• स्त्री मन सदा कुंवारा

    स्त्री मन सदा कुंवारा कोमल निर्मल सरस भाव, अंतर अनंत मंगल धार । त्याग समर्पण प्रतिमूर्ति, धैर्य संघर्ष जीवन सार । सृजन अठखेलियों संग, अनामिक अविरल धारा । स्त्री मन सदा कुंवारा ।। अप्रतिम श्रृंगार सृष्टि पटल, स्नेहगार दया उद्गम स्थल । पूजनीय कमनीय शील युत, नैतिक अवलंब दृष्टि सजल । आत्मसात नित्य यथार्थ बिंदु,…

  • दिल लगा मत दिल्लगी में

    दिल लगा मत दिल्लगी में है सुकूँ बस दोस्ती में ! चैन उजड़े दुश्मनी में ए ख़ुदा पैसे मुझे दे जी रहा हूँ मुफ़लिसी में कौन मिलता प्यार से है अब नहीं उल्फ़त किसी में दे ख़ुशी अब तो खुदाया ग़म भरे है जिंदगी में हिज्र बस आज़म मिलेगा दिल लगा मत दिल्लगी में शायर: आज़म…

  • जरूरत क्या है | Ghazal Zaroorat kya Hai

    जरूरत क्या है ( Zaroorat kya Hai ) बेसबब बात बढ़ाने की ज़रूरत क्या है सर पे तूफ़ान उठाने की ज़रूरत क्या है। बात होती हो अगर हल जो मुहब्बत से तो तोप तलवार चलाने की ज़रूरत क्या है। जो हैं मशहूर बहुत खुद पे तक़ब्बुर जिनको उनसे उम्मीद लगाने की ज़रूरत क्या है। भूल…

  • जब छाई काली घटा

    जब छाई काली घटा जब छाई काली घटा, उमड़ घुमड़ मेंघा आए। रिमझिम बदरिया बरसे, उपवन सारे हरसाए। जब छाई काली घटा घन गाए बिजली चमके, नेह बरसे हृदय अपार। मूसलाधार बूंदे पड़ रही, सावन की मधुर फुहार। ठंडी ठंडी मस्त बहारें, भावन अंबर में छाई घटा। दमक रही दामिनी गड़ गड़, व्योम में बादल…

  • कैमरा एक्शन और खुशी

    आज खुशी का मन बहुत उदास था! जैसे मानो सब कुछ उजड़ गया। क्योंकि आज उसको पता चला कि उसका फ्रेंड्स अकाउंट जिस पर वह दिन रात चैटिंग करती हैं वह अचानक से हैक कर लिया गया और संबंधित अकाउंट भी खुल नहीं रहे। समझो कि उसके पैरों तले जमीन निकल गई जैसे किसी ने…

  • अजेय इंडिया हमारा

    अजेय इंडिया हमारा आन-बान-शान की निशानी है इंडिया जीत टी-20 का प्रमाण है इंडिया परचम अजेय का गगनचुम्बी है इंडिया पंख जज्बा-जोश की बुलंदी है इंडिया विजयी विराट की लहर है इंडिया वैश्विक चुनौतियों का सामना है इंडिया शेखर कुमार श्रीवास्तव दरभंगा( बिहार) यह भी पढ़ें :-  बचपन लौटा दो | Kavita Bachpan lauta do

  • मेरा प्यार | Kavita Mera Pyar

    मेरा प्यार  ( Mera Pyar ) दिल है सुंदर मन है सुंदर। और तुम भी हो सुंदर। दिलकी बातें कह नहीं पाती। पर मन के भाव दिखती हो।। करते हो यदि प्यार तुम तो आँखो से कह दो। प्यार तुम्हारा छुप न रहा। अब तो तुम कुछ कह दो।। मन तेरा अब भटक रहा है।…

  • हिन्दी की बिंदी | Kavita Hindi ki Bindi

    हिन्दी की बिंदी ( Hindi ki Bindi ) अंग्रेजी के लेटर भी रहते हैं साइलेंट। हिन्दी की बिंदी भी बजा देती है बैंड। एक बिंदी भी दिखाती है इतना कमाल। शब्द के अर्थ में मचा देती है धमाल। आसमां को उतार कर धरती में ला सकती है। धरती को उठाकर आसमां में पहुंचा सकती है।…

  • दुख के राह हजार हैं

    दुख के राह हजार हैं दुख के राह हजार हैं सुख की कोई राह नहीं क्यों अन्तर में पलता है विकट वेदना चाह नहीं। कुमुद निशा में लेटी है चंचलता बस खेती है सारे द्रुम विश्वास टिके हैं मन में क्यों वैराग्य नहीं। दूर दृष्टि में छोड़ गये हैं बन्धन सारे तोड़ गये हैं कितना…

  • एक प्रेम गीत सुनाओ मुझे

    एक प्रेम गीत सुनाओ मुझे एक प्रेम गीत सुनाओ मुझे जिसमें प्रिय एक कहानी हो ना राजा हो ना रानी हो प्रियसी प्रेमी की जिंदगानी हो ।। एक प्रेम गीत सुनाओ मुझे जिसमें मिलने की चाहा रही उसकी कोई तो निशानी हो ऐसी मनोरम सी कहानी हो ।। एक प्रेम गीत सुनाओ मुझे …….. जिसमें…