शेरो-शायरी

  • फूल बिछाना आ गया | Phool Bichana aa Gaya

    फूल बिछाना आ गया ! ( नज़्म ) तेरे आते ही मौसम सुहाना आ गया, इनकार में इकरार का जमाना आ गया। वही रस, वही लहजे में खनक, वही अदा, मानों फिर से अनार में दाना आ गया। मैं चुमूँगा इन जुल्फों की घटाओं को, मेरे कूचे में फिर मयखाना आ गया। छलकेगी मदिरा उन…

  • रुत मौत की | Rut Maut ki

    रुत मौत की! ( Rut maut ki )   रुत मौत की सजी है, आके मुझे बचा लो, वीरान हो चुके हैं, मेरे शहर को सजा दो। करने लगे हैं पत्थर आईनों की हिफाजत, चुभने लगी है उनको दिनरात की बगावत। हुआ दिल मेरा ये पत्थर, दरिया कोई बना दो, रुत मौत की सजी है,…

  • विश्व की तकदीर | Vishwa ki Taqdeer

    विश्व की तकदीर !  (नज़्म ) आग लगाकर लोग बुझाने आते हैं, दुनिया का दस्तूर निभाने आते हैं। साथ-साथ चलने का ये छलावा है मात्र, घड़ियालू आँसू बहाने आते हैं। पहले लोग करते थे फक्र रिश्तों पर, अब दरिया से कतरा चुराने आते हैं। करते हैं लोग आंसुओं का सौदा, दूसरों की जमीर गिराने आते…

  • जग को बचाना | Jag ko Bachana

    जग को बचाना ! ( Jag ko bachana )    आग से दोस्ती तू कभी न निभाना, बिगड़े हालात से जग को बचाना। नभ,जल,थल से मिसाइलें उठी हैं, खाक में साँसें न किसी की मिलाना। दाग के छींटे किसपे नहीं हैं, काँटों की राहें कहीं न बनाना। पलट करके देखो सियासत है प्यासी, दहशत जहां…

  • धुआँ धुआँ | Dhua Dhua

    धुआँ-धुआँ होकर रह गईं धरती! ( नज़्म )    जंग का मैदान बनकर रह गईं धरती, लहू से लथपथ होकर रह गई धरती। थर्ड वर्ल्ड वार के मुहाने पे न पहुँचे दुनिया, बारूद का ढेर बनके रह गई धरती। अमन पसंद इधर भी हैं और उधर भी, सबका मुँह ताकती रह गईं धरती। शोलों को…

  • तेरे नाम का सहारा | Hamd in Hindi

    तेरे नाम का सहारा ( Tere naam ka sahara )    तेरे नाम का सहारा,मेरे वास्ते बहुत है तेरा एक ही इशारा,मेरे वास्ते बहुत है मेरी धड़कनों में तू ही,मेरी बस नज़र में तू ही तेरा हर घड़ी नज़ारा,मेरे वास्ते बहुत है मुझे दौलतें भी बख़्शी,मुझे शोहरतें भी बख़्शी ऐ ख़ुदा करम तुम्हारा,मेरे वास्ते बहुत…

  • भारत चाँद पर है | Bharat Chand par Hai

    भारत चाँद पर है ( Bharat chand par hai )   शान भारत की तिरंगा चाँद पर है देखिये लोगों आज भारत चाँद पर है खून से अपने सींचा है देश को ही की भगत बिस्मिल का वतन चाँद पर है जोश दिल में है भरा भारत वासी के चंद्र शेखर का ही भारत चाँद…

  • मून मिशन | नज़्म

    मून मिशन ( Moon mission )    जश्न आगे हमारा ये बढ़ता रहे, नया इतिहास रोज ये गढ़ता रहे। दमखम देखे हमारा ये सारा जहां, तिरंगा नभ में सदा लहराता रहे। उन चेहरों से परदा हटायेंगे हम, मून का ये मिशन बस चलता रहे। उठता देखो वही है जो गिरता कभी, मेरा इसरो उड़ान नई…

  • बारहमासी प्यार | Barahmasi Pyar

    बारहमासी प्यार ( Barahmasi pyar )   कभी चैत्र- बैसाख की पवित्र गरिमा लिये कभी गर्म लू सी ज्येष्ठ- आषाढ़ की तपन लिये कभी सावन-भादों सी छमाछम पावस की बूंदें लिये कभी त्योहारों सी आश्विन-कार्तिक के मीठे नमकीन लिये कभी मार्गशीर्ष-पौष की कड़कड़ाती रातों की सर्दी लिये कभी माघ- फाल्गुन की रंगीन बहारों के रंग…

  • इश्क़-ए-दरख़्त | Ishq-e-darakht

    इश्क़-ए-दरख़्त ( Ishq-e-darakht )    खिड़कियों से आती हवा के झोंके सी सुहानी, मन के भीतर धुंधलाती यादों सी रूमानी, मैं कौन, अधुरी सी एक प्रेम कहानी आँसुओं से भीगी; कुछ जिस्मानी कुछ रूहानी..   मरूधरा पर उठते थमते कुंठा और संशय के बवंडर कुछ जद्दोजहद करते, दम तोड़ते भावों के भवँर मैं कौन, रात्रि…