• आज की शादी में | Kavita Aaj ki Shaadi mein

    आज की शादी में ( Aaj ki shaadi mein )   हो रहा है सतरंगी आकाश आज की शादी में बारात आई है इस शहर की घनी आबादी में। छोड़े नहीं कोई चावल – रोटी लेकर थाली में आँसू बह जाते हैं बिखरे दानों की बर्बादी में। कुत्ते अलग ही टूट रहे हैं एक दूजे…

  • रीड योर वे , आनंद का परम स्पंदन | Kavita Read Your Way

    रीड योर वे , आनंद का परम स्पंदन   पुस्तक आभा मनोहारी, उरस्थ शीतलता प्रदायक। तृप्त कर जिज्ञासा पटल, अभिव्यक्ति प्रेरणा नायक । शब्द भाव सरित वाहिनी, नित्य शुभता मानस मंडन । रीड योर वे, आनंद का परम स्पंदन ।। स्व रुचि अभिरुचि चयन, विषय शीर्षक सहज विकल्प । ज्ञान तरंगिनी भव्य उपमा, शिक्षण अधिगम…

  • ਕਿਤਾਬੀ ਮੋਹ

    ਡਾ. ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਕੌਰ ਫ਼ਲਕ ਜੇ ਕਿਤਾਬਾਂ ਸੰਗ ਦੋਸਤੀ ਨਾ ਹੁੰਦੀ ਹਰਫ਼ਾਂ ਸੰਗ ਪਿਆਰ ਨਾ ਹੁੰਦਾ ਤਾਂ ਮੈਂ ਵੀ ਘਰ ਦੀ ਚਾਰ-ਦੀਵਾਰੀ ਅੰਦਰ ਭੁਰਪੁਰੇ ਲਿਉੜ ਲੱਥੇ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਦੀਆਂ ਕੰਧਾ ਨੂੰ ਲਿੱਪਦੇ-ਪੋਚਦੇ ਖਪ ਜਾਣਾ ਸੀ। ਸ਼ੁਕਰ ਮੇਰੇ ਰੱਬਾ! ਤੂੰ ਮੈਨੂੰ ਹਰਫ਼ਾਂ ਰਾਹੀਂ ਕਿਤਾਬਾਂ ਦੇ ਲੜ ਲਾਇਆ ਤਨਹਾਈ ਦੀਆਂ ਧੁੱਪਾਂ ਤੋਂ ਬਚਾਇਆ ਕਿਤਾਬਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਮਟੇ ਤਜਰਬਿਆਂ ਨੇ…

  • तेरे चरणों में आया हनुमान

    तेरे चरणों में आया हनुमान   तेरे चरणों में आया हनुमान, मेरी तू बिगड़ी बना दे। (2) चीर के सीना तुम्हें कैसे दिखाऊँ, टूटी है कश्ती बता कैसे आऊँ। कर दे तू रहिया आसान, मेरी तू बिगड़ी बना दे। तेरे चरणों में आया हनुमान, मेरी तू बिगड़ी बना दे। रातों ही रात तू संजीवनी लाए,…

  • गिनती की सांसे | Poem Ginti ki Saanse

    गिनती की सांसे ( Ginti ki Saanse )   फूटल कौड़ी साथ में केहू न लेके जाई, लूटा मत दुनिया के सुना मेरे भाई। पाप और पुण्य कै ई बाटे दुई डगरिया, दुई दिन कै जिनगी बा, छूटी ई बजरिया। सोनवाँ जस देहियाँ के दीहैं लोग जलाई, लूटा मत दुनिया के सुना मेरे भाई। फूटल…

  • किताबें | Kavita Kitaben

    किताबें ( Kitaben )   ज्ञान का अनमोल भंडार किताबें। सदियों से सुरक्षित रखी गई किताबें। वेद, पुराण, उपनिषद, प्राचीनतम ग्रंथ हमारे। हमारी धर्म संस्कृति के वाहक। किताबों ने हम तक सुरक्षित पहुॅंचाए। फैलाया ज्ञान प्रकाश चंहुदिस।। गीता, रामायण ,महाभारत जैसे महान ग्रंथ, सदियों पहले लिखे गए थे। किताबों ने ही, हमें ज्ञान कराया इनका।…

  • संकटमोचन हनुमान | Kavita Sankatmochan Hanuman

    संकटमोचन हनुमान ( Sankatmochan Hanuman )   हे संकट मोचन हनुमान, तुम्हरे बिन संकट कौन हरे? तुम्हारे सिवा कोई नहीं हमारा। तू ही आकर दे दे सहारा। स्वीकार करो वंदन हमारा।। तुमने रघुनंदन के दुखड़े टारे। हर मुश्किल से पार निकाले। तुम राम जी के, राम तुम्हारे। समझा हमने भी तुम्हें हमारा। स्वीकार करो, वंदन…

  • हनुमान जन्मोत्सव | Kavita Hanuman Janmotsav

    हनुमान जन्मोत्सव ( Hanuman Janmotsav ) तुम ज्ञान- गुण – सागर हो श्रीराम की रक्षा के लिये जीवन का सर्वस्व मिटाकर तुमने युध्द में अपने कौशल्य से लंका – दहन किया . तुम्हारी जागृत मूर्ति को मैं प्रणाम करता हूं कि तुम्हारा नाम लेते ही शत्रु -नाश दुर्भाग्य -दूर और प्रेत-मुक्ति हो जाती है ….

  • कलियुग का दोहा | Kalyug ka Doha

    कलियुग का दोहा ( Kalyug ka Doha )   फूल रोपिए शूल पाईए झूठ बोलिए सुख रहिए जान लीजिए माल पाइए भला कीजिए बुरा झेलिये पानी मिलायिये रबड़ी खाइये फ़रेब कीजिए कुबेर अरजिए आंचल फैलायिये अस्मिता गंवायिये ठगते रहिए दनदनाते रहिए महल ठोकिए रहम भूलिए दूसरो खाइये आपन बिसारिये देह दिखाईए द्रव्य दर्शाईये शेखर कुमार…

  • हनुमान जयंती | Kavita Hanuman Jayanti

    हनुमान जयंती ( Hanuman Jayanti )   बल बुद्धि विद्या वृष्टि, हनुमंत साधना भक्ति से कलयुग साक्षात देव अनुपमा, भक्तजन सर्व दुःख कष्ट हर्ता । अनंत सद्य मंगल फलदायक, कर्म धर्म मनोरथ पूर्ण कर्ता । अंजनी सुत जन्मोत्सव बेला, सर्वत्र आनंद आराधना स्तुति से । बल बुद्धि विद्या वृष्टि, हनुमंत साधना भक्ति से ।। चैत्र…