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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Ghazal Mere Shehar ki
    ग़ज़ल

    मेरे शहर की नदी जो धार्मिक हो गई | Ghazal Mere Shehar ki

    ByAdmin April 7, 2024

    मेरे शहर की नदी जो धार्मिक हो गई ( Mere Shehar ki Nadi jo Dharmik Ho Gai )    प्यास की कहानी और मार्मिक हो गई, मेरे शहर की नदी जो धार्मिक हो गई। फरेब भी निठल्ली नहीं है आजकल, वो सियासत के महल में कार्मिक हो गई। चेहरे की रंगत तो बदली नहीं अभी…

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  • Aar ya paar
    कविताएँ

    आर या पार | हास्य कविता

    ByAdmin April 7, 2024April 8, 2024

    आर या पार ( Aar ya paar )   बीवी का जन्मदिन था यार, मेरे लिए था बड़ा त्यौहार। लेकिन जन्मदिन इस बार , लाया संग मुसीबत अपार। देना था मुझे उसे उपहार, लेकर आया मैं एक हार। आ रहा है तुम पर प्यार, इसको तुम पहन लो यार। देख हाथ में हीरो का हार,…

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  • Geet Chunaav Utsav
    गीत

    आ गया फिर चुनाव उत्सव | Geet Chunaav Utsav

    ByAdmin April 7, 2024

    आ गया फिर चुनाव उत्सव आ गया फिर चुनाव उत्सव, करो मतदान जाकर के। आ गया फिर चुनाव उत्सव, करो मतदान जाकर के । करो मतदान जाकर के… करो मतदान जाकरंके ….. करो मतदान जाकर के, आ गया फिर चुनाव उत्सव…… कहीं भी तुम रहो भैया , कहीं भी तुम रहो बहना, कहीं भी तुम…

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  • Maa
    कविताएँ

    माँ सब दुनिया से प्यारी | Hindi Poem on Maa

    ByAdmin April 7, 2024April 7, 2024

    माँ ( Maa )   माँ दुनिया का सबसे छोटा शब्द सही पर इससे बढ़कर शब्द नहीं माँ तो इस दुनिया से बेखबर मांँ होती सबसे अलग बेटा बेटी में भेद न करती प्रेम से हम सबको रखती गर किसी पर दुख आ जाएं उसका दिल तिलमिला जाएं मांँ होती है हरा वृक्ष सदा उसकी…

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  • Kavita Gumnam
    कविताएँ

    गुमान | Kavita Gumnam

    ByAdmin April 7, 2024

    गुमान ( Gumnam ) पहुँच जाओगे एवरेस्ट की उचाई तक नाप लोगे पाताल की गहराई भी पर, गिरने या डूबने पर बचाने वाले लोग भी हों ख्याल इस बात का भी रखना होगा हर मौसम अनुकूल नहीं होता हर कोई प्रतिकूल नही होता बनाकर चलते हैं जो उन्हे कुछ भी मुश्किल नहीं होता लहरों की…

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  • कागा की कविताएं
    कविताएँ

    कागा की कविताएं | Kaga Hindi Poetry

    ByAdmin April 7, 2024August 17, 2024

    राखड़ी पूनम पर्व भाई बहिन का पावन पर्व राखड़ी पूनम बहिन भाई का गोर्व गर्व राखड़ी पूनम सावन पूर्ण-मास का अंतिम पखवाड़ा पवित्र बहिन बांधे राखड़ी भाई कलाई पावन पवित्र चूनडी़ की चाहत छोड़ मांगना एक वचन मात पिता की सेवा मांगना एक वचन बहिना आप करना सास ससुर की सेवा जीवन होगा सफल सुखी…

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  • Kavita Adarsh Aachar Sanhita
    कविताएँ

    आदर्श आचार संहिता | Kavita Adarsh Aachar Sanhita

    ByAdmin April 7, 2024

    आदर्श आचार संहिता ( Adarsh Aachar Sanhita ) सबको रोकेगी, सब पर कानून लगायेगी। देश में चुनावी दंगल से पहले, आचार संहिता लग जायेगी। सबको पाबंद करेगी, सबको यह समझायेगी- उद्दण्ड़ करोगे; तो पछताओगे, आयोग के अधिकारों की डंड़ी, गलती करने वाले पर आचार संहिता का डंड़ा चलायेगी। उल्लंघन की गलती, इतनी भारी पड़ेगी, देखे,…

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  • सुनो दिकु | Kavita Suno Diku
    कविताएँ

    सुनो दिकु | Kavita Suno Diku

    ByAdmin April 7, 2024July 31, 2025

    कभी ना कभी कभी ना कभी तो लौटोगी तुम,इन सूनी राहों पर चलती हुई,जहाँ हर मोड़ पे तेरा नाम लिखा हुआ है,आवाज़ है मेरी खामोशी में पलती हुई। कभी ना कभी तो समझोगी तुम,इन अधूरे अल्फ़ाज़ों की पीर,जो हर रोज़ तुझसे मिलने को,तकिये के नीचे सोता हैं चुपचाप रखकर अपना सिर। कभी ना कभी तो…

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  • Dard Apne Sanam
    कविताएँ

    दर्द अपने सनम | Kavita Dard Apne Sanam

    ByAdmin April 7, 2024

    दर्द अपने सनम ( Dard Apne Sanam ) दर्द अपने सनम पराए क्यों हो गए। रिश्ते हमने है निभाए क्यों खो गए। पीर पर्वत से भारी हुई क्यों सनम। खुशियां बांटी हमने छुपाए है गम। खिल जाता चेहरा देख हमको जरा। दिल दीवाना कहो कहां वो प्यार भरा। बदली दुनिया तुम ना बदलना सनम। कैसे…

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  • Kavita Loktantra ke Mahayagya
    कविताएँ

    लोकतंत्र के महायज्ञ | Kavita Loktantra ke Mahayagya

    ByAdmin April 7, 2024April 7, 2024

    लोकतंत्र के महायज्ञ ( Loktantra ke Mahayagya )   लोकतंत्र के महायज्ञ में,मतदान आहुति अहम अष्टादश वय पार हर नागरिक, अधिकृत अप्रतिम मत प्रयोग । निर्वहन सजग अनूप भूमिका, निर्मित लोकतंत्र सुखद जोग । राष्ट्र धर्म प्रतिज्ञा अनुपालन, उरस्थ चित्र समृद्ध हिंद पैहम । लोकतंत्र के महायज्ञ में, मतदान आहुति अहम ।। देश सेवा तत्पर…

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