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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • कुमार अहमदाबादी की रुबाइयाँ
    शेरो-शायरी

    कुमार अहमदाबादी की रुबाइयाँ | Rubaiyat of Kumar Ahmadabadi

    ByAdmin July 8, 2024February 5, 2025

    आवाज़ सर्वोत्तम मीठी औ’ प्यारी आवाज़ममता में डूबी दीवानी आवाज़कर देती है तन मन को शांत सुखीमाँ की पीयूषी लोरी की आवाज़ आज थोडा सा मन को बहलाने दे आजसूखे पुष्पों को महकाने दे आजबरसों से जिन्हें छेड़ा नहीं है उनरिसते घावों को सहलाने दे आज सूरज गंगा सूरज गंगा चांद सितारे देखेनवरस से भरपूर…

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  • दी गर्दन नाप
    कविताएँ

    दी गर्दन नाप | Di Gardan Naap

    ByAdmin July 8, 2024

    दी गर्दन नाप ( Di Gardan Naap ) चार चवन्नी क्या मिली, रहा न कुछ भी भान। मति में आकर घुस गए, लोभ मोह अभिमान।। तन मन धन करता रहा, जिस घर सदा निसार। ना जानें फिर क्यों उठी, उस आँगन दीवार।। नहीं लगाया झाड़ भी, जिसने कोई यार। किस मुँह से फिर हो गया,…

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  • हर लम्हा
    शेरो-शायरी

    हर लम्हा | Nazm Har Lamha

    ByAdmin July 8, 2024

    हर लम्हा ( Har Lamha ) छुपकर क्या देखता है तमाशा मेरी तबाही का आंख मिलाकर लुत्फ उठा किस्सा ए रुसवाई का हर कदम जिंदगी से नसीहतें पा रहा हूं मैं हर लम्हा अनुभवों की दौलतें सजा रहा हूं मैं हर सांस के अहसान की कीमत चुकाई है मैंने हर रिश्ते की अहमियत खुद को…

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  • आनंद के पल | Kavita Anand ke Pal
    कविताएँ

    आनंद के पल | Kavita Anand ke Pal

    ByAdmin July 8, 2024July 8, 2024

    आनंद के पल ( Anand ke Pal ) जीवन की खुशीयों का मोल समझो। अपने परायें के सपनों को समझो। प्यार मोहब्बत की दुनिया को समझो। और समय की पुकार को समझो।। मन के भावों को समझते नही। आत्म की कभी भी सुनते नही। दुनिया की चमक को देखते हो। पर स्वयं को स्वयं में…

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  • अपना लिया बेगाने को | Ghazal Apna Liya
    ग़ज़ल

    अपना लिया बेगाने को | Ghazal Apna Liya

    ByAdmin July 8, 2024July 8, 2024

    अपना लिया बेगाने को ( Ghazal Apna Liya Begane ko ) मैंने देखा है न बोतल को न पैमाने को शैख आते हैं मगर रोज़ ही समझाने को जाम पर जाम दिये जायेगी जब उनकी नज़र कौन जा सकता है इस हाल में मैख़ाने को निकहत-ओ-नूर में डूबी हुई पुरक़ैफ फ़िज़ा इक नया रंग सा…

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  • विनती करो स्वीकार माँ | वंदना
    कविताएँ

    विनती करो स्वीकार माँ | वंदना

    ByAdmin July 8, 2024

    विनती करो स्वीकार माँ हे शारदे ,वंदन नमन विनती करो , स्वीकार माँ । शुचिता सदा ,उर में भरो प्रज्ञा सुफल , शृंगार माँ ।। श्वेतांबरा ,कर मति विमल अंतर बहे ,धारा तरल । दे लक्ष्य अब ,पावन सकल भर शक्ति रस ,हर भव गरल ।। हो स्नेह की ,भाषा नयन उर में भरो ,संस्कार…

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  • गुप्त नवरात्रि
    विवेचना

    गुप्त साधनाओं एवम् अपने ईष्ट की प्रसन्नता के लिए गुप्त नवरात्रि है विशेष

    ByAdmin July 8, 2024

    नवरात्रि का यदि हम स्मरण करते हैं तो विशेष रूप से नवदुर्गा में दुर्गा पूजा का भाव आता है वैसे हम वर्ष में दो बार दुर्गा पूजा आध्यात्मिक उपासना के साथ धूमधाम से पूजन अर्चन करते हैं लेकिन इसके अतिरिक्त भी साल में दो नवरात्रि आते हैं जिन्हें गुप्त नवरात्रि के नाम से हम सभी…

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  • टिप टिप बरसा पानी | Geet Tip Tip Barsa Pani
    गीत

    टिप टिप बरसा पानी | Geet Tip Tip Barsa Pani

    ByAdmin July 7, 2024

    टिप टिप बरसा पानी ( Tip Tip Barsa Pani ) टिप टिप बरसा पानी, अब मौसम हुआ सुहाना। रिमझिम रिमझिम बरसे, मेघा गाए नया तराना। टिप टिप बरसा पानी घोर घटाएं अंबर छाई, उमड़ घुमड़ मेघा आए। काले काले बादल बरसे, ठंडी ठंडी बुंदे लाएं। दमके दामिनी नभ में, जब गरजे बरखा रानी। झिरमिर झिरमिर…

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  • तितली लगती है
    ग़ज़ल

    तितली लगती है | Ghazal Titli Lagti Hai

    ByAdmin July 7, 2024

    तितली लगती है ( Titli Lagti Hai ) माह धनक खुशरंग फ़जा तितली लगती है पाक़ीज़ा फूलों सी वो लड़की लगती है। सौदा बेच रही है वो ढॅंक कर पेशानी बातों से ढब से सुलझी सच्ची लगती है। देख के उसको दिल की धड़कन बढ़ जाती है ना देखूं तो सांस मेरी रुकती लगती है।…

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  • आम
    कविताएँ

    आम | Aam

    ByAdmin July 7, 2024July 7, 2024

    आम ( Aam ) आम सब फलों का राजा मीठा रसीला फलों का राजा जून में लग जाता जोरदार खट्टा मीठा फलों का राजा नाम दाम रंग रूप अनेक स्वाद सुंदर फलों का राजा दशहरी हापूज़ तोता पुरी ताज़ा लंगड़ा केस़र फलों का राजा मिश्री से मीठा मधुर ज़ायक़ा कच्चा पक्का फलों का राजा कच्चे…

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