कहानियां

  • श्राद्ध तर्पण | Shradh Tarpan

    आलेख श्राद्ध तर्पण मुख्य रूप से गृहस्थ द्वारा किए जाने वाले ब्रम्ह यज्ञ, देव यज्ञ , पितृ यज्ञ, अतिथि यज्ञ तथा बलिवैश्व यज्ञ में पितृ यज्ञ के अंतर्गत आता है। पितृ यज्ञ जीवित माता-पिता, आचार्य, विद्वान मनुष्य आदि की सेवा है। इस यज्ञ के श्राद्ध तर्पण दो भाग हैं। श्राद्ध तर्पण मृतक का नहीं बल्कि…

  • कर्ण | Karn

    कर्ण एक ऐसा महायोद्धा महादानी जो उसकी स्वयं की गलती नहीं होने पर भी जीवन भर अपमानित होता रहा। आखिर उसकी गलती ही क्या थी? जो जन्म के साथ ही उसकी मां ने उसे त्याग दिया ।शिक्षा प्राप्त करने गया तो वास्तविकता जानने पर गुरु ने समय पर सीखी हुई विद्या न याद होने का…

  • कलयुग के राम | Kalyug ke Ram

    सभी उन्हें कलयुग के राम कहते हैं। वैसे उनका नाम उनके माता-पिता ने रामचंद्र रखा भी था। भगवान राम जैसे उनका स्वभाव भी है । भाइयों को एक सूत्र में बांधने की कला उन्होंने आजीवन की है। वैसे उनकी शादी हो चुकी थी कि पिता का साया सिर से उठ गया। परिवार की सारी जिम्मेदारी…

  • नाग पंचमी लघुकथा | Nag Panchami Laghukatha

    एक बार एक सांप गिरजाघर में चला गया और वहां लोगों ने उसे देखा तो भगदड़ मच गयी। किसी प्रकार से वह अपनी जान बचाकर एक बिल में घुस गया। वह बहुत डर गया था। एक दिन वह फिर बाहर निकला तो वह एक मस्जिद में घुस गया। लोगों ने जब देखा तो उसे खदेड़…

  • भाई की ताक़त | Bhai ki Takat

    कहा जाता है भाई ताकत है । भाई शक्ति है । यदि भाई साथ है तो आप पूरी दुनिया को जीत सकते हैं। यदि भाई साथ नहीं है तो आप पूरी दुनिया से हार जाते हैं। अयोध्या में राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न चार भाई थे। चारों भाइयों का पालन पोषण बड़े ही लाड प्यार से…

  • अहिल्या | Ahilya

    रूप सौंदर्य की प्रति मूर्ति है अहिल्या। अहिल्या के सौंदर्य को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उसका विवाह गौतम ऋषि के साथ हुआ था। कहा सौंदर्य की प्रति मूर्ति और कहा ऋषि महर्षि। कोई मेल नहीं खाता था। एक बार देवराज इन्द्र की उस पर पड़ी तो वह उसके सौन्दर्य को निहारता ही…

  • मां | Maa par Laghukatha

    एक विद्यालय में महिला अभिभावक अपने बच्चों के एडमिशन के लिए आई वह प्रधानाचार्य जी से कहे जा रहे थी -“देखिए यह सामने दरवाजा लगा दीजिएगा । वह बाहर साइड में बच्चा ना जाने पाए । मैडम जी! यह बच्चा हमें बहुत समय बाद पैदा हुआ है । इसे मैं गली में भी नहीं खेलने…

  • तेरही | Terahee

    “बहुत मजा आया। कितनी अच्छी पूड़ी कचौड़ी सब्जी बने थे ऊपर से रसगुल्ले भी मिले।’ तेरही खाकर लौट रहे सुदेश ने अपने मित्र से कहा। ” मजा तो आया भाई लेकिन यार देखो ना बीमारी के कारण शरीर सूखकर कांटा हो गया ।सारा पैसा दवाई में खर्च कर दिया । खेत भी गिरवी रख दिया…

  • स्वर्ग नरक | Swarg Narak

    कहा जाता है कि जीवित जा नहीं सकता है और मरा हुआ व्यक्ति बता नहीं सकता तो आखिर स्वर्ग नरक को किसने देखा है। लेकिन देखा जाए तो इसी स्वर्ग नरक पुण्य पाप मुक्ति ईश्वर आदि के माध्यम से धर्म गुरुओं में हजारों वर्षों से समाज को गुमराह किये हुए है। देखा गया है कि…

  • शिक्षा का व्यापार | Shiksha ka Vyapar

    रजनी एक विद्यालय में शिक्षिका है। एक दिन विद्यालय के प्रबंधक ने उसे बुलाकर कहा,-” यह तूने क्या किया? इस बच्चे को इतने कम नंबर कैसे दिया? तुम्हारे कुछ अकल है कि नहीं? यदि ऐसे ही करती रही तो एक दिन विद्यालय बंद हो जाएगा।” रजनी बहुत डर गई थी उसने डरते हुए पूछा,-” क्या…