विवेचना

  • विश्व हिंदी दिवस | Vishwa Hindi Diwas

    प्रति वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाते हैं और 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाते हैं। दोनों का उद्देश्य हिंदी का प्रसार करना है । साल 2024 में विश्व हिंदी दिवस की थीम है ‘हिंदी पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता को जोड़ना’। राष्ट्रीय हिंदी दिवस भारत में हिंदी को आधिकारिक दर्जा मिलने…

  • हिन्दी की स्थिति | Hindi ki Sthiti

    अंग्रेजों के शासनकाल में न केवल भारत की राजनीतिक स्थिति बल्कि भाषा की स्थिति पर भी काफी गहरा प्रभाव पड़ा यह तब और अधिक हो गया जब लोड मैकाले की शिक्षा पद्धति को भारत में स्वीकृति दे दी गई । लोड मैकाले ने ऐसे ऐसे तर्क दिए अंग्रेजी भाषा के परिपेक्ष में की अंग्रेजी को…

  • दोस्ती ( सखा ) प्रेम

    अक्सर जब दोस्ती की बात आती है तो हम जय वीरू,कृष्ण और सुदामा का नाम लेते हैं। दोनों के काल अलग हैं और दोस्ती के रिश्ते में अंतर भी है। परंतु दोस्ती क्या केवल एक लड़के & लड़के या लड़की & लड़की से ही हो सकती है। मेरा व्यक्तिगत विचार है ऐसा नहीं है। हालांकि…

  • स्वामी विवेकानंद जी के जीवन सम्बन्धित विचार

    भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और विभिन्न सभ्यताओं, संस्कृतियों और धर्मों का उद्गम स्थल रहा है। यहां बहुलवादी समाज है. यह शांति, मित्रता, भाईचारा, भाईचारा, एकता और अखंडता के मूल्यों के लिए जाना जाता है। ये हैं बुद्ध, महावीर, गुरु नानक, महात्मा गांधी, कबीर, जवाहरलाल नेहरू, राजा राम मोहन राय, ईश्वर चंद्र विद्यासागर,…

  • सियाह हाशिए – सआदत हसन मंटो

    सियाह हाशिए – सआदत हसन मंटो प्रस्तुतकर्ता – डा अशोक भाटिया टिक्का टिप्पणी/ दो शब्द – मनजीत सिंह, सहायक प्राध्यापक उर्दू (अंशकालिक), कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र साहित्य उपक्रम द्वारा प्रकाशित की गई पुस्तक में उर्दू कथा साहित्य के इतिहास में सआदत हसन मंटो का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। ‘अंगारे’ के प्रकाशन के बाद…

  • साड़ी | Saree

    साड़ी दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं भारत में साड़ी का आगमन बानभट्टा द्वारा रचित कदंबरी और प्राचीन तमिल कविता सिलप्पाधिकरम में भी साड़ी पहने महिलाओं का वर्णन किया गया है इसमें हमारे भारतीय कुछ इतिहासकारों का मानना है की कपड़े बुनाई की कला 2800-1800 ईसा पूर्व के दौरान मेसोपोटामियन सभ्यता से ही विकसित हुई । यूं…

  • दो छोटे कीमती मोती | Do Chhote Kimti Moti

    कहते है कि अगर किसी व्यक्ति को मदद की जरूरत होती है तो उसको तुरन्त देना चाहिये । मन की कोमलता और व्यवहार में विनम्रता से वह कार्य भी बन जाते हैं जो कठोरता से नहीं बन पाते हैं। किसी ने सच ही कहा है =डरा -धमकाकर, अहसान जताकर किसी को जीते तो क्या जीते?…

  • भागो नहीं, जागो | Bhago Nahi Jago

    परिस्थितियों कभी समस्या नहीं बनती , समस्या इसलिए बनती हैं क्योंकि हमें उन परिस्थितियों से सही से लडना नहीं आता है । परिस्थिति तो अपने आप मे एक ही होती है, सबके अलग- अलग नजरिये होते है कि वो उसको किस रूप में लेता है। वैसे काफी हद तक इसमें हमारे कर्म-संस्कार के कारण हमारे…

  • मुस्कुराहट का राज | Muskurahat ka Raaz

    मैंने अपने जीवन में कितने व्यक्तियों को देखा है जो हर हाल में हर स्थिति में प्रसन्न रहते है ऐसा नहीं है की उनके जीवन में दुःख नहीं है बल्कि वो अध्यात्म से ओत – प्रोत रहकर सम्भाव से अपना जीवन जीना जानते है । जब जिंदगी हमारी है तो क्यों न हम इसे प्रसन्नतापूर्वक…

  • बेटी | Beti

    किसी ने लिखा की हमारे देश की इज्जत और सम्मान बनती है ।सारे विश्व मे फिर खुद की वो पहचान बनती है । खडी़ होती है जब जब पोडियम पर हिन्द की बेटी तो मीरा बाई चानु के जैसी ही शान बनती है । चाहे खुशी मिलें या न मिलें समभाव में रहना सीखें हम…