Bhai Dooj Parv

भाई दूज पर्व | Bhai Dooj Parv

भाई दूज पर्व

( Bhai dooj parv ) 

 

यम यमुना सा पावन, भाई बहन का प्यार

कार्तिक मास शुक्ल द्वितीया,
तिथि अद्भुत अनूप विशेष ।
सृष्टि रज रज विमल प्रवाह,
भाई दूज खुशियां अधिशेष ।
परस्पर मंगलता कामना अथाह,
शीर्ष वंदित परंपरा संस्कार ।
यम यमुना सा पावन, भाई बहन का प्यार ।।

भाई दूज पौराणिक कथा,
अलौकिकता परम अहसास
परम लोक आस्था विश्वास,
जन आभा अति हर्ष उल्लास ।
असीम शुभ कामना उर धर,
स्वसा प्रदत्त अप्रतिम उपहार ।
यम यमुना सा पावन, भाई बहन का प्यार ।।

नेह अनुबंध मृदुल भाव ,
दृढ़ संकल्प रक्षा वचन ।
आन बान शान अभिवृद्धि,
हर पल मुस्कान जतन ।
विपरित काल ढाल बन,
दिशा विमुख कंटक बहार ।
यम यमुना सा पावन, भाई बहन का प्यार ।।

भ्राता भगिनी दिव्य रिश्ता,
देवलोक नित्य हर्षित गर्वित ।
निश्चल प्रेम अर्थ परिभाषा,
अंतर बिंदु दर्शित दर्वित ।
पुनीत बेला अनुपस्थिति भान,
दोऊ नयनन अविरल अश्रु धार ।
यम यमुना सा पावन, भाई बहन का प्यार ।।

 

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

यह भी पढ़ें :-

बाल दिवस | Bal Diwas ki Kavita

Similar Posts

  • Hindi kavita : मेरी इच्छा

    मेरी इच्छा ( Meri ichha : Kavita )    काश हवा में हम भी उड़ते तितलियों से बातें करते नील गगन की सैर करते अपने सपने को सच करते बादलों को हम छू लेते चाँद पर पिकनिक मनाते  मनचाही मंजिल हम पाते पेड़ो पर झट चढ़ कर हम जंगली जानवरों से बातें करते पंछियों से…

  • Kavita Papi pet ke khatir | पापी पेट की खातिर

    पापी पेट की खातिर ( Papi pet ke khatir )   वो चिड़िया रोज सवेरे है आती करने चीं चीं चीं चीं मधुर स्वर लहरियां उसकी मेरे मीठे स्वप्न पर,भारी है पड़ती। जाग जाता हूं फटाफट उसके लिए दाना पानी रख आता हूं फुदक फुदककर है खाती कभी जलपात्र में नहाती मानो मुझे हो रिझाती…

  • राम दरबार | Kavita

    राम दरबार ( Ram darbar )   अमरावती  पृथ्वी  पे  जैसे, इन्द्र का दरबार। अद्भुत सुहाना सरस हो, श्रीराम का दरबार।   भवहीन तन आनंद मन,सौन्दर्य नयनभिराम, श्रीराम का मन्दिर जहाँ, मन जाए बारम्बार।   साकेत दमके पुनः पथ, दर्पण का हो एहसास। श्रीराम जी आए है जैसै, तन में थम गयी सांस।   तोरण…

  • कृष्ण | Krishna Kavita Hindi

    कृष्ण ( Krishna )    सूर्य से चन्द्र में आए कृष्ण, बाल रूप दिखाए कृष्ण। काल-कोठरी में लिए जनम, माखन, माटी खाए कृष्ण। ब्रह्मांड दिखाए यशोदा जी को, नन्द की गाय चराए कृष्ण। राधा -मीरा दोनों ने चाहा, प्रेम की ज्योति जलाये कृष्ण। एक दरस दीवानी, एक प्रेम दीवानी, प्रीति का स्वाद चखाए कृष्ण। प्रेम…

  • शब्दों का सफर | Poem shabdon ka safar

    शब्दों का सफर ( Shabdon ka safar )   शिकस्त शिकस्त कर देंगे मंसूबे हम अपने प्यार से। कह देंगे राज सारे आज अपने दिलदार से। दुश्मनों से कह दो आंखें खोलकर देखें जरा। तूफानों में पलने वाले डरते नहीं तलवार से।   चौबारा घर का आंगन दीवारें वो चौबारा भी गाता है बिटिया आंगन…

  • डर | Darr

    डर ( Darr )    आखिर किस भुलावे में है आप सच बताएं क्या चाहते हैं आप चाहते हैं आजादी पर आजाद रहने से डरते हैं चाहते हैं स्वर्ग पर स्वर्गीय होने से डरते हैं सच बताएं ,क्या चाहते हैं आप चाहते हैं अपना बनाना पर अपना बनाने से डरते हैं समझाना तो चाहते हैं,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *