गोवर्धन गिरधारी

गोवर्धन गिरधारी | Kavita Govardhan Girdhari

गोवर्धन गिरधारी

( Govardhan Girdhari )

जय जय जय कृष्ण मुरारी
गोवर्धन गिरधारी!
पूर्णावतार प्रेमावतार
रसनावतार भवतारी!!

बाधा दूर करो तुम सबकी
आकर के बनवारी!
जय जय जय कृष्ण मुरारी
गोवर्धन गिरधारी

भंवर बीच में आज है भारत
जिस पर तुमने जन्म लिया!
आकर मुक्त करो संकट से
जिसे दुष्टों ने ग्रसित किया!!

मुरली मनोहर हे बंसीधर
दूर करो लाचारी!
जय जय जय कृष्ण मुरारी
गोवर्धन गिरधारी!!

आतंकी दहशतगर्दों का
आकर तुम संहार करो!
कंस की दंस से दुखी है दुनियां
हम-सब का उद्धार करो

दुष्ट दरिन्दों का इस जग से
अब तो सत्यानाश करो
हे मनमोहन मदनमुरारी
भवसागर से पार करो

आश लगाकर बैठे हैं मत
करो देर बनवारी!
जय जय जय कृष्ण मुरारी
गोवर्धन गिरधारी

सुनने को सब तरस रहे हैं
बंसी की धुन प्यारी!
अब तो सुन लो अरज हमारी
आकर मदनमुरारी!!

जय जय जय कृष्ण मुरारी
गोवर्धन गिरधारी!
जय जय जय कृष्ण मुरारी
गोवर्धन गिरधारी

कमलेश विष्णु सिंह “जिज्ञासु”

यह भी पढ़ें :-

कमलेश विष्णु की कविताएं | Kamlesh Vishnu Hindi Poetry

Similar Posts

  • किसान | Kisan kavita

    किसान ( kisan par kavita )   खुशनसीब होते हैं वो, जो खेतों में रहा करते हैं। भूमिपुत्र  किसान,  कृषि  कार्य किया करते हैं। अन्नदाता  देश  का, जिसमे  स्वाभिमान भरा। भेज  देता  लाल सीमा पर, रक्षा हेतु मातृधरा।   तपती धूप सहता रहता, तूफानों से टकराता है। बहा  पसीना  खेतों  में, वो ढेरों अन्न उगाता…

  • घुमड़ घुमड़ घन अंगना आए

    घुमड़ घुमड़ घन अंगना आए घुमड़ घुमड़ घन अंगना आए। रिमझिम रिमझिम बुंदे लाए। ताल तलैया सब भर गए सारे। कारे बदरा घने गगन में छाए। धरा हर्षित हो झूमी भारी। धानी चुनरिया ओढ़े सारी। वृक्ष लताएं पुष्प सब महके। बारिश में भीग रहे नर नारी। कड़ कड़ दमक उठी दामिनी। मस्त बहारें हुई पुरवाई…

  • रैग पिकर और फैशनपुतला | Kavita Ragpicker

    रैग पिकर और फैशनपुतला पहने हो अति सुंदर कपड़े, पुतले बन कर खड़े हुए । फैशन की इस चकाचौंध में, भरमाने पर अड़े हुए ।। मैंने कचरे से बीना है, बोरा परिधान देख लो । मैं नंगा भी तुमसे सुंदर, ध्यान लगा मुझे देख लो।। तुम में मुझमें फर्क यही तुम, प्राणहीन मैं जीवित नर…

  • सशक्त मैं समय हूँ

    सशक्त मैं समय हूँ वस्त्र मैं हूँ – अस्त्र मैं हूँ,शस्त्रों में शशक्त मैं हूं। धड़ कटे प्रलय मचे जो मैं रुकूं ना हो सके ये,समय मैं, समर्थ मैं जो रुकूं मैं ना हो सके ये। हो जाए संभव अगर यह बोलूं ना समय मैं खुदको,खंजरों-कटारों से जो सर्व शक्तिमानों से। बेड़ियों से जकड़ लो,तुम…

  • बड़ी महंगाई बा | कजरी

    बड़ी महंगाई बा (कजरी)   जान मारत बा ढेर महंगाई पिया बचे ना कमाई पिया ना …… बड़ी मुश्किल बा जिंदगी बिताई पिया बड़ी महंगाई पिया ना…. जितना सैया हो कमाए उतना खर्चा होई जाए बचे नाही रुपया अढ़ाई पिया बड़ी महंगाई पिया ना….1 महंगा होईगा धनिया मर्चा बढ़िगा तेल जीरा खर्चा जान मारे सब्जी…

  • गठबंधन | Kavita Gathbandhan

    गठबंधन ( Gathbandhan ) तेरे मेरे मिलन से हम लोग खुश है। मानो जैसे जिंदगी अब करीब आ गई हो। जतन किये थे हमने इसलिए मिल गये हो। और मेरी जिंदगी में फूल खिला दिये हो।। प्यार मोहब्बत करते नही तो हम दोनों मिल नहीं पाते। जिंदगी की हकीकत को हम समझ नही पाते। और…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *