नारी: एक अनोखी पहचान

नारी: एक अनोखी पहचान | Nari jeevan kavita

नारी: एक अनोखी पहचान

( Nari : Ek anokhi pahchan )

 

 

अंधकार भरी जिंदगी हैं
कब तक दिये की रोशनी काम आएगी।
दुसरो की पहचान पर जी रही,
क्या कभी तेरी अलग पहचान बना पाएगी।

 

घर के काम और रसोई
ऐसे ही तेरे हाथों चलती जाएगी।
कब तक नकाब के पीछे
तेरी तकलीफे और दर्द छुपाएगी।

 

जरा नकाब हटा के तो देख
शायद तकलीफे कम हो जाएगी।
माना की तेरे ऊपर मुश्किलो के बादल मंडरा रहे हैं
कब तक यूह तु गिरि रहे जाएगी।

 

तेरे अंदर एक अनोखा जज़्बा हैं
क्या तु छुपा पाएगी।
दुसरो के दिए वजूद को
कब तक अपनाएगी।

 

तेरी गगन छूने की ख्वाहिशें
मिट्टी में मिलतीं जाएगी ।
ताने बहुत सुनने को मिलेंगे डरना मत,
एक दिन तु कामीयाब हो जाएगी।

 

तेरी हिम्मत और महेनत के सामने
कुछ कठिनाइयाँ आएगी।
यह अंधेरे की दुनिया कब तक
औरत नाम के दिये बुझाएंगी

 

❣️

लेखक दिनेश कुमावत

 

यह भी पढ़ें : लड़की हूँ तो क्या हुआ

Similar Posts

  • Kavita | वह बचपन की याद पुरानी

    वह बचपन की याद पुरानी ( Woh bachpan ki yaad purani ) दही  बिलोती  दादी नानी नहीं रही वह कथा कहानी कहां  गई  पीपल की छांव वो बचपन की याद पुरानी   सावन  के  झूले  कहां  अब कहां बरसता टिप टिप पानी बहुत सुहानी लगती हमको वो  बचपन  की  याद पुरानी   निकर पहन स्कूल…

  • सिंदूर दान

    सिंदूर दान   रक्त वर्ण सुवर्ण भाल कपाल का श्रृंगार है यह। ये मेरा सिंदूर है भरपूर है संस्कार है यह।।   तुम न होते मैं न होती कौन होता, फिर जगत में कुछ न रहता शून्य होता, पर हमारे प्रणय पथ के प्रण का मूलाधार है यह।।ये मेरा०   सप्तफेरी प्रतिज्ञा जब प्रकृति में…

  • राखी भी धन्य हो रही | Rakhi Poem in Hindi

    राखी भी धन्य हो रही ( Rakhi bhai dhanya ho rahi )   राखी भी धन्य हो रही, सज शहीद मूर्ति की कलाई पर रक्षा बंधन अद्भुत अनुपम, अनंत भाई बहन स्नेह । असीम मंगल उर भावनाएं, अथाह आनंद खुशियां मेह। शहादत वंदन अभिनंदन शीर्ष , रक्षा सूत्र बांधती बहन रुलाई पर । राखी भी…

  • सैनिक देश का अभिमान | Sainik Desh ka Abhiman

    सैनिक देश का अभिमान ( Sainik desh ka abhiman )   देश का सैनिक होता है अपने देश का अभिमान, करना देश के वासियों तुम उसका मान-सम्मान। लुटा देते है वतन के खातिर जो अपनी यह जान, करना उन पर गर्व साथियों होता देश की शान।। धन्य है वह माॅं-बाप जिन्होंने जन्मी ऐसी सन्तान, जान…

  • होली में हो गया खेला

    होली में हो गया खेला होली में हो गया खेला झरेलाहोली में हो गया खेला, ज़ेलेंस्की देखत रहें हिरो बने के सपनारूस अमेरिका ने धड़के धकेला झरेलाहोली में हो गया खेला। होली में हो गया खेला झरेलाहोली में हो गया खेला। ज़ेलेंस्की पकावत रहें मन में पुवामुंह झुलस के भईल गुलगुला झरेलाहोली में हो गया…

  • जिजीविषा सदा विजयंत | Jijeevisha

    जिजीविषा सदा विजयंत   मानव जन्म सृष्टि पटल, अलौकिक अनुपम छवि । देवत्व प्रभा मुखमंडल, ओज पुंज सदृश रवि । स्नेह दया सहयोग मूल, सदा गमन नैतिकता पंत । जिजीविषा सदा विजयंत ।। दुःख कष्ट सम धूप छांव , प्रति पल परिवर्तन कारी । सुख आनंद नेह संविदा, धर्म आस्था अंतर धारी । जीव जंतु…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *