Dil ka Dard

दिल का दर्द | Dil ka Dard

किसी किसी के लिखा होता दिल का दर्द

( Kisi kisi ke likha hota dil ka dard ) 

 

ये दिल की धड़कने है सब पीर पराई क्या जाने।
क्या होता है दिल का दर्द वो हरजाई क्या जाने।

किसी किसी के लिखा होता दिल का दर्द दीवाना।
किसी किसी के जीवन में ही आता पल ये सुहाना।

पीर सहकर भी सुखद सा एहसास यह प्यारा होता।
दिल की धड़कनों का संगीत दुनिया से न्यारा होता।

दर्द होकर सुकून दे जाता हमको आंखों से बहकर।
अश्रु की धारा में ढलता आंसुओं की धार बनकर।

सैलाब सा आ जाता है सिंधु सा उमड़ा आता है।
दर्द तूफानों की भांति खुशियां उड़ा ले जाता है।

प्रीत की डगर पर फिर भी पीर को सहते जाते।
दर्द चाहे जितना हो रिश्तो को सहेजकर निभाते।

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

 

मैं भारत की नारी हूं | Main Bharat ki Naari Hoon

Similar Posts

  • दिल के झरोखे से | Dil ke jharokhe se kavita

    दिल के झरोखे से ( Dil ke jharokhe se )     दिल के झरोखे से झांको जरा मेरे यार खुशियों भरा यह संसार   दिल के सब दरवाजे खोलो मधुर मधुर बोलो जोड़ो दिलों के तार खुशियों भरा यह संसार   कोई तराना आए कोई मुस्कान लबों पे छाये उमड़े दिलों में प्यार खुशियों…

  • कन्या पूजन | Kanya pujan kavita

    कन्या पूजन ( Kanya pujan : kavita )   कन्या देवी रूप समान कहते हैं सब वेद पुराण कन्या पूजन से होता है घर परिवार जग कल्याण नव गृह प्रवेश पर कन्या पूजन का खास विधान अष्टमी नवमी नवरात्र में कन्या रूप साक्षात मान   कन्या आदर सत्कार करे देवी चरणों को जो धोता सुख…

  • दीपक की महिमा

    दीपक की महिमा दीपावली का त्यौहार हैखुशियों की बाहर लाया। दीपों की सजी कतार हैजगमगा रहा पूरा संसार हैं। अंधकार पर प्रकाश की विजय लायासुख समृद्धि भाईचारे का संदेश लाया। किसानों के चेहरे पर खुशी की लाली आईसभी की आंखों में अलग ही चमक आई मां लक्ष्मी घर घर पधार रही हैचारों ओर खुशियों की…

  • शुभ दीपावली | Shubh dipawali

    शुभ दीपावली ( Shubh dipawali ) कृपा करें सब देवियॉं,लक्ष्मी,करे विशेष। सब देवों के संग में,भजिए प्रथम गणेश। ज्योतिर्मय संसार हो,फैले पुण्य प्रकाश। नयन न कोई अब करे, सूरज-चॉंद तलाश। रिश्तों की सब चौखटें,जहॉं प्रेम अनुबंध। भावों के दीपक जले,बिखरे सोंधी गंध। खुशियों के दीपक जले,आलोकित घर-द्वार। लक्ष्मी से धन चाहिए,सबकी यही पुकार। लौट गई…

  • ये धूप सी जिंदगी | Ye Dhoop si Zindagi

    ये धूप सी जिंदगी ( Ye dhoop si zindagi )    तपन सी भरी है ये धूप सी जिंदगी। लगन से हरी है ये रूप सी जिंदगी। वक्त के थपेड़े खा कलियों सी मुस्काती। आनंद के पल जीये मोतियों सी जिंदगी। खुशियों से भरी है यह धूप सी जिंदगी। कभी खुशी कभी गम अनुपम जिंदगी।…

  • मेरी कविता के शब्द | Meri Kavita ke Shabd

    मेरी कविता के शब्द ( Meri Kavita ke Shabd ) तुम्हारे शब्द निहार रहे हैं मुझे और लज्जा से गढ़ी जाती हूं मैं बंद करके भी देखा है मैंने किताब में खुद को तुम्हारे शब्दों में फिर पढ़ी जाती हूं मैं मेरे कंधों को छूते हुए गुजर रही थी तुम्हारे शब्दों की क्यारी पलकें झुका…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *