कविताएँ

  • घर का बटवारा | Kavita ghar ka batwara

    घर का बटवारा ( Ghar ka batwara )   घर की चौखट दीवारें भी कांप उठी थी आज जाने किसकी नजर लगी बरस पड़ी थी गाज   घर के बंटवारे को लेकर अब बैठ गए सब भाई बाबूजी की पेंशन पर भी हिसाब जोडै पाई पाई   सारा आंगन थर्राया बहना का भी दिल भर…

  • प्रतिज्ञा | Kavita pratiggya

    प्रतिज्ञा ( Pratiggya ) भीष्म प्रतिज्ञा की भीष्म ने महाभारत के काल में कौरव पांडव राज करे रहूं अविवाहित हर हाल में   जुए में हार गये पांडव दुशासन ने दुस्साहस किया प्रतिज्ञा द्रोपदी ने कर केशों को खुला छोड़ दिया   राष्ट्रप्रेम में देशभक्ति में देशभक्त प्रतिज्ञा करते हैं सार्वभौम सुरक्षा कर हुंकार वंदे…

  • तेरा इंतज़ार | Poem tera intezaar

    तेरा इंतज़ार ( Tera intezaar )   आ गया मधुमास सुहाना, चलने लगी बयार। मोती बरसे प्रेम के, उमड़ रही रसधार। आ जाओ प्रियतम प्यारे, कुदरत ने किया श्रंगार। हमें तेरा इंतजार, हमें तेरा इंतजार।   दमक उठा मन का कोना, हृदय उमड़ता प्यार। फागुन का महीना आया, प्रीत भरा इजहार। होली के रंगों में…

  • साथी हाथ बढ़ाना | Geet sathi haath badhana

    साथी हाथ बढ़ाना ( Sathi haath badhana )   प्रीत तुम्हारी मन को भाती, प्रीत जरा निभाना। साथी हाथ बढ़ाना, साथी हाथ बढ़ाना।   वृंदावन सा हृदय हो गया, गोकुल सा अफसाना। आंधी तूफां मुश्किलों का, सुख सागर बन जाना। बजे बांसुरी जब मोहन की, झूम झूमकर गाना। साथी हाथ बढ़ाना, साथी हाथ बढ़ाना।  …

  • वसन्त – दोहायन | Basant poem

    “वसन्त – दोहायन” ( Basant dohayan )   मेटे ऋतु सन्देश ने, सभी कठिन सन्त्रास! हुई प्रतीक्षापूर्ण और, सफल हुए आयास !!   हैअब पुष्पित औ’फलित,जन्मजन्म की प्रीत! पास अवनिके आगया, फिर वसन्त मनमीत !!   आया अब गुदगुदाता, लिए विमल अनुराग! गुन गुन करते भ्रमरसा, खोजक पुष्पपराग !!   धरा वसंती हो गई, अनुभव…

  • अपनों से जंग | Kavita apno se jung

    अपनों से जंग ( Apno se jung )   भले बैर भाव पल रहे जंग नहीं लड़ सकते हैं चंद चांदी के सिक्कों पे हम नहीं अड़ सकते हैं   अपनापन अनमोल गायब सदाचार मिलता कहां रिश्तो में कड़वाहट घुली वह प्रेम प्यार रहा कहां   एक दूजे को नैन दिखाए भाई से भाई टकराए…

  • संत रविदास | Poem on Sant Ravidas in Hindi

    संत रविदास ( Sant Ravidas )     रैदास कहो रविदास कहो संतो के वचन निराले है। सदाचार सुधारस बरसता प्रभु जिनके रखवाले है।   भक्तिभाव में रत रहते भजन निरंतर भजते रहते। पावन गंगा धारा से संदा मन के भाव रचते रहते।   अमृतवाणी होठों से झरती रहती मधुर रसधार। सादगी से जीवन जीते…

  • जब उनसे मुलाकात हुई | Geet

    जब उनसे मुलाकात हुई ( Jab unse mulaqat hui )   खिल गई मन की बगिया मधुर सुहानी रात हुई महक उठा दिल का चमन जब उनसे मुलाकात हुई   साज सारे थिरक उठते मधुर वीणा के तार बजे होठों पर सुर मुरली के मधुर हंसी चेहरे पे सजे गीतों की मोहक बहारें संगीत की…

  • इतिहास का सत्य | Kavita itihaas ka satya

    इतिहास का सत्य ( Itihaas ka satya ) इतिहास परख कर एक एक, देखों उसका परिणाम था क्या। किस कारण खण्डित हुई धरा, देखों उसका प्रमाण था क्या। तुम कही सुनी बातों से बचकर, हर तथ्यों से निष्कर्ष गढो, तब ही तुम सत्य को जानोगे, विध्वंस है क्या निर्माण था क्या। अंग्रेजों और मुगलों से…

  • दिल से आगाज़ | Poem on valentines day in Hindi

    दिल से आगाज़ ( Dil se aagaaz ) दिल से आगाज़ , रूह पर अंजाम हो ऐसा ‘फसाना लिख जाता है यह…. इश्क खुद ना मुक्कम्मल रहकर भी मुक्कम्मल कर जाता है यह….इश्क कभी दीदार-ए-चांद,कभी इक ‘ बूंद ‘की खातिर चकोर सा कभी, तो किसी को पपीहा सा तरसा जाता है यह… इश्क #HappyValentinesDay लेखिका…