी सब ने
गाया जब जय हिंद नग़मा है

ख़ुशहाल रहे करूं दुआ मैं
गांव नगर जो भारत का है

फूल उसे मैं दूंगा आज़म
भारत की सेवा करता है

 

शायर: आज़म नैय्यर
(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें :-

सोच में डूबा दिल है | Soch mein Dooba Dil hai

Similar Posts

  • इश्क़ को एहसान के जैसे जताया मत करो

    इश्क़ को एहसान के जैसे जताया मत करो इश्क़ को एहसान के जैसे जताया मत करोइस कदर जाने की जल्दी है तो आया मत करो। जानते हम अहमियत अपनी तुम्हारे सामनेतो ये किस्से बेक़रारी के सुनाया मत करो। मुस्कुराने पे बहुत दिलकश लगा करते हो तुममहफिलों में बेवजह तब मुस्कुराया मत करो। एक दूजे के…

  • रोज़ जीती हूँ रोज़ मरती हूँ | Roz Jeetee Hoon Roz Marti Hoon

    रोज़ जीती हूँ रोज़ मरती हूँ ( Roz jeetee hoon roz marti hoon ) रोज़ जीती हूँ रोज़ मरती हूँशम्अ सी रोज मैं तो जलती हूँ पिघला देती हूँ मैं तो पत्थर कोमैं जो सोचूँ वही मैं करती हूँ ईंट का दूँ जवाब पत्थर सेमैं कहाँ अब किसी से डरती हूँ बीत जाता तो फिर…

  • क्यूं है | Kyon Hai

    क्यूं है ( Kyon Hai ) जिस शख़्स से गिला है उससे ही प्यार क्यूं हैमुझको उसी बशर का अब इंतज़ार क्यूं है उसके बगैर सूनी लगती है दुनिया मुझकोहोता उसी से मेरा दिल खुशगवार क्यूं है जिसने कभी तो कोई वादा नहीं निभायानादान दिल को उस पर फिर ऐतबार क्यूं है खोयी रहूं सदा…

  • शौक़ है | Ghazal Shauk Hai

    शौक़ है ( Shauk Hai ) बज़्म-ए-सुख़न की शान बढ़ाने का शौक़ है। हमको भी शेअ़र सुनने-सुनाने का शौक़ है। तूफ़ान के ह़दफ़ पे तो रहना ही है उन्हें। जिनको वफ़ा के दीप जलाने का शौक़ है। कांटे किसी की राह में वो क्या बिछाएंगे। पत्थर पे जिनको फूल चढ़ाने का शौक़ है। हरगिज़ किसी…

  • बेवफ़ाई किसी ने | Bewafai Ghazal

    बेवफ़ाई किसी ने ( Bewafai kisi ne )   बिगाड़ी किसी ने बनाई किसी ने कभी दिल्लगी कब निभाई किसी ने। फिज़ा में उदासी घुली आज़ क्यूं है कहीं की है फ़िर बेवफ़ाई किसी ने। अगर तल्ख़ियां हों रखो फ़ासले तुम मुझे बात ये थी सिखाई किसी ने। मुझे भूल कर ख़ुश नहीं संगदिल वो…

  • चलन में है अब | Chalan mein

    चलन में है अब ( Chalan mein hain ab )   सीने को खोलने का फैशन चलन में है अब और गाली बोलने का फैशन चलन में है अब देखो ज़रा संभल के तुम बात कोई बोलो कम करके तोलने का फैशन चलन में है अब ये दूध जैसी रंगत आई नहीं है यूं ही…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *