पतझड़ सावन बन जाता है | Geet Patjhad
पतझड़ सावन बन जाता है दुआओं से झोली भरकर जब जीवन मुस्कुराता है। सारी बलाएं टल जाती पतझड़ सावन बन जाता है। पतझड़ सावन बन जाता है रोज शिवालय शिव की पूजा गंगाजल जो पाता है। हर हर महादेव कंठो से सुबह शाम जो भी गाता है। बिगड़े सारे काम बनते वो कीर्ति पताका लहराता…










