साथ तुम आ जाओ | Geet
साथ तुम आ जाओ ( Sath tum aa jao ) आ जाओ, आ जाओ, आ जाओ मेरे यार, साथ तुम आ जाओ। मातृभूमि का वंदन करते, सीमा पर सेनानी लड़ते। रणभूमि में उतर जरा तुम, दो-दो हाथ दिखा जाओ। आ जाओ आ जाओ…… जो पत्थर के बने हुए हैं, कुछ वर्षों से तने…
साथ तुम आ जाओ ( Sath tum aa jao ) आ जाओ, आ जाओ, आ जाओ मेरे यार, साथ तुम आ जाओ। मातृभूमि का वंदन करते, सीमा पर सेनानी लड़ते। रणभूमि में उतर जरा तुम, दो-दो हाथ दिखा जाओ। आ जाओ आ जाओ…… जो पत्थर के बने हुए हैं, कुछ वर्षों से तने…
साहब ( Sahab ) जब भी मुॅंह को खोले साहब। कड़वी बोली बोले साहब। नफरत दिल में यूॅं पाले हैं, जैसे साॅंप, सॅंपोले साहब। राजा के संग रंक को क्यों, एक तराजू तोले साहब। भीतर कलिया नाग बसा है, बाहर से बम भोले साहब। वोट के लिए दर-दर घूमे, बदल-बदल…
आया राखी का त्यौहार ( Aaya rakhi ka tyohar ) आया राखी का त्यौहार आया राखी का त्यौहार कलाई पर बांध रही है बहना लेकर हर्ष अपार आया राखी का त्यौहार एक रेशम की डोर लाई, बहना छम छम करती आई। चंदन तिलक लगा माथे पर, बहना करती मंगलाचार। आया राखी का त्यौहार महक रहा…
राखी का त्यौहार ( Rakhi ka tyohar ) बात-बात पे लड़ना, बात -बात पे झगड़ना, कभी रूठना ,कभी मनाना, कभी अड़ना; बड़ा नटखट है- भाई बहन का प्यार, देखो, आ गया ये राखी का त्यौहार ।। सतरंगी रंगों में चमक रही हैं राखियाँ, हर तरफ़ बिखरी हैं सैकड़ों मिठाइयाँ; आज पूरी तरह…
रेशम की डोरी बहना का प्यार ( Resham ki dori behna ka pyar ) रेशम की डोरी राखी, भाई बहन का प्यार। त्यौहार सद्भावों भरा, राखी बंधवाइये। कच्चे धागों में लिपटा, प्रेम सुधारस सार। रक्षासूत्र बांधकर, संबंध निभाइये। अक्षत चंदन रोली, बहना लै बांधे राखी। रिश्तो की डोर को, पावन बनाइए।…
लो आया राखी का त्यौहार ( lo aaya rakhi ka tyohar ) लो आया राखी का त्यौहार, बरसे भाई बहन का प्यार, कच्चे धागों में बसता है, सुहाने रिश्तो का संसार, लो आया राखी का त्यौहार-2 माथे चंदन अक्षत रोली, बहना नेह भरी रंगोली, कलाई पर बांध रही है, बहना अपना प्यार, लो…
ईश प्रार्थना बल देती है ( Eesh prarthana bal deti hai ) ईश प्रार्थना बल देती, हिम्मत और संबल देती है। आस्था विश्वास प्रेम से, उर में शक्ति भर देती है। मनोकामना पूरी करके, खाली झोली भर देती है। आशाओं के दीप जला,ईश प्रार्थना बल देती है। हर लेते प्रभु संकट सारे,…
सियासत बहुत है ( Siyasat bahot hai ) मेरी तालीम मुझसे कहती सियासत बहुत है… हंसती दुनिया को रुलाती सियासत बहुत हैl कोई हमें बताए जरा हम महफूज कैसे रहे ….. भाई को भाई से लड़ाती सियासत बहुत है। फूलों की खुशबू सा महकता जीवन अपना …. हवाओं में जहर घोलती सियासत…
देखो हवाओं में जहर घोला जा रहा ( Dekho hawaon mein zehar ghol ja raha ) देखो हवाओं में जहर घोला जा रहा ….. जंगलों को जड़ो से है काटा जा रहा ….. देखो यहां ऑक्सीजन है नहीं फिर भी…. शहरों में आलीशां महल बनाया जा रहा । लगा कर पेड़ हम जमीं…
“कुर्बानियां आंदोलन के चक्रव्यूह में मिली हमें आजादी थी” क्रांतिकारियों के हृदय में भड़की आजादी की चिंगारी थी। गुलामी के प्रांगण में, रची आजादी की कहानी थी। वह तो स्वतंत्रता सेनानी की कुर्बानी थी। वह तो स्वतंत्रता सेनानी की कुर्बानी थी। लाल कुर्ती में बजाया आजादी का था बिगुल। छेड़ कर महासंग्राम चटाई अंग्रेजों को…