• ऐसा एक दिन आएगा

    ऐसा एक दिन आएगा गोकुल में जन्म लेंगे कान्हा कारागार पछताएगा ऐसा एक दिन आएगा इस देश की तरह पुण्य मय होगी राम होंगे हृदय में मन कान्हा हो जाएगा ऐसा एक दिन आएगा न्याय के लिए ना भगाना होगा गरीब अमीर सबको बराबर इलाज मिल जाएगा ऐसा एक दिन आएगा हां ऐसा एक दिन…

  • हे कृष्ण मुरारी | Hey Krishna Murari

    हे कृष्ण मुरारी  ( Hey Krishna Murari ) हे!कृष्ण मुरारी तुम्हें फिर इस धरा पर आना होगा छोड़ बाँसुरी की मधुर तान व्यभिचारी दुःशाशनों से द्रोपदी का चीर बचाना होगा नारी आज अबला नहीं सबला है ये अहसास उन्हें कराना होगा उनके भीतर काली और दुर्गा के स्वरूप से रूबरू कराना होगा स्त्री की इज्जत…

  • मुरलीवाला | Kavita Muraliwala

    मुरलीवाला ( Muraliwala ) दुनिया से निराला है तू बंसी वाला। जन्म दिया देवकी ने यशोदा ने पाला। गोपियों का प्रेमी, जग का रखवाला। नाचती हैं ठुमुक ठुमुक वो बृजबाला। छोटे छोटे पांव हैं, रंग का है काला। मगर चितचोर तू वो मुरलीवाला। शांत हो जाती है अंतर से ज्वाला। जपे जो भी कोई, तेरे…

  • कृष्ण लला | मत्त गयंद सवैया

    कृष्ण लला कृष्ण लला अवतार लिए चॅंहु ओर बजे दिन रैन बधाई। सोहर गाय रहीं ब्रज नार सुहासित नंद जसोमति माई। अंबर से अवनी तक आज सभी नर नार रहे मुसकाई। खेल रचा बिधना चुपचाप निहार रहे क्षण मंगलदाई।। केशव बेटिन को दुख कष्ट निवार धरा पर लाज बचाओ घूम रहे चॅंहु ओर दुशासन चीर…

  • गोवर्धन गिरधारी | Kavita Govardhan Girdhari

    गोवर्धन गिरधारी ( Govardhan Girdhari ) जय जय जय कृष्ण मुरारी गोवर्धन गिरधारी! पूर्णावतार प्रेमावतार रसनावतार भवतारी!! बाधा दूर करो तुम सबकी आकर के बनवारी! जय जय जय कृष्ण मुरारी गोवर्धन गिरधारी भंवर बीच में आज है भारत जिस पर तुमने जन्म लिया! आकर मुक्त करो संकट से जिसे दुष्टों ने ग्रसित किया!! मुरली मनोहर…

  • मनमोहक कृष्णा | Manmohak Krishna

    मनमोहक कृष्णा ( Manmohak Krishna ) मन को लुभा रही कान्हा तेरी चंचल चितवन। देखूं तुझको खो जाऊं सुंदर छवि में मनमोहन। तेरी बंसी की धुन सुनते ही रोम रोम हो मेरा तरंगित। तेरे दर्शन पा जाऊं तो तन मन हो जाए सुगंधित। मधुर मुस्कान तेरे होंठों की दिल चुरा ले जाए है छलिया। होंठों…

  • सबके संग रम जाते कृष्ण

    सबके संग रम जाते कृष्ण अँखियन मिचत रोवत आवे कृष्ण, नटखट कन्हा खूब ही भावे कृष्ण । माँ पुकार से जियरा हरसाये कृष्ण, घुटुरन बकैया-बकैया मनभावे कृष्ण ।। माटी मुंह, रज चंदन देह में लपेटे कृष्ण, क्रीड़ा करत मित्र ब्रज वीर समेटे कृष्ण । मुग्ध गोपियन, मुग्ध मैया, बाबा है, कृष्ण, पशु पक्षी मुग्ध हो…

  • किशन बाँसुरी तूने जब भी बजाई

    किशन बाँसुरी तूने जब भी बजाई किशन बाँसुरी तूने जब भी बजाई तेरी राधिका भी चली  दौड़ी आई नहीं और कुछ देखने की तमन्ना तुम्हारी जो  मूरत है मन में समाई हुई राधिका सी मैं भी बाबरी अब कथा भागवत माँ ने जब से सुनाई रहे भक्त तेरी शरण में सदा जो भंवर से उसी…

  • हल छठ पर हाइकू

    हल छठ पर हाइकू माह पावन भाद्रपद षष्ठी को छठ पूजन, पुत्र पुत्री के लंबी उम्र के हित व्रत रखते, छट की पूजा करते हिलमिल प्रकृति पूजा, लगता भोग चावल पसही का है उपयोग, महुआ लाते दूध दही भैंस का खाया करते। कर अर्पण सतंजा अनाज को भर कुल्हड़, महुआ पत्ते और उसके दोने शुभ…

  • मुंतज़िर रहता खुशी को | Ghazal Muntazir Rahta

    मुंतज़िर रहता खुशी को ( Muntazir Rahta ) मुंतज़िर रहता खुशी को मन बहुत कट रहा है गम भरा जीवन बहुत प्यार की खुशबू से मैं वीरान हूँ है कहीं उल्फ़त भरा गुलशन बहुत एक मैं हूँ प्यार से भीगा नहीं प्यार का बरसा कहीं सावन बहुत जिंदगी में भेज दे कोई हसीं जिंदगी में…