Author: Admin

  • अवशेषी पुस्तिका | Avsheshi Pustika

    अवशेषी पुस्तिका ( Avsheshi Pustika )   ना सारांश ना ही उद्धरण; ना प्रतिमान ना ही प्रतिच्छाया छोटी सी स्मृति भरी अशुद्ध संवेदी अवधारणा हूँ… अप्रचलित परिच्छेदों; त्रुटियों से पूर्ण परित्यक्ता कही जाने वाली अधुरी सी गूढ़ कहानी हूँ… मेरे घटिया शब्दों के प्रत्युत्तर में तुम्हारी सभ्य खामोशी के अर्थ ढूँढने की कोशिश करती सस्ती…

  • तिरंगा | Poem on Tiranga

    तिरंगा ( Tiranga )    फहर फ़हर फहराए तिरंगा भारत की शान बढ़ाए तिरंगा वतन का गौरव गान तिरंगा हम सबका अभिमान तिरंगा अमर शहीदों का बलिदान तिरंगा वीर सपूतों का स्वाभिमान तिरंगा वतन की आन बान शान तिरंगा जन गण मन का है जान तिरंगा राष्ट्र धर्म का मेरे सम्मान तिरंगा उज्वल भविष्य की…

  • झंडा फहरायें | Jhanda Fahraye

    झंडा फहरायें! ( Jhanda fahraye )   स्वतंत्रता दिवस फिर आया रे ! चलो झंडा फहरायें।              झंडा फहरायें और  झंडा लहरायें, (2) एकता की ज्योति जलायें रे ! चलो  झंडा फहरायें।             शहीदों के पथ पर आओ चलें हम,             जान हथेली  पर लेकर  बढ़ें  हम। जोश  लहू  का  दिखाएँ  रे !  चलो  झंडा …

  • मेरी माटी मेरा देश | Meri Maati mera Desh

    मेरी माटी मेरा देश ( Meri maati mera desh ) (1) देश हमारा जैसे गंगा सागर अति पावन इसकी माटी है देवों की भी यह मानस माता बंधुत्व भाव ही दिखलाती है गंगा जमुना और सरस्वती की संगम तट पर बहती नित धारा है सांझ सकरे सिंधु चरण पखारे कश्मीर मुकुट सा लगता प्यारा है…

  • बंटवारा | Batwara

    ( स्वातंत्रता दिवस विशेष ) लगभग 100 वर्ष पूर्व की बात है भारत पाकिस्तान और बांग्लादेश तीन भाई थे। वे सभी बड़े प्रेम से रहा करते थे। आपस में कोई मनमुटाव होता तो आपसी बातचीत से सुलझा लेते थे। यह प्रेम कुछ दुष्ट प्रवृत्ति के लोगों को देखीं नहीं जा रही थी। तीनों शरीर से…

  • वह भारतमाता | Vah Bharatmata

    वह भारतमाता ( Vah Bharatmata )   वह भारतमाता है, हम सबको प्यारी जिसका लोहा मानती दुनिया सारी । भगीरथ ने जहाँ पतित पावनी गंगा ऊतारी, संतों-गुरुओं, पीरों ने जिसकी छवि सँवारी, ज्ञान-गुणों, संस्कारों की भरी पिटारी, पूरी दुनिया में सब देशों से जो है न्यारी । वह भारतमाता है, हम सबको प्यारी । सर…

  • ये दुनिया किसी और की है | Ye Duniya Kisi aur ki Hai

    ये दुनिया किसी और की है ( Ye duniya kisi aur ki hai )   कदम -कदम पे जवानी उछाला न करो, खाओ न उबाल क्रोध पाला न करो। मैले न कहीं हो जाएँ रिश्तों के लिबास, इश्क की अर्थी तू निकाला न करो। बदल दो दुनिया की जलती तस्वीर को, जंग में जंग को…

  • स्वतंत्र भारत स्वाधीन भारत | Swatantra Bharat Swadhin Bharat

    स्वतंत्र भारत स्वाधीन भारत ( Swatantra Bharat Swadhin Bharat )    अंग्रेजों के शासन से पहले भारत सोने की चिड़िया था, दूध की नदियां बहती थीं और धरती उगाती सोना सा, छल कपट की नीति से अंग्रेजों ने गुलाम बनाए रखा, रक्त चूसकर ले गए सब भारत माता के आंचल का !! भारत माता के…

  • सबसे ग़रीब | Sabse Garib

    सरकार की आवास योजना का कार्य पूर्ण हो चुका था। ऐसे में उस व्यक्ति की खोज की जा रही थी जो कि संपूर्ण प्रदेश में सबसे गरीब हो। किस व्यक्ति को सबसे गरीब सिद्ध किया जाए यह कहना मुश्किल था। और गहराई से जब फाइलों की जांच होने लगी तो ऐसी ऐसी फ़ाइलें मिली की…

  • सैनिक देश का अभिमान | Sainik Desh ka Abhiman

    सैनिक देश का अभिमान ( Sainik desh ka abhiman )   देश का सैनिक होता है अपने देश का अभिमान, करना देश के वासियों तुम उसका मान-सम्मान। लुटा देते है वतन के खातिर जो अपनी यह जान, करना उन पर गर्व साथियों होता देश की शान।। धन्य है वह माॅं-बाप जिन्होंने जन्मी ऐसी सन्तान, जान…