Author: Admin

  • लौटआओगे तुम | Love Kavita

    लौट आओगे तुम ( Laut aaoge tum )   याद है एक बर्फीली पहाड़ी शाम सफेद चादर सी दूर तक फैली बर्फ देवदार के वृक्ष ठंडे ,काँपतें तुम्हारे हाथों की वो छूअन मात्र से पिघलने लगा मेरा रोम,रोम आँखों में तेरी मदहोशी लवों पर मुस्कान कानों में गूँजती वो निश्चल हँसी खो गये जो पल…

  • हर दिन | Har Din

    हर दिन ( Har din )    ज़िन्दगी हर दिन एक नयी चाल है इंसा दिन-ब-दिन हो रहा बेहाल है। कोई चराग बन जल रहा हर पल जाने किसका घर करे उजाल है। जो खो गया नाकामयाबी में कहीं देता कहाँ कोई उसकी मिसाल है। ख्वाहिशों का अपनी बोझ ढोते ढोते हर दिन वो कितना…

  • निकम्मा | Nikamma

    उसे सभी निकम्मा कहते थे। वैसे वह 15 — 16 साल का हो चुका था लेकिन उसका मन पढ़ने लिखने में नहीं लगता था । यही कारण था कि कई कई बार तो वह फेल होने से बच गया। उसे नहीं समझ में आ रहा था कि आखिर कैसे पढ़ाई करू कि जो मुझे लोग…

  • बागबा | Bagba

    बागबा ( Bagba )    तुम तो बागबा थे तुम्हारे खिलाए हुए फूल,आज भी किए हैं गुलजार गुलशन को…. आप अपने ही लगाए कांटों की बाड़ मे कर लिए पैर जख्मी कसूर तो आप ही का था.. बदलेगी न जब तक मानसिकता आपकी संभव होगी न उन्नति कभी टटोलते हो गैर की कमियों को भूल…

  • खुशियों में हर मातम बदला | Matam Shayari

    खुशियों में हर मातम बदला ( Khushiyon mein har matam badla )    गर्मी का ये आलम बदला बारिश आयी , मौसम बदला ज़ख़्म नहीं भर पाये दिल के साल महीने मरहम बदला लोग नये सत्ता में आये हर छत पर अब परचम बदला साल महीने मौसम बदले लेकिन कब मेरा ग़म बदला सच्चा समझा…

  • परम हितकारी है करेला | Karela

    परम हितकारी है करेला ( Param hitkari hai karela )    परम हितकारी एवं औषधीय गुणों का है यह भण्डार, जिसका नियमित-सेवन पेट रोगों में करता है सुधार। ये मधुमेह के रोगियों के लिए जो है औषधि रामबाण, इन हरि सब्जियों में मानों जैसे ये सबका है सरदार।। कड़वा होने पर भी बहुत लोग इसको…

  • महाशक्ति ये देश बने | Mahashakti ye Desh Bane

    महाशक्ति ये देश बने ( Mahashakti ye desh bane )    हक की बातें कम करते हो,देखा पिछली सालों में, कितने नाम उछलकर आए स्विस बैंक,हवालों में। जिसने देश आजाद कराया क्यों जेहन से भूल गए? उनके नाम कहाँ छपते हैं आजकल अखबारों में। घर कितने जला डाले देखो आस्तीन के साँपों ने, खून से…

  • कितनी मजबूर बेटियां | Beti par Kavita in Hindi

    कितनी मजबूर बेटियां ( Kitni majboor betiyaan )   कितनी !मजबूर बेटियां दंरिदगी को झेलती शर्मिंदगी से गुजरती लहूलुहान होती हैं ये बेटियां करके निर्वस्त्र नोचते हैं छातियां देते हैं गालियां कितनी! बेबस लाचार बेटियां रोती बिलखती हाथ जोड़ती देकर दुहाई इंसानियत की चीखती हैं बेटियां जिस्म ही नहीं रुह भी घायल दंश हैवानियत के…

  • वफ़ादार नहीं थे | Wafadar Shayari

    वफ़ादार नहीं थे ( Wafadar nahi the )  बहर-मफऊल -मुफाईल-मुफाईल-फऊलुन   कुछ दोस्त हमारे ही वफ़ादार नहीं थे वरना तो कहीं हार के आसार नहीं थे ख़ुद अपने हक़ों के हमीं हक़दार नहीं थे हम ऐसी सियासत के तलबगार नहीं थे झुकने को किसी बात पे तैयार नहीं थे क्यों हम भी ज़माने से समझदार…

  • जो वीरगति को पाए | Jo Veergati ko Paye

    जो वीरगति को पाए ( Jo veergati ko paye )    सरहद पे अटल खड़े जो, सीमा पर शीश चढ़ाये। जरा याद उन्हें भी कर लो, जो वीरगति को पाए। जरा याद उन्हें भी कर लो बढ़ बढ़कर जंग लड़े जो, वो वंदे मातरम गाए। वो आजादी के दीवाने, जो क्रांतिवीर कहलाए। तिलक करें माटी…