मेरा बचपन

मेरा बचपन | Poetry On Bachpan

मेरा बचपन

( Mera bachpan)

 

वो रह रह कर

क्यों याद आता है

मुझे वो मेरा बचपन

जो शायद भूल मुझे

कहीं खो गया है दूर वो मेरा बचपन…

वो पापा की बातें

मम्मी का झिड़कना

इम्तिहान के दिनों में

मेरा टीवी देखने को ज़िद करना….

कितना मासूम था

भोला था वो कितना

न आज की कोई फिक्र

न कल की कोई चिंता….

ढूँढती हूँ वो ही

बीता हुआ बालपन

कभी  बेटी अपनी ही में

तो कभी पुरानी तस्वीरों में..

अब तो दुआ करूँ यही

ऐ खुदा, हो सके तो

लौटा दे तू मेरा खोया वो बचपन

मेरा प्यारा सा भोला सा वो बचपन….

?

Suneet Sood Grover

लेखिका :- Suneet Sood Grover

अमृतसर ( पंजाब )

यह भी पढ़ें :-

रब्ब सा तू | Poem Rabb Sa tu

Similar Posts

  • कृष्ण कुमार निर्माण की कविताएं | Krishan Kumar Nirman Poetry

    बस,अब और नहीं बस,अब और नहीं,,तुम छिप जाओ,जाकर कहीं…बादलों की ओट में,,,क्योंकि….मुझसे सहन नहीं होताये व्यवहार तुम्हाराऔर तुम हो कि…प्यार के नाम परमुखौटे पर मुखौटे लगाकरप्रतिपल छल रहे हो मुझेऔर…साबित कर रहे होकि… तुम बेवफा होआखिर क्यों कर रहे हो तुम ऐसा…जाओ,छिप जाओकहीं बादलों की ओट में… उल्लू के पठ्ठे जी हाँ,,सबके पठ्ठे होते हैंजैसे…

  • महत्व | Mahatva

    महत्व ( Mahatva )    गलतियाँरोज नहीं रोज नहीं होती दोबारा की मानसिकता और बार-बार की मूर्खता कहलाती है जो बदल देती है जीवन का मानचित्र और आदमी उसी में स्वयं को ही तलाशता रह जाता है पूरी उम्र भर स्वाभाविक का और सहजता व्यक्ति के सर्वोच्च शिखर हैं पूर्णता किसी में नहीं किंतु पूर्ण…

  • ई वी एम का बटन दबाना है

    ई वी एम का बटन दबाना है   चलो पड़ोसी आज सुबह,हमें ईवीएम बटन दबाना है। जनता का विश्वास जीत,अब नई सरकार बनाना है। बेरोजगारी को जड़ से मिटा,भारत  संपन्न बनाना है। बेटा बेटी दादा दादी मम्मी पापा संग जाना है। अपना अधिकार जान कर,अब ईवीएम बटन दबाना है। अपने मर्जी के हैं मालिक, अपनी…

  • बुजुर्ग ठंडी छांव | Buzurg Thandi Chhaon

    बुजुर्ग ठंडी छांव ( Buzurg thandi chhaon )    बगिया को महकाने वाले, प्रेम सुधा बरसाने वाले। घर में रौनक लाने वाले, संस्कार सिखलाने वाले। आओ कर ले उनका वंदन लाड प्यार दुलार जो देते, जीवन को संवार वो देते। कदम कदम पे बने सहारा, खुशियों का उपहार जो देते। आओ कर ले उनका वंदन…

  • नव वर्ष अभिनंदन | Nav varsh abhinandan kavita

    नव वर्ष अभिनंदन ( Nav varsh abhinandan )     नई प्रेरणा नए तराने वर्ष नई उमंगे लेकर आ नया साल जीवन में सदभावों की ज्योत जगा   नई नई आशाएं भावन होठों पर मधुर मुस्कानें हो प्यार के मोती बरसे नैनो से जुबां पे गीत सुहाने हो   नई सोच से नववर्ष हमको अभिनंदन…

  • मौसम | Beautiful Ghazal In Hindi

    मौसम ( Mausam )   फिर बदलने को है हवा सर्द होने जो लगे धूप सुस्ताने लगे चलो ,आओ, इन कपड़ों, पापड़, आचार के संग फूफूंद लग रहे ये अपने रिश्ते भी कुछ देर धूप में रख दें फिर से ये ताजा दम हो कुछ निखर जायेंगे कुछ संवर जायेंगे….   लेखिका :- Suneet Sood Grover…

One Comment

Leave a Reply to Aman jaura Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *