मै इक सोनार हूँ

Hindi Poetry On Life | मै इक सोनार हूँ

मै इक सोनार हूँ

( Main Ek Sonar Hun )

 

मै इक सोनार हूँ जिसकी चाहत जग वैभव से भरा रहे।
इस  जग  के  सारे  नर नारी स्वर्ण आभूषण से लदे रहे।

**
मेरी शुभ इच्छा रही सदा हर इक घर में मंगल गीत बजे।
या  तेरी  हो  या  मेरी  हो  माँ  बहन  बेटियाँ  सजी र हे।

**
हम मंगलमुखी धरातल के मंगल की चाह सदा रखते।
हम ऐसी जाति से आते है जो तेरी खुशी मे खुश रहते।

**
हम  प्रेम  भाव  से  बँधे  हुए  सौन्दर्य कामना करते है।
इस जग की हर इक नारी में लक्ष्मी का दर्शन करते है।

**
मैने जिसका निर्माण किया वो स्वर्ण आभूषण रत्नजडित।
माता का मुकँट या पैजनीया उसमें भी मुक्ता मडित दिया।

**
कोई  भी  अंग  नही  बाकी  जिसको ना हमने स्वर्ण दिया।
जिस धातु को हम स्पर्श करे उसको ही कुन्दन रूप दिया।

**
हम  थोडे  मे  सन्तुष्ट  रहे  कटु  वचनों  से  भी  छले  गये।
पर  शेर  ये  जो  स्वर्ण  जाति  है  तेरे  हित  में  ही रमे रहे।

**

 

✍?

कवि :  शेर सिंह हुंकार

देवरिया ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें : 

Hindi Poetry On Life | Hindi Poem | Love Kavita -प्रेम अगन

Similar Posts

  • ऐ जिंदगी | Poem ai zindagi

    ऐ जिंदगी ( Ai zindagi )   ऐ जिंदगी… कुछ देर ठहर जा बैठ जा कुछ कह जा कुछ सुन जा वक्त का तकाज़ा है कभी तू गुम है कभी मैं…   हाँफती भागती सी तुझे छूने की होड़ में थकी मांदी सी सुस्ताने के बहाने ढूँढ तलाशती तुझको ही बोझिल कमज़ोर नज़रें मेरी ऐ…

  • बरसाने की राधै | Barasane ki Radhe

    बरसाने की राधै ( Barasane ki Radhe )   वृंदावन में बसे गोवर्धन गिरधारी, बरसाने की राधै रानी लगे प्यारी। यमुना किनारे राधा श्याम पुकारे, खोजते- खोजते राधा रानी हारी।। मुरली बजाते आये कृष्ण-मुरारी, राधा रानी पानी घघरी लेके आई। दोनों यूँ मिले क़दम पेड़ के नीचे, बहुत दिनों से नही मिले हो जैसे।। राधा…

  • होली में हो गया खेला

    होली में हो गया खेला होली में हो गया खेला झरेलाहोली में हो गया खेला, ज़ेलेंस्की देखत रहें हिरो बने के सपनारूस अमेरिका ने धड़के धकेला झरेलाहोली में हो गया खेला। होली में हो गया खेला झरेलाहोली में हो गया खेला। ज़ेलेंस्की पकावत रहें मन में पुवामुंह झुलस के भईल गुलगुला झरेलाहोली में हो गया…

  • इस दिवाली हर दिल हो दीया | Diwali par kavita

    इस दिवाली हर दिल हो दीया ( Is diwali har dil ho diya : Deepawali kavita )     इस दिवाली हर दिल हो दीया   रूह उसकी बाती प्रेम, प्यार महोब्बत भरे जज्बातों के तेल में जल कर   तेरे मेरे हर इक की अमावस की रात भी बने   पूनम सी पूरनमासी तभी…

  • संभावना | Sambhavna

    संभावना ( Sambhavna )   उम्मीदों का चिराग हर वक्त जलाए रखिए जीवन मे संभावनाएं कभी खत्म नहीं होती माना की चमकता है दिन का ही उजाला तो क्या चांदनी से भी रोशनी नही होती आज ही तो जीवन का आखिरी दिन नही क्या बुझते दीप मे भी भभक नही होती पता नही गहराई मे…

  • दीपक वोहरा की कविताएं | Deepak Vohra Poetry

    कविता में वो कविता मेंकविता ढूंढ़ रहे हैंमैं मनुष्यता वो कविता मेंभाषा देख रहे हैंमैं तमीज़ वो कविता मेंशिल्प शैली छान रहे हैंमैं पक्षधरता छंद, रस, बिंब ,सौन्दर्य, लयन जाने क्या क्या कसौटी परवो परख रहे हैं कविता और मैं न बाज़ीगर हूं कविता कान ही तथाकथित बड़ा साहित्यकारबस मनुष्यता का पक्षधर हाथ वो हाथजो…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *