कविताएँ

  • युद्ध | Kavita youdh

    युद्ध ( Youdh )   देशों की लड़ाई भीषण चाहे युद्ध महाभारत होता समर भयंकर दुखदाई अनिष्ट अशुभ आर्त होता   हाहाकार मच जाता है मारकाट होती भारी नरसंहार निरंतर होता विनाश लीलायें सारी   राम रावण युद्ध हुआ तो लंका का विनाश हुआ कलिंग युद्ध में अगणित कितना नरसंहार हुआ   कौरवों की जिद…

  • चंद्रशेखर आजाद | Kavita Chandrashekhar Azad

    चंद्रशेखर आजाद ( Chandrashekhar Azad ) आजादी का दीवाना चंद्र उसने सौगंध खाई थी अंग्रेजी हुकूमत की जिसने सारी जड़े हिलाई थी   क्रांति काल में क्रांतिवीर गोला बारूद में चलते थे आजादी के दीवाने जब बांधे कफन निकलते थे   चंद्रशेखर आजाद भगतसिंह राजगुरु से लाल हुए राष्ट्रधारा में देशभक्त वो क्रांतिकारी कमाल हुए…

  • नियति | Poem niyati

    नियति ( Niyati )   नियति ने क्या खेल रचाया हे ईश्वर ये कैसी माया कहर बन कोरोना आया कांपी दुनिया घर बैठाया   नीति नियम तोड़े न जाते कुदरत का पार न पाते डोर थामे ऊपर वाला कठपुतली सा नाच नचाते   सुखों का सागर उमड़े कहीं दुखों की गिरती गाज विधि का विधान…

  • प्रेम | Poem prem

    प्रेम ( Prem )   लिख देता हूँ नाम तेरा पर, बाद मे उसे मिटाता हूँ। और फिर तेरे उसी नाम पर,फिर से कलम चलाता हूँ।   एक बार हो तो समझे कोई, बार बार दोहराता हूँ। कैसी है यह प्रीत मेरी जो, बिना समझ कर जाता हूँ।   बैठ अकेले में पागल सा, मैं…

  • अलविदा सर्दी | Poem alvida sardi

    अलविदा सर्दी (  Alvida sardi )     आ गया मधुमास सुहाना चली मस्त बयार सर्दी को अलविदा कहने लगे सब नर नार   फागुन महीना आ गया खिलने लगी धूप भी ठंड गायब हो गई कलियां खिली अनूप सी   धुंध कोहरा ओस सारे अब छोड़ चली पुरवाई खुशबू फैली बागानों में महक उठी…

  • याद तेरी जब आती है | Poem yaad

    याद तेरी जब आती है ( Yaad teri jab aati hai )   मन  के  जुड़ते  तार  सभी, दूरियां मिट जाती है। मधुर मधुर दुनिया लगती, याद तेरी जब आती है।   खुल जाता किस्मत ताला, सारी बातें उर भाती है। स्वर संगीत सुहाता लगता, याद तेरी जब आती है।   मधुर बरसता सावन लगता,…

  • अपना धर्म बताना है | Poem apna dharm batana hai

    अपना धर्म बताना है ( Apna dharm batana hai )   बुझी हुई चिंगारी है ये, फिर से इसमे आग भरो। याद करो इतिहास पुराना, और फिर से हुंकार भरो।   कोटि कोटि हिन्दू के मन में, धर्म के प्रति सम्मान भरो। दानव दल फिर प्रबल ना होए,तुम ऐसा प्रतिकार करो।   नही सहिष्णु हमें…

  • रंग केसरिया छाया | Poem rang kesariya chhaya

    रंग केसरिया छाया ( Rang kesariya chhaya )   हर हर महादेव स्वर गूंजे स्वर लहरियां लाया है भारत भू के खंड खंड में रंग केसरिया छाया है   तपोभूमि त्याग तपस्या तलवारों का है जोश जहां रणवीरों रणधीरों में भरा भारतमाता जयघोष यहां   वीर शिवाजी छत्रपति शूरमां महाराणा प्रताप यहां दानी कर्ण कृष्ण…

  • दुलार | Poem dulaar

    दुलार ( Dulaar )     नन्ना मुन्ना राजदुलारा, सबकी आंखों का तारा। आशाओं भरा सितारा, खुशियों का खजाना सारा।   खुशी की शुभ घड़ी आई, घर-घर बंट रही बधाई‌। दादी अम्मा को दुहाई, किलकारी सबके मन भाई। बधाई हो बधाई,बधाई हो बधाई।   नटखट बालक इठलाता, मोहक मोहक मुस्काता। कृष्ण कन्हैया सलोना, ठुमक ठुमक…

  • होली आई रे होली आई रे | Poem holi aayi re

    होली आई रे, होली आई रे ( Holi aayi re, holi aayi re )   होळी आई रे सांवरिया खेलां फाग भरी होली आई रे, होली आई रे   रंग गुलाल अबीर लगावा चंदन तिलक बारी-बारी होली आई रे, होली आई रे   रंग रंगीलो फागण आयो, मस्ती भरर्यो माहौल हो छायो भर पिचकारी केसर…