ग़ज़ल

  • उतर जाओगे | Utar Jaoge

    उतर जाओगे ( Utar Jaoge ) बेवफ़ाई की जिस दिन डगर जाओगेमेरी नज़रों से उस दिन उतर जाओगे दिल की कश्ती अगर सौंप दो तुम मुझेपार दरिया के फिर बेख़तर जाओगे प्यार करने लगोगे जब तुम हमेंहम जिधर जायेंगे तुम उधर जाओगे होश उड़ जायेंगे हुस्न वालों के भीप्यार से मेरे इतना निखर जाओगे हाथ…

  • भरोसा टूट जाता है | Bharosa Toot Jata Hai

    भरोसा टूट जाता है ( Bharosa Toot Jata Hai ) मुसीबत जब भी आती है भरोसा टूट जाता हैसभी मुख मोड़ते हैं और रिश्ता टूट जाता है नहीं है खेल बच्चों का लगाना दिल किसी से भीज़रा सी ठेस लगने पर ये शीशा टूट जाता है सलीक़े से निभाओ आप रिश्तों को मुहब्बत केपरखिए मत…

  • उनसे उम्मीद कैसी | Unse Umeed Kaisi

    उनसे उम्मीद कैसी ( Unse Umeed Kaisi ) उनसे उम्मीद कैसी वफ़ा की जनाब।बात है जिनके लब पर दग़ा की जनाब। यार नाख़ुश हैं अग़यार भी हैं ख़फ़ा।कौन सी हम ने ऐसी ख़ता की जनाब। ठीक हो कर वही दिल दुखाने लगे।रात-दिन जिनकी हमने दवा की जनाब। जिसके शैदाई हैं एक मुद्दत से हम।यह है…

  • ज़िन्दगी ले हमें जिधर आई | Zindagi Shayari Life

    ज़िन्दगी ले हमें जिधर आई ज़िन्दगी ले हमें जिधर आईएक वो ही हमें नज़र आई इस तरफ जो अभी नज़र आईहर कली देख अब निखर आई उसकी हालत को देखकर यारोआज यह आँख मेरी भर आई जिस गली को भुला दिया कब केफिर वहीं पे लिए डगर आई दोनों हाथो से जब दुआ दी तोज़िन्दगी…

  • जाने क्यों आज | Jaane Kyun Aaj

    जाने क्यों आज ( Jaane Kyun Aaj ) जाने क्यों आज वो निढाल सा था।उसके रुख़ पर अजब मलाल सा था। हाय क्या दिन थे प्यार के दिन भी।दिल की दुनिया में इक धमाल सा था। कोशिशें यूं भी रायगां ठहरीं।उसका मिलना ही कुछ मुह़ाल सा था। फूल झड़ते थे उसके होठों से।उसका लहजा ही…

  • प्रेम कभी झूठ नहीं बोलता

    प्रेम कभी झूठ नहीं बोलता प्रेम कभी झूठ नहीं बोलताना ही किसी का वो बुरा सोचता शांत कुशल सौम्य एवं संयमीशब्द बिना मौन से है बोलता साथ की आदत है एसी पड़ गयीपल भी अकेला वो नहीं छोड़ता दूर ही रहता है विवादों से वोफूट चुकी मटकी नहीं फोड़ता यार सृजनशील है सपने में भीखंडहरो…

  • हो रही है | Ho Rahi Hai

    हो रही है ( Ho Rahi Hai ) कहीं उल्फ़त ही उल्फ़त हो रही है।कहीं नफ़रत ही नफ़रत हो रही है। कहीं आराम से सोते हैं लीडर।कहीं मेह़नत ही मेह़नत हो रही है। उन्होंने ह़ाल क्या पूछा हमारा।मुसर्रत ही मुसर्रत हो रही है। न रोटी है न पानी है न बिजली।मशक़्क़त ही मशक़्क़त हो रही…

  • याद रहेगा | Yaad Rahega

    याद रहेगा ( Yaad Rahega ) गुज़रा जहाँ बचपन वो मकाँ याद रहेगाहमको वो मुहब्बत का जहाँ याद रहेगा नायाब जो इक़रार किया इश्क़ का तुमनेइन आँखों को हरदम वही हाँ याद रहेगा इस शह्र ने दी है हमें दो वक़्त की रोटीया रब ये मेरा रोज़ी – रसाँ याद रहेगा हम भूल भी जाएँगे…

  • ख़ल्वत-ओ-जल्वत | Khalvat-o-jalvat

    ख़ल्वत-ओ-जल्वत ( Khalvat-o-jalvat ) ख़ल्वत-ओ-जल्वत में यारों फ़र्क ही कितना रहाउसकी यादों का सदा दिल पर लगा पहरा रहा। मुझमें ही था वो मगर किस्मत का लिक्खा देखिएअंजुमन में गैऱ के पहलू में वो बैठा रहा। कुछ कमी अर्ज़ -ए – हुनर में भी हमारी रह गईवो नहीं समझा था दिल की बात बस सुनता…

  • बहुत देखा | Bahut Dekha

    बहुत देखा ( Bahut Dekha ) भरी बज्म में उनको लाचार बहुत देखाबुझी आँखो में तड़पता प्यार बहुत देखा युँ तो हम भी हमेंशा रहे कायल उनकेबिना वजह के रहे शर्मसार बहुत देखा हमने कभी न देखा वादा खिलाफ होतेसामने आने में इंतजार बहुत देखा सामने सच ला न सकें झूठ बोला न गयामुहब्बत की…