दुआ से | Dua se
दुआ से ( Dua se ) रोज़ करता हूँ दुआ मैं वो ख़ुदा से अब शिफ़ा मिले तेरी रब दवा से रब बनाए रख नज़र ऐ रोज़ मुझपर दूर हर पल मैं रहूँ रब हर बला से जिंदगी से दूर खुशियाँ हुई यूं हाँ नमाजो की यहाँ यारों क़ज़ा से हो गया हूँ आज…
दुआ से ( Dua se ) रोज़ करता हूँ दुआ मैं वो ख़ुदा से अब शिफ़ा मिले तेरी रब दवा से रब बनाए रख नज़र ऐ रोज़ मुझपर दूर हर पल मैं रहूँ रब हर बला से जिंदगी से दूर खुशियाँ हुई यूं हाँ नमाजो की यहाँ यारों क़ज़ा से हो गया हूँ आज…
लापता कर गया ( Laapata kar gaya ) तंज़ के तीर सारे चला कर गया। है बिछड़ के बहुत ख़ुश बता कर गया। ज़ख़्म फिर से हमारा हरा हो गया कौन उसका यहां तज़किरा कर गया। दी रिहाई हमें इश्क़ की क़ैद से ख़त्म वो प्यार का सिलसिला कर गया। तोड़ कर दिल हमारा…
नर से नारायण ( Nar se narayan ) कहां गया, मेरा वह बचपन सारे खेल खिलौने, समय आज का लगता जैसे कितने क्रूर धिनौने। साथ बैठना उठना मुस्किल मुस्किल मिलना जुलना, सबमें तृष्णा द्वेष भरा है किससे किसकी तुलना। बात बात पर झगड़े होते मरते कटते रहते कभी नही कोई कुछ करते जो कुछ…
….जीवन और मृत्यु…. ( Jeevan aur mrityu ) जन्म और मृत्यु के मध्य ही तो संसार है यह उक्ति ही सर्वथा निराधार है वर्तमान तो अतीत के प्रारब्ध का सार है इसमें का कर्म ही भविष्य का द्वार है… लिप्त हो जाना ही लुप्त हो जाना है मोह मे फंसना ही उलझ जाना है…
आँख का नूर बनो तो सही ( Aankh ka noor bano to sahi ) बात दिल की कभी तुम कहो तो सही सिर्फ तुम दिल में मेरे रहो तो सही प्रीति की रोशनी जगमगा दो हृदय दीप बाती-सरिस तुम जलो तो सही जिन्दगी का है लम्बा सफर साथ में दूर कुछ हमसफर तुम चलो…
चंद्रयान-३ ( Chandrayaan-3) ( 1 ) नया द्वार खोलेगा चंद्रयान देखो, बनेगा भारत की पहचान देखो। मुट्ठी में मेरे रहेगा अब चंदा, बढ़ेगा जगत में मेरा सम्मान देखो। कठिन दौर से मेरे गुजरे वैज्ञानिक, उनके भी चेहरों पे मुस्कान देखो। ख्वाहिशें हमारी सदा से हैं जिन्दा, उनके अंदर का अभिमान देखो। स्वागत करो रोली,तंदुल, श्रीफल…
वोटर ज़हीन हो जाये ( Voter zaheen ho jaye ) इक मुहब्बत का सीन हो जाये चाय सँग चाऊमीन हो जाये इक झलक महजबीन हो जाये इश्क़ ताज़ातरीन हो जाये दिल का कमरा है खाली मुद्दत से कोई इसमें मकीन हो जाये बैठ जाओ जो रूबरू मेरे यह ग़ज़ल बेहतरीन हो जाये गुफ्तगू प्यार…
प्रार्थना ( Prarthana ) एक है हम सब विश्व भी एक धमनियों में बहे रक्त एक सा जन्म मृत्यु में ना कोई भेद हैl बालपन किशोरावस्था बुढ़ापा है उम्र के पड़ाव मे समानता वस्त्र बोली भाषा सिर्फ़ अलग संस्कृति सीखने की है ललक हो जाए कहीं दुर्घटना कभी उठाते हैं…
कुछ अनछुए अहसास ( Kuch anachue ehsas ) अलख तेरा सितारों में, प्रणय की बंदिनी हो तुम मेरी हर मुस्कुराहट हो, समग्र सब जिंदगी हो तुम, तुम्हें ही सोचता हूं मैं, तुम्हें ही जीवता हूं मैं, मेरी हर प्यास को आस, मेरी तिश्नगी हो तुम तुम्हारे हाथ का मेरे हाथों से स्पर्श स्पन्दन करेगा…
सावन मास है आया ( Sawan mass hai aya ) हरा भरा यह दृश्य देखकर मन सभी का हर्षाया, खुशियों की प्यारी सौगातें सावन मास है लाया। दुल्हन सी आज सजी वसुंधरा इंद्रदेव जो आया, मन की बातें हम लिखें इसलिए क़लम चलाया।। उमड़ घुमड़कर बादल आएं धरती को महकाया, आसमान से इन्द्रदेव ने…