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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • भोर तक
    कविताएँ

    भोर तक | Kavita Bhor Tak

    ByAdmin April 26, 2024

    भोर तक ( Bhor Tak )   लोग तो बदल जाते हैं मौसम का रंग देखकर मगर तुम न बदलना कभी मेरा वक्त देखकर बड़े नाज़ों से पाला है, यकीं हो न हो तुम्हें शायद पर तुम न बदलना कभी जमाने का ढंग देखकर सूरत हो कैसी भी आपकी, दिल से प्यारी मुझे समझ लेना…

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  • शोषित समाज के प्रति चिंता प्रधान ग़ज़ल-संग्रह:-  “ज़िन्दगी अनुबंध है”
    पुस्तक समीक्षा

    शोषित समाज के प्रति चिंता प्रधान ग़ज़ल-संग्रह:- “ज़िन्दगी अनुबंध है”

    ByAdmin April 26, 2024

    आज मैं बहुत खुश हूं कि लीक से हटकर लिखी गईं आर. पी. सोनकर जी की ग़ज़लें पढ़ रही हूं । हम देखते हैं कि पारंपरिक ग़ज़लों में प्रेम , मोहब्बत,और विरह की शायरी होती है । क्योंकि शे’रो – शायरी ज्यादातर समृद्ध वर्ग के लोग ही लिखते आए हैं और उन्होंने सामाजिक न्याय, समता…

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  • ग़र्ज़ के रिश्ते
    शेरो-शायरी

    ग़र्ज़ के रिश्ते | Garz ke Rishte

    ByAdmin April 26, 2024April 26, 2024

    ग़र्ज़ के रिश्ते ( Garz ke Rishte )   कुछ एक रिश्ते ऐसे भी होते हैं, जो बिना ग़र्ज़ के बने होते हैं, उनकी शानो-शौकत न देखी जाती, जिनको हमारे दिल ने चुने होते हैं, ग़र्ज़ के रिश्तों में चाहत के निशाँ न मिले, उनमें तो महज़ ग़र्ज़ के धूल भरे होते हैं, ग़र्ज़ की…

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  • Kavita aasman tak
    कविताएँ

    आसमान तक पहुंच हो

    ByAdmin April 26, 2024April 26, 2024

    आसमान तक पहुंच हो   आसमान तक पहुंच हो, धरती पर हो पांव। कर लो शुभ कर्म ऐसे, रोशन हो जाए गांव। कीर्ति पताका नभ छाए, दुनिया में हो नाम। आओ मिलके हम करें, परोपकार के काम। लाठी का सहारा बने, स्नेह की बहती धारा। बस जाए दिलों में हम, आंखों का बन तारा। दुआओं…

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  • चुनाव क्यों न टले
    कविताएँ

    जय-जय मतदाता | Kavita Jay Jay Matdata

    ByAdmin April 26, 2024April 26, 2024

    जय-जय मतदाता (  Jay Jay Matdata )   जय-जय मतदाता, पढ़ उनका बही-खाता, नेता होते सयाने, नेता होते सयाने, तू देश का निर्माता…..जय-जय मतदाता.. जय-जय मतदाता, पढ़ उनका बही-खाता, नेता होते सयाने, नेता होते सयाने, तू देश का निर्माता…..जय-जय मतदाता.. चाटुकारिता, लालच से फिर देखो तुम बचना, देश की हो तुम ताकत,देश की हो तुम…

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  • Kavita Aao Bewajah Baat Karen
    कविताएँ

    आओ बेवजह बातें करें | Kavita Aao Bewajah Baat Karen

    ByAdmin April 26, 2024

    आओ बेवजह बातें करें ( Aao Bewajah Baat Karen )   आओ बैठो बेवजह बातें करते हैं। जीवन में कुछ सुनहरे रंग भरते हैं। मुस्कुराता चेहरा चमक सा जाए। हंस हंसकर हल्का दिल करते हैं। थोड़ा तुम कहो थोड़ी सुन लो हमारी। दर्द की दास्तान कह दो पीड़ाएं सारी। अफसाने हमारे ना तुमको रुला पाए।…

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  • अंतर लहरें उठ रही हैं
    कविताएँ

    अंतर लहरें उठ रही हैं, नेह के स्पंदन में

    ByAdmin April 26, 2024

    अंतर लहरें उठ रही हैं, नेह के स्पंदन में   मन गंगा सा निर्मल पावन, निहार रहा धरा गगन । देख सौम्य काल धारा, निज ही निज मलंग मगन । कर सोलह श्रृंगार कामनाएं, दृढ़ संकल्पित लक्ष्य वंदन में । अंतर लहरें उठ रही हैं, नेह के स्पंदन में ।। नवल धवल कायिक आभा, स्नेहिल…

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  • Kavita Maa ki Yaadein
    कहानियां

    मां की पुण्यतिथि | Kahani Maa ki Punyatithi

    ByAdmin April 25, 2024

    एक विद्यालय में महिला अभिभावक अपने बच्चों के एडमिशन के लिए आई वह प्रधानाचार्य जी से कहे जा रहे थी -“देखिए यह सामने दरवाजा लगा दीजिएगा । वह बाहर साइड में बच्चा ना जाने पाए । मैडम जी! यह बच्चा हमें बहुत समय बाद पैदा हुआ है । इसे मैं गली में भी नहीं खेलने…

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  • Acharya Shri Mahapragya Ji
    कविताएँ

    आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी | Acharya Shri Mahapragya Ji

    ByAdmin April 25, 2024June 26, 2024

    आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी  ( Acharya Shri Mahapragya Ji ) ( 2 ) महाप्रज्ञजी का ध्यान धर ले । कर ले अंतर में होश धर ले मन में संतोष । सच्चा सुख वही पायेगा । महाप्रज्ञजी का ध्यान धर ले । जग में जीना है दिन चार । धर्म से पावन कर ले अपने मन…

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  • Matdan ka Mahakaj
    कविताएँ

    चुनाव परीक्षा पर्व | Kavita Chunav Pariksha Parv

    ByAdmin April 25, 2024

    चुनाव परीक्षा पर्व  ( Chunav Pariksha Parv )   कल चुनाव परीक्षा पर्व है हमारा आप पर गर्व है तैयारी करो तन मन से उत्तीर्ण होना परीक्षा पर्व है मानस बना दो चित्त से अंक अनंत परीक्षा पर्व है हर बूथ परीक्षा क़ेंद्र मज़बूत करना मतदान परीक्षा पर्व है तरक़्क़ी वास्ते परीक्षा पास ज़रूरी बनोगे…

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