कविताएँ

  • सवाल करेंगे | Poem sawal karenge

    सवाल करेंगे ( Sawal karenge )    सुनो……! एक दिन तुम्हारे बच्चे तुम्हीं से सवाल करेंगे कि आपने कभी किसी से प्यार किया है…..? क्या जिससे प्यार किया था उसका नाम अपने होंठों पर ला पाएंगे…..? नहीं..ना…! आप नजरें झुकाने के अलावा कोई जवाब नहीं दे पाएंगे तुम बच्चों की नज़रों में उसी पल गिर…

  • हिन्दी | Kavita on Hindi

    हिन्दी ( Hindi )  भारत की शान है हिन्दी भारत की पहचान है हिन्दी। संस्कृत की संतान हैं हिन्दी , हमारी संस्कृति की शान है हिन्दी। भारत के भाल की है बिन्दी, हम सब का अभिमान है हिन्दी। हिन्दी से है हिन्दुस्तान, जग में है इसका नाम। ज्ञान का भंडार है हिन्दी , कई भाषाओं…

  • किसी के प्यार में | Pyaar mein kavita

    किसी के प्यार में ( Kisi ke pyaar mein )   जब हम किसी के प्यार में होते हैं तो…… बहुत से अपनों को खो देते हैं सबसे कतराते रहते हैं एक डर सा बना रहता है चेहरे की हवाइयां उड़ी रहती है मन में भी एक खटका रहता है।   जब हम किसी के…

  • न्यूज़ के नाम पर कुछ भी | News par kavita

    न्यूज़ के नाम पर कुछ भी ? ( News ke naam par kuch bhi )    ‘बिंदास बोल’ के बहाने कुछ भी नहीं दिखा सकते, स्वतंत्रता का अनुचित लाभ नहीं उठा सकते। नफरती न्यूज पर सर्वोच्च न्यायालय की गाज गिरी है, सुदर्शन टीवी के कार्यक्रम प्रसारण को- अनुमति नहीं मिली है। नफ़रत फैलाने वाले किसी…

  • आओ एक बेहतर कल बनाएं | Prerna Kavita In Hindi

    आओ एक बेहतर कल बनाएं ( Aao ek behtar kal banaye ) समय निकला जा रहा है पल पल, आओ बनाएं एक बेहतर कल । जो हैं दीन हीन, जिनकी खुशियां गई हैं छीन। उनके यहां चलें, ज़माने ने हैं जिन्हें चले। बांटें दर्द कुछ छांटें अंधियारा, रौशन कर दें उनका घर गलियारा। चेहरे पर…

  • चीर को तुम | Cheer ko tum

    ” चीर को तुम “ ( Cheer ko tum )   समझ पाते अविरल चक्षु नीर को तुम। कब तक खींचोगे हमारे चीर को तुम।।   बहुत कुछ खोया तब पाया है तुम्हे, भूखी रहकर भी खिलाया  है तुम्हे।    आज मैं हर मोड़ पे मरने लगी हूं, मेरे उदरज तुमसे ही डरने लगी हूं।…

  • बेबाक रघुवंश बाबू | Raghuvansh Babu Par Kavita

    बेबाक रघुवंश बाबू! ( Bebaak Raghuvansh Babu )    पंचतत्व में विलीन हुए रघुवंश बाबू, राजनीति में चलता था उनका जादू। बेबाक थे ,बेबाक रहे, जो जी में आया वही कहे। अपने देसी अंदाज के लिए जाने जाते थे, ठेठ भाषा और बोली से आकर्षित करते थे। समाजवाद के बड़े पैरोकार रहे, पांच पांच बार…

  • ख्वाब और हकीकत | Poem khwab aur haqeeqat

    ख्वाब और हकीकत ( Khwab aur haqeeqat )   अब ख्वाबों में नहीं  हकीकत जीता हूं यारों,        ख्वाब सूर्य पकड़ा        हकीकत जुगनू…. ख्वाब समुद्र में डुबकी लगाया हकीकत तालाब …..         अब ख्वाबों में नहीं         हकीकत जीता हूं यारों, ख्वाब  ईश्वर, पवन…

  • हाय री सरकार | Hi Ri Sarkar

    हाय री सरकार ( Hi Ri Sarkar )    सड़क पर  निकल पड़ी है  नौजवानों की एक भीड़ बेतहासा बन्द मुठ्ठी, इन्कलाब जिन्दाबाद  के नारों के साथ.  सामने खड़ी है एक फौज मुकम्मल चौराहे पर  हाथ में लिए लाठी – डन्डे, आँसू गोले और  गोलियों से भरी बन्दूकें  चलाने के लिए मुरझाये चेहरे वाले  नौजवानों…

  • सच्चाई की ताकत | Sachai ki taqat poem

    सच्चाई की ताकत ( Sachai ki taqat )  किन्तु परन्तु में न अमूल्य समय गंवाए, जो बात सही हो, खरी खरी कह जाएं। होती अद्भुत है सच्चाई की ताकत, छिपाए नहीं छिपती,है करती लज्जित होकर प्रकट। लज्जा अपमान जनक पीड़ादायक भी होती है, आजीवन पीछा नहीं छोड़ती है। लोग भूल भी जाएं- पर अपने हृदय…