देश | Desh

देश

( Desh ) 

 

देश का होठों पर रोज़ ही गीत हो
हर क़दम पर भारत की सदा जीत हो

प्यार से मिलकर हिंदू मुसलमा रहें
देश में एक ये ही सदा रीत हो

इस क़दर प्यार की बारिश हो रोज़ ही
दिन न अच्छे कभी देश से बीत हो

नफ़रतों का न हो गर्म मौसम कभी
प्यार की देश में हर तरफ़ शीत हो

दुश्मनी की न आवाज हो देश में
प्यार का ही बजे रोज़ संगीत हो

नफ़रतों की न हो गुफ़्तगू आपस में
देश में लोग आपस में ही प्रीत हो

है दुआ बस ख़ुदा से आज़म की यही
हर कोई प्यार का रोज़ मनमीत हो

 

शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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