नीरज चोपड़ा

नीरज चोपड़ा | Niraj Chopra Par Kavita

नीरज चोपड़ा

( Niraj Chopra Par Kavita )

 

सुहाषिनी सुदर्शनी सी लगी,

लो शुभ बिहान आ गया।

 

सौभाग्य से स्वर्णीम पदक ले,

भारत का लाल आ गया।

 

गर्वित  हुआ  आनन्द  मन  उल्लास,

 वृहद  छा  गया,

 

भगवा भवानी भारती के,

सौन्दर्य निखर के आ  गया।

 

✍?

 

कवि :  शेर सिंह हुंकार

देवरिया ( उत्तर प्रदेश )

 

परिचय:-

नाम. शेर सिंह सर्राफ हुंकार
पिता – स्व0 महेशेन्द्र शंकर सिंह
माता – दमयन्ती देवी
पत्नी – प्रिया सोनी
जन्मतिथि – 05/07/1976

शिक्षा – एम.ए. राजनीति शास्त्र, शिक्षा विशारद, बी0एड0
प्रकाशन पत्र पत्रिका व समाचार पत्रों में ।
सांझा संकलन।
बज्म ए हिन्द, भावाजंली तृतीय, नारी नारायणी, शहादत एक इबादत
कुछ रचनाएँ ई पत्रिकाओं में प्रकाशित।
पता – बर्तन घर एवं ज्वेलर्स
नयी बाजार, देवरिया (उ0प्र0)
पिन – 274001

यह भी पढ़ें : –

श्याम रंग में | Hindi Poetry

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