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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem Aahista hi Sahi
    कविताएँ

    आहिस्ता ही सही कह जज़्बात | Poem Aahista hi Sahi

    ByAdmin April 8, 2024

    आहिस्ता ही सही कह जज़्बात ( Aahista hi sahi kah jazbaat ) आहिस्ता ही सही कह दो खोलो मन की गठरी। भाव भरा गुलदस्ता दास्तानें दिल की वो पूरी। लबों तक आने दो दिल के सागर की वो लहरें। छेड़ो प्रीत के तराने प्यारे होठों से हटा दो पहरे। नयनों से झांककर देखो जरा दिल…

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  • Hey manuj ab Kuch to bol
    कविताएँ

    हे, मनुज अब तो कुछ बोल | Kavita Hey Manuj

    ByAdmin April 8, 2024

    हे, मनुज अब तो कुछ बोल ( Hey manuj ab Kuch to bol )   मसल रहे है, कुचल रहे है, पंख कलियों के जल रहे है, उजड़ रहा है यह हरा भरा, चमन अमन का डरा डरा, मदारी इशारो पे नचा रहा, यहां कागा शोर मचा रहा, कब तक नंगा नाच चलेगा, कब तक…

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  • मतदान करो
    कविताएँ

    मतदान करो | Kavita Matdan Karo

    ByAdmin April 8, 2024

    मतदान करो ( Matdan Karo )   कन्यादान को हि कहा गया दान सर्वोच्च किंतु, समय की बदलती धारा में अब, मत दान हि है उच्च करना है यह पुण्य कर्म सभी को अत्यावश्यक् है यह धर्म सभी को इसमें नही भेद भाव उच नीच का समझना है भविष्य का मर्म सभी को एक वोट…

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  • Kavita Netra Jyoti
    कविताएँ

    नेत्र ज्योति | Kavita Netra Jyoti

    ByAdmin April 8, 2024

    नेत्र ज्योति ( Netra Jyoti ) पहला सुख निरोगी काया, वेद पुराण यश गाया। सेवा कर्म पावन जग में, नेत्र ज्योति जो दे सके। बुढ़े और बीमारी को, अंधों को लाचारों को। वक्त के मारो को, कोई सहारा जो दे सके। ऋषी मुनियों ने, साधु संतों और गुणियों ने। नेत्रदान महादान, जो दानवीर हो कर…

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  • Badlenge Mausam
    शेरो-शायरी

    बदलेंगे मौसम | Badlenge Mausam

    ByAdmin April 8, 2024

    बदलेंगे मौसम  ( Badlenge Mausam ) दरिया के पास प्यासे आने लगे हैं, बदलेगा मौसम बताने लगे हैं। कभी सोचने से न होती है बारिश, मन का वो बादल उड़ाने लगे हैं। आई है धूल ये उसी काफिले से, धड़कन मेरी वो बढ़ाने लगे हैं। जाएँगे लौट वो शहद चाट करके, तड़प मुझको अपनी दिखाने…

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  • कुमाऊं विश्वविद्यालय के शोधार्थी, अरविंद कुमार मौर्य को गुरु सम्मान से सम्मानित
    साहित्यिक गतिविधि

    कुमाऊं विश्वविद्यालय के शोधार्थी, अरविंद कुमार मौर्य को गुरु सम्मान से सम्मानित

    ByAdmin April 8, 2024

    कुमाऊ यूनिवर्सिटी के हिन्दी विभाग के शोधार्थी और प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र के बरामऊ गॉव निवासी असिस्टेंट प्रोफेसर श्री अरविन्द कुमार मौर्य को कोर यूनिवर्सिटी रुड़की के वर्धमान सभागार में आयोजित ” गुरु सम्मान समारोह ” में COER यूनिवर्सिटी, के कुलाधिपति श्री जे सी जैन जी द्वारा “ गुरू सम्मान ” से सम्मानित किया…

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  • Geet Mom sa Jigar
    गीत

    मोम सा जिगर | Geet Mom sa Jigar

    ByAdmin April 8, 2024

    मोम सा जिगर ( Mom sa jigar )   हम हैं कांटों से तय यह करते हैं आदमी खंजर है जिससे डरते हैं। हँसते चेहरे में लोग तो मिलते हैं फिर भी यकीन नहीं हम करते हैं। लूट गई बेटी कल पड़ोसन की रात में कम सफर हम करते हैं। उतर जाता है दीवार से…

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  • Chaliye to Tirath
    कविताएँ

    चलिए तो तीरथ | Chaliye to Tirath

    ByAdmin April 8, 2024April 8, 2024

    चलिए तो तीरथ ( Chaliye to Tirath )   एक पल तू- गीत उर गुनगुनाले संग अपंग होले रंग मायूस चढ़ाले खुशियां गुरबे बांट ले खामोशियां वक्त की छट जाएगी एक पल तू- मीत मन बिठाले गले हंसके लगाले प्रेम ह्रदय बसाले दुख जन हरले खाइयां ताउम्र मिट जाएगी एक पल तू- प्रीत जग जगाले…

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  • Soch Badalna Hoga
    ग़ज़ल

    सोच बदलना होगा | Soch Badalna Hoga

    ByAdmin April 8, 2024

    सोच बदलना होगा ( Soch Badalna Hoga )   गर समन्दर में रहना है तो तैरना सीखना होगा… मौजों से खेलना है अगर तो उनसा बनना होगा….. पुरानी सोच और सतही तरीके को बदलना होगा…. अब नये तरीकों पर हाथ आज़माना होगा….. काग़ज़ वही रहेगा क़लम भी वही होगा, लफ़्ज़ों का चुनाव मगर बदलना होगा,…

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  • Kavita Andhapan
    कविताएँ

    अंधापन | Kavita Andhapan

    ByAdmin April 8, 2024

    अंधापन ( Andhapan ) मेल, एक्स्प्रेस का नही, अब बुल्लेट ट्रेन या हवाई सफर का जमाना है यादों के फूटे हुए घड़े मे अब यादेँ भी अधिक देर तक नही ठहरती भागती हुयी रफ्तार मे वर्तमान बहुत तेजी से अतीत में बदलने लगा है नये की चाहत में पुरानी वस्तुयें हि नही पुराने लोग और…

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