• उनके होंठों पे थी हंसी कल शब

    उनके होंठों पे थी हंसी कल शब उनके होंठों पे थी हंसी कल शब।रोशनी सी थी तीरगी कल शब। चांद उतरा था अपने आंगन में।हम पे बरसी थी चांदनी कल शब। कुछ क़दम भी हमारे बहके थे।कुछ हवा भी थी मधभरी कल शब। जो भी कहना था कह दिया उनसे।आ गई काम मयकशी कल शब।…

  • छठ पूजा के गीतों की मधुरिमा

    छठ पूजा के गीतों की मधुरिमा से यूट्यूब चैनल भक्तिमय हो गया है, नये और पुराने गायक/गायिकाएं वातावरण को रस से भर दिए हैं। क्या गांव क्या शहर सभी ओर गीत ही गीत गूंज रहे हैं। शारदा सिन्हा जी को तो भुलाया ही नहीं जा सकता तो भरत शर्मा को बिना सुने रहा भी नहीं…

  • तुम साधना हो

    तुम साधना हो तुम ईश्वर की अनुपम संचेतना होरचित ह्दय प्रेम की गूढ़ संवेदना होक्या कहा जाए अद्भुत सौन्दर्य वालीतुम सृष्टि की साकार हुई साधना हो । घुँघराले केश, मृगनयनी, तेज मस्तकअंग सब सुअंग लगें यौवन दे दस्तक।ठुड्डी और कनपटी बीच चमके कपोलकवि सहज अनुभूति की तुम पालना हो । तुझसे जुड़कर कान की बाली…

  • मैं माटी का दीपक हूँ

    मैं माटी का दीपक हूँ जन्म हो या हो मरणयुद्धभूमि में हो कोई आक्रमणसरण के अग्निकुण्ड का हो समर्पणया पवित्र गंगा मे हो अस्थियों का विसर्जनमैं जलाया जाता हूँमाटी का दीपक हूँ ….अंत में इसी रजकण मे मिल जाता हूँमैं माटी का दीपक हूँमाना की नहीं हैसूर्य किरणों सी आभा मुझमेचंद्र सी नहीं है प्रभाअसंख्य…

  • लक्ष्मी | Laxmi

    अरे सुनते हो दीपावली का दिवस आ गया है एन वक्त पर बहुत भीड़भाड़ हो जाती है देखो धन्वंतरि पूजा चतुर्दश धनतेरस छोटी दीवाली बड़ी दिवाली भैया दूज मनाने तक बहुत सारे दिए चाहिए, इसलिए जल्दी चलकर हम लोगों को दिए और जरूरत के सामान खरीद लेने चाहिए। शारदा जी ने थोड़ी तेज आवाज में…

  • ये दिवाली है निराली

    ये दिवाली है निराली जगमग-जगमग करती आई प्यारी ये दिवाली,कोना कोना साफ़ करों बजाओ सब ये ताली।कार्तिक माह की अमावस है इसदिन निराली,जेब हमारी ख़ाली है पर पकवान भरी थाली।। साफ़ करों घर का ऑंगन एवं बाहर की नाली,दोस्तों के संग ख़ूब खेलो राम-श्याम मिताली।बयां नही किया जाता अलोकित यह दिवाली,मालपुआ शक्करपारा संग दाल बनें…

  • पुलिस स्मृति दिवस

    पुलिस स्मृति दिवस मुॅंह से आज भी बोलती है उन वीरों की तस्वीरें,देश के लिए अपनी जान गंवाए वो ऐसे थें हीरे।कोई शब्द नही है उन वीरों के लिए पास हमारे,फिर भी कविता-लिखता हूॅं मैं उदय धीरे-धीरे।। २१ अक्टूब‌र दिन था वो १९५९ की काली-रात,तीसरी बटा की कंपनी हाॅट स्प्रिंग मे थी तैनात।सीमा सुरक्षा जिम्मेदारी…

  • भगवान महावीर का 2551 वां निर्वाण कल्याणक दिवस दीपावली पर्व

    आज से ठीक 2550 वर्ष पूर्व भगवान महावीर का आज के दिन निर्वाण हुआ था । आज के इस निर्वाण दिवस पर मेरा भावों से प्रभु को शत – शत वन्दन ! इस अवसर पर मेरे भाव – दीपों के पर्व पर चेतन , निज घर में कर तू आत्मरमणप्रभु महावीर की तरह स्वयं को…

  • मिलने जब यार से चला होगा

    मिलने जब यार से चला होगा मिलने जब यार से चला होगाप्यार का तब नशा चढ़ा होगा खिल गए फूल दिल में खुशियों केबनके महताब जब मिला होगा इतनी चाहत भरे हो तुम दिल मेंगुल भी तो प्यार का खिला होगा जब भी आया तुझे सनम मिलनेहाल दिल का बयां हुआ होगा कुछ सुना हाल…

  • कौन देता सहारा किसी को

    कौन देता सहारा किसी को कौन देता सहारा किसी कोलोग जीते हैं अपनी ख़ुशी को रश्क करने लगे तुझ से दुनियाइतना रंगीन कर ज़िन्दगी को इक मुसाफ़िर ने दिल में उतर करदिल से बाहर किया है सभी को मिन्नतें कर के तौबा भी कर लीछोड़िए आप अब बरहमी को झुक गये वक़्त के फ़ैसले पररोते…