ग़ज़ल

  • आप भी | Ghazal Aap Bhi

    आप भी ( Aap Bhi ) ह़ुज़ूर आप भी कैसा कमाल करते हैं। ज़रा सी बात पे लाखों सवाल करते हैं। सितम ये कैसे वो ज़ोहरा जमाल करते हैं। हर एक गाम पे हम से क़िताल करते हैं। अजीब ह़ाल रक़ीबों का होने लगता है। वो जब भी बढ़ के हमारा ख़याल करते हैं। हमेशा…

  • हम ने देखा है | Ghazal Hamne Dekha hai

    हम ने देखा है ( Hamne dekha hai ) नारसीदा से किसी पैमान सी। हर ख़ुशी है कॉंच के गुलदान सी। हम ने देखा है बहुत ही ग़ौर से। ज़िन्दगी है जंग के मैदान सी। कहने को दाना बहुत है दिल मगर। हरकतें करता है कुछ नादान सी। काम देखो तो हैं शैतां से बुरे।…

  • हे राजन | Ghazal Hey Rajan

    हे राजन ( Hey Rajan ) हे, राजन तेरे राज में,रोजगार नही है, मुफ़लिसों को वाजिब, पगार नही है। ==================== है खास जिनके धन के अंबार लगे है, देखो गरीब तुम्हारे, गुनाहगार नही है। ==================== ये कोई दुश्मन नही है तेरे तरस करो, भूखे है शोहरत के,तलबगार नही है। ==================== भर पेट खाना,बदन को छत…

  • आप की याद | Ghazal Aap ki Yaad

    आप की याद ( Aap ki Yaad ) शादमानी का एक लशकर है। आप की याद सब से बेहतर है। दिल ही मिट जाएगा मिटाएं तो। आप का नाम दिल के अन्दर है। किसकी किससे मिसाल दें बोलो। एक से एक जग में बरतर है। मोह लेता है आन में दिल को। आप का ह़ुस्न…

  • टूट जाता है | Ghazal Toot Jata Hai

    टूट जाता है ( Toot Jata Hai ) बिना जज्बात के रिश्ता सभी का टूट जाता है अगर मतभेद हो घर में सयाना टूट जाता है खिलौना दिल बनाकर जो किया था पेश दिलवर को कहा उसने तुम्हारा ये खिलौना टूट जाता है नही है शौक दर्पण को कि पत्थर से कभी खेले उसे मालूम…

  • नहीं संभलते हैं | Ghazal Nahi Sambhalte Hai

    नहीं संभलते हैं ( Nahi Sambhalte Hai ) हसीन ख़्वाब निगाहों में जब से पलते हैं क़दम हमारे हमीं से नहीं संभलते हैं इसी सबब से ज़माने के लोग जलते हैं वो अपने कौल से हरगिज़ नहीं बदलते हैं छुपाये रखते हैं हरदम उदासियाँ अपनी सितम किसी के किसी पर नहीं उगलते हैं रह-ए-हयात में…

  • मुहब्बत हो गई | Ghazal Muhabbat Ho Gayee

    मुहब्बत हो गई ( Muhabbat Ho Gayee ) मुहब्बत हो गई तो क्या बुरा है मुहब्बत ही ज़मानें में ख़ुदा है कभी मिलकर नहीं होना जुदा है मेरे मासूम दिल की यह दुआ है तुम्हारे प्यार में पीछे पड़ा है करो अब माफ़ भी जिद पर अड़ा है ज़माना इस तरह दुश्मन हुआ यह सभी…

  • बुलाया था उसने | Ghazal Bulaya tha Usne

    बुलाया था उसने ( Bulaya tha Usne ) इशारे से हमको बुलाया था उसने हमे दर्द अपना सुनाया था उसने ! झुकाकर निगाहें ज़रा सी शरम से, मुहब्बत को अपनी जताया था उसने ! गँवाया था दिल यह उसी वक्त हमने गिराकर जब पल्लू उठाया था उसने ! बगल से थे गुजरे मिरे, अज़नबी बन,…

  • काश ऐसा कमाल हो जाए | Kaash Aisa Kamaal ho Jaye

    काश ऐसा कमाल हो जाए ( Kaash Aisa Kamaal ho Jaye ) काश ऐसा कमाल हो जाए। उससे फिर बोलचाल हो जाए। वो अगर हम ख़याल हो जाए। ज़िंदगी बेमिसाल हो जाए। देखले गर उसे नज़र भर कर। पानी-पानी हिलाल हो जाए। उसके होंठों पे लफ़्ज़े हां हो तो। ह़ल मिरा हर सवाल हो जाए।…

  • हाल-ए-मोहब्बत | Haal-e-Mohabbat

    हाल-ए–मोहब्बत ( Haal-e-Mohabbat ) हाल-ए मोहब्बत का तुम्हें हम क्या बताये। दिलकी पीड़ा का हाल हम किसको सुनाए। जब दिल दे चुके है हम किसी को तो। ये पैगम उन तक हम कैसे पहुँचाएँ।। दिलकी बातें जुबान से हर पल निकलती है। कभी-कभी हमारी आँखे भी दिलकी बातों को कहती है। प्यार करने वाले तो…