कविताएँ

  • शिक्षक | Shikshak Par Kavita

    शिक्षक ( Shikshak )   ये सच है जन्म पोषण परिवार दे देते हैं। शिक्षक उसे सफलता का द्वार दे देते हैं।। जीवन‌ के मनोरथ सकल सिद्ध तुम्हारे हों, यश  कीर्ति  बढ़े  ऐसा संस्कार दे देते हैं।। आने का प्रयोजन भी कुछ शेष न रह पाये, अन्त: तिमिर में सूर्य सा उजियार दे देते हैं।।…

  • शिक्षक युग निर्माता है | Shikshak Yug Nirmata

    शिक्षक युग निर्माता है ( Shikshak yug nirmaata hai ) ज्ञान के मोती लुटाये, शिक्षा की ज्योत जलाता है। उजियारा करके जीवन मे, राह सही दिखलाता है। शिक्षक युग निर्माता है सदाचार का पाठ पढ़ाए, हृदय संस्कार भर के। उन्नति शिखर पहुंचाए, चहुमुखी विकास करके। कलम का सच्चा सिपाही, गुरु भाग्यविधाता है। मां शारदे साधक…

  • गुरुर ब्रहमा गुरुर विष्णु | Teacher’s Day Par Kavita

    गुरुर ब्रहमा गुरुर विष्णु ( Gurur Brahma Gurur Vishnu )   जहाँ सिर श्रृद्धा से झुक जाते है अपने शिक्षक सभी याद आते हैं माँ मेरी प्रथम शिक्षिका है मेरी जीवन की वही रचियेता है पिता से धेर्य सीखा और सीखी स्थिरता चुपचाप जिम्मेदारी वहन करना और मधुरता दादी दादा नानी नाना से सीखा मिलजुल…

  • गुरु कुम्हार | Kavita

    गुरु कुम्हार ( Guru kumhar )   गुरु कुम्हार शिष् कुंभ है गढ़ी गढ़ी कांठै खोट। अंतर हाथ सहार दे बाहर बाहे चोट। हर लेते हो दुख सारे खुशियों के फसल उगाते हो। अ से अनपढ़ ज्ञ से ज्ञानी बनाते हो। चांद पर पैर रखने की शिक्षा भली-भांति दे जाते हो। नेता, अभिनेता, डॉक्टर, इंजीनियर,…

  • सौतन | Kavita

    सौतन ( Sautan )   कर में सौतन देके गये ब्रजनाथ राधिका रानी के। खेलते रही अधर पर प्रिय के राज किये मनमानी के।।१   गये श्याम जबसे मथुरा हैं भूल गये गोकुल नगरी, घटा कालिंदी का जल इतना लगती है उतरी उतरी। चले गये चितचोर नैन जलधार बहे राधारानी के।। २   छायी खुशी…

  • जगाने कौन आया है | Geet

    जगाने कौन आया है ( Jagane kaun aaya hai )   भरी बरसात में मुझको जगाने कौन आया है, अंधेरी रात में दीपक जलाने कौन आया है।   ये कैसा कहर कुदरत का ये कैसा शहर मुर्दों का, खुशियों से कहीं ज्यादा लगे प्रभाव दर्दों का।   जगाओ चेतना अब तो बढ़ चलो आमरण सब…

  • दीवारों के कान | Geet

    दीवारों के कान ( Geet : deewaron ke kaan )   कितने घर उजाड़े होंगे, सारे भेद ले जान। सारी दुनिया ढोल पीटते, दीवारों के कान।   मन की बातें मन में रखना, सोच समझ ले इंसान। राम को वन में भिजवा दें, दीवारों के कान।   कहीं मंथरा आ ना जाए, घर में कृपा…

  • श्याम सलोने | Kavita

    श्याम सलोने ( Shyam Salone )   राधा को मिल गए श्याम राधा प्यारी गाती फिरे राधा जाने लगी संग गईया चली श्याम माखन में डुबकी लगाने लगे संग राधा के झूम झूम गाने लगे राधा बैठन लगी संग पायल बजी श्याम पांव में मेहंदी लगाने लगे संग राधा की झूम-झूम गाने लगे राधा खेलन…

  • अब पहली सी बात नहीं है | Kavita

    अब पहली सी बात नहीं है ( Ab pehli si baat nahi hai )   कह देते थे खरी खरी पर, पीठ के पीछे घात नहीं है। बदल गया है आज जमाना, अब पहली सी बात नहीं है।।   ऋषि मुनि और संत महात्मा, मन फकीरी धरते थे। मोह माया से दूर रहे वो, कठिन…

  • बधाई बजे यशोदा द्वार | Poetry On Krishna Janmashtami

    बधाई बजे यशोदा द्वार ( Badhai baje yashoda dwar )   -कृष्ण ने लिया मनुज अवतार             लयबद्ध—–   बधाई बजे यशोदा द्वार, कृष्ण ने लिया मनुज अवतार।।   उस कंस ने जुल्म उचारा,  बहना को जेल में डारा। रात में हो गए यमुना पार।। कृष्ण ने लिया ——  …