ग़ज़ल

  • आपका ह़ुस्न-ए-क़यामत | Aap ka Husn-e-Qayamat

    आपका ह़ुस्न-ए-क़यामत ( Aap ka Husn-e-Qayamat ) आप का ह़ुस्न-ए-क़यामत आह हा हा आह हा। उस पे यह रंग-ए-ज़राफ़त आह हा हा आह हा। देख कर तर्ज़-ए-तकल्लुम आप का जान-ए-ग़ज़ल। मिल रही है दिल को फ़रह़त आह हा हा आह हा। फूल जैसे आप के यह सुर्ख़ लब जान-ए-चमन। उन पे फिर लफ़्ज़-ए-मुह़ब्बत आह हा…

  • बहुत बेचैन हूँ | Ghazal Bahut Bechain Hoon

    बहुत बेचैन हूँ ( Bahut Bechain Hoon ) सुकूँ दिल में यहाँ रहता नहीं है? ख़ुशी का जब यहाँ साया नहीं है बहुत बेचैन हूँ उसके लिये मैं अभी तक शहर से लौटा नहीं है उसे मैं कह सकूं कुछ बात दिल की मुझे वो राह में मिलता नहीं है उसे गुल देखकर पचता रहा…

  • शौक़ है | Ghazal Shauk Hai

    शौक़ है ( Shauk Hai ) बज़्म-ए-सुख़न की शान बढ़ाने का शौक़ है। हमको भी शेअ़र सुनने-सुनाने का शौक़ है। तूफ़ान के ह़दफ़ पे तो रहना ही है उन्हें। जिनको वफ़ा के दीप जलाने का शौक़ है। कांटे किसी की राह में वो क्या बिछाएंगे। पत्थर पे जिनको फूल चढ़ाने का शौक़ है। हरगिज़ किसी…

  • मेरे साथ साथ | Mere Sath Sath

    मेरे साथ साथ ( Mere Sath Sath ) पहाड़ बन के मेरे साथ साथ चलता रहा वो एक टुकड़ा था बादल को जो बदलता रहा लिपट गई तो कलेजे को पड़ गई ठंडक और इतनी ठंड की फिर रोम रोम जलता रहा जो लोग पहले ग़लत कर चुके दुआ उनको उन्हीं को देख के हर…

  • ज़िंदगी के वास्ते | Ghazal Zindagi ke Vaaste

    ज़िंदगी के वास्ते ( Zindagi ke Vaaste ) जब इजाज़त उसने मांगी रुख़सती के वास्ते। कह दिया हमने भी जा,उसकी ख़ुशी के वास्ते। तीरगी फिर भी न मिट पाई हमारे क़ल्ब की। फूंक डाला घर भी हमने रोशनी के वास्ते। आग को पानी करे है और पानी को धुआं। आदमी क्या-क्या करे है ज़िंदगी के…

  • नये रंग भरने वाला था | Ghazal Naye Rang

    नये रंग भरने वाला था ( Naye Rang Bharne Wala Tha ) हमारा जाम मुहब्बत से भरने वाला था कोई उमीद की हद से गुज़रने वाला था जवाब उस से मुहब्बत का किस तरह मिलता वो गुफ़्तगू भी सवालों में करने वाला था ये एक बात ही ज़ाहिर है उसकी आंँखों से ज़रा सी देर…

  • साये चले | Ghazal Saaye Chale

    साये चले ( Saaye Chale ) ऐसे ऐसे अंधेरे कि साये चले पाँव डर डर के हम भी बढ़ाये चले जश्न तेरी ख़ुशी का मनाये चले अश्क पलकों में अपनी छुपाये चले अपनी हर इक ख़ुशी का गला घोंटा कर तेरी महफ़िल को रंगीं बनाये चले रात चमकी थी कुछ देर नन्ही किरण हम उसी…

  • तेरी दीद के बाद | Teri Deed ke Baad

    तेरी दीद के बाद ( Teri deed ke baad ) जहां में कुछ नहीं नायाब तेरी दीद के बाद कहाँ से आये कोई ख़्वाब तेरी दीद के बाद है बेख़बर दिल-ए-बेताब तेरी दीद के बाद जमाल-ए-मस्ती-ए-गरक़ाब तेरी दीद के बाद बनाने वाले ने तुझको बना के जब देखा बनाये फिर कई गिर्दाब तेरी दीद के…

  • सौगात सावन में | Saugaat Sawan Mein

    सौगात सावन में ( Saugaat Sawan Mein ) तुम्हारी चाहतें हमको मिली सौगात सावन में । जताकर प्यार को अब हम करें शुरुआत सावन में ।१ बढ़ाना है नहीं तुझसे मुझे अब राबता कोई सतायेगा मुझे फिर से तू हर इक रात सावन में ।। २ झुकाकर क्यों नयन बैठे हमें अब लूटने वाले। सुना…

  • मुझपे ऐतबार कर | Ghazal Mujhpe Aitbaar Kar

    मुझपे ऐतबार कर ( Mujhpe Aitbaar Kar ) शिकायतें हज़ार कर तू यार बार बार कर मगर हैं इल्तिज़ा यही की मुझपे ऐतबार कर। खफ़ा हो यूं की प्यार से तुझे मना लिया करूं मगर न बदगुमानियों से दिल को तार तार कर। ये बेनियाज़ी और बेरुखी बढ़ाते तिश्नगी कोई तो कौल दरमियान में कोई…